Census 2027 में पहली बार self-enumeration की सुविधा मिलेगी, जिससे लोग ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे।
Photo Credit: Unsplash/ Rupinder Singh
Census 2027: भारत में होने वाली अगली जनगणना को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। Census 2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों को “self-enumeration” का ऑप्शन दिया जा रहा है। यानी लोग अब खुद ही ऑनलाइन जाकर अपनी फैमिली और पर्सनल डिटेल्स भर सकेंगे, वो भी एन्यूमरेटर के घर आने से पहले। यह सुविधा अप्रैल 2026 से अलग-अलग राज्यों में Phase I के तहत शुरू की जाएगी। सरकार के मुताबिक इससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी और पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा आसान होगी।
जनगणना (Census) देश में रहने वाले हर व्यक्ति की आधिकारिक गिनती होती है, जिसमें उम्र, शिक्षा, रोजगार, घर की स्थिति और आर्थिक जानकारी जैसी डिटेल्स शामिल होती हैं। भारत में यह प्रक्रिया हर 10 साल में होती है और इसी डेटा के आधार पर सरकारी योजनाएं, संसाधनों का वितरण और पॉलिसी फैसले लिए जाते हैं।
इस बार जनगणना को दो फेज में बांटा गया है ताकि बड़े स्तर पर होने वाली इस प्रक्रिया को ज्यादा ऑर्गनाइज और एक्यूरेट बनाया जा सके।
सरकार का कहना है कि यह तरीका डेटा कलेक्शन को बेहतर बनाता है और गलती की संभावना को कम करता है।
Phase I (अप्रैल–सितंबर 2026) के दौरान करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें घर का टाइप, पानी, बिजली, शौचालय, कुकिंग फ्यूल, इंटरनेट और टीवी या वाहन जैसी चीजों की जानकारी शामिल होगी।
Phase II (फरवरी 2027) में व्यक्ति से जुड़ी जानकारी ली जाएगी, जैसे जाति, धर्म, भाषा, शिक्षा, नौकरी और माइग्रेशन डिटेल्स। पहाड़ी इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में यह प्रक्रिया पहले यानी सितंबर 2026 में ही पूरी कर ली जाएगी।
Self-enumeration इस जनगणना का सबसे बड़ा नया फीचर है। इसमें नागरिक खुद सरकारी पोर्टल पर जाकर अपनी डिटेल्स भर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑप्शनल है, लेकिन इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है क्योंकि इससे समय की बचत होती है और डेटा ज्यादा सही तरीके से रिकॉर्ड होता है।
यूजर्स को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना राज्य चुनना होगा, फिर मोबाइल नंबर और OTP के जरिए वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद वे अपनी भाषा चुनकर सभी जरूरी जानकारी भर सकते हैं। सबमिट करने के बाद एक 11-digit ID मिलेगी, जिसे बाद में एन्यूमरेटर को दिखाना होगा।
खास बात यह है कि यूजर अपनी एंट्री को ड्राफ्ट में सेव कर सकता है और तय समय तक उसमें बदलाव भी कर सकता है।
Self-enumeration की सुविधा हर राज्य में अलग-अलग तारीखों पर खुलेगी, जो आमतौर पर घर-घर सर्वे शुरू होने से करीब 15 दिन पहले होगी। Phase I का फील्डवर्क अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा, जबकि Phase II फरवरी 2027 में होगा।
सरकार का कहना है कि पोर्टल पर भरी गई सभी जानकारी एन्क्रिप्टेड रहेगी और सुरक्षित सर्वर पर स्टोर की जाएगी। जनगणना में भाग लेना कानून के तहत अनिवार्य है, लेकिन self-enumeration के जरिए इसे ज्यादा आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाने की कोशिश की जा रही है।
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