Crypto Price

Crypto Price - ख़बरें

  • Bitcoin ने पकड़ी रफ्तार, 70,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
    मिडल ईस्ट में तनाव कम होने और क्रूड ऑयल के प्राइसेज में कमी से क्रिप्टो मार्केट में सेंटीमेंट कुछ मजबूत हुआ है। पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का पीक लेवल बनाया था। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर बिटकॉइन का प्राइस 70,000 डॉलर के लेवल से ऊपर रहता है तो यह 71,000-73,000 डॉलर के रेजिस्टेंस की ओर बढ़ सकता है।
  • Bitcoin पर ट्रंप के टैरिफ की मार, 63,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,198 डॉलर का पीक लेवल बनाया था। इसके बाद से इसमें लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इस वर्ष बिटकॉइन का प्राइस लगभग 27 प्रतिशत घटा है। बिटकॉइन में गिरावट का Strategy (पहले MicroStrategy) जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर भी असर पड़ रहा है। इस एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर के पास सात लाख से अधिक बिटकॉइन हैं।
  • Bitcoin में गिरावट बरकरार, 65,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    इस वर्ष बिटकॉइन में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट हुई है। पिछले वर्ष यह 18 प्रतिशत घटा था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से भी क्रिप्टो और अन्य मार्केट्स में आशंका की स्थिति है। ट्रंप ने ईरान को न्यूक्लियर डील को लेकर चेतावनी दी है। पिछले वर्ष अक्टूबर में ट्रंप के कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने से क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट हुई थी।
  • Bitcoin का प्राइस 50,000 से नीचे गिरने की आशंका, Peter Schiff ने दी चेतावनी
    पिछले वर्ष अक्टूबर में Bitcoin का प्राइस 1,26,198 डॉलर के पीक पर पहुंच था। इसके बाद से इसमें 45 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हुई है। इस वर्ष बिटकॉइन में लगभग 23 प्रतिशत की गिरावट हुई है। पिछले वर्ष यह 18 प्रतिशत घटा था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी पर असर पड़ रहा है।
  • क्रिप्टो ट्रेडिंग फ्रॉड में आंध्र प्रदेश के कारोबारी से हुई 1.6 करोड़ रुपये की ठगी
    आंध्र प्रदेश में मल्काजगिरि सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कारोबारी ने पुलिस को बताया कि पिछले वर्ष फेसबुक पर उन्होंने दो क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को देखा था। ज्यादा रिटर्न और एक्सपर्ट की गाइडेंस के वादे के बाद उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के लिए रकम को ट्रांसफर करना शुरू किया था।
  • इस देश में प्रति दिन हो रही 64 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस.... 
    रूस में क्रिप्टो से जुड़ी वार्षिक ट्रांजैक्शंस की वैल्यू 130 अरब डॉलर से ज्यादा की है। रूस के डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर, Ivan Chebeskov ने बताया है कि देश में क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लाखों नागरिक क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े हैं। रूस में क्रिप्टो माइनिंग का सेगमेंट भी बढ़ रहा है। क्रिप्टो मार्केट के लिए जल्द ही नए रेगुलेशंस भी बनाए जा सकते हैं।
  • क्रिप्टो से इस देश को मिल रहा लाखों डॉलर का टैक्स....
    किर्गिस्तान को क्रिप्टो सेगमेंट से लगभग 2.28 करोड़ डॉलर का टैक्स मिला है। Association of Virtual Asset Market Participants के चेयरमैन, Temir Kazybaev ने बताया कि क्रिप्टो टर्नओवर से मिलने वाला टैक्स देश के सबसे बड़े कमोडिटी ट्रेडिंग हब से मिलने वाले रेवेन्यू से ज्यादा हो गया है। किर्गिस्तान के प्रेसिडेंट Sadyr Japarov ने भी क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट किया है।
  • बिटकॉइन पर बिकवाली का प्रेशर, 67,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    पिछले सप्ताह क्रिप्टो एक्सचेंज Bithumb के अपने यूजर्स को गलती से 6,20,000 बिटकॉइन्स को ट्रांसफर करने का मामला सामने आने के बाद से भी क्रिप्टो मार्केट में गिरावट हुई है। इन बिटकॉइन की वैल्यू 40 अरब डॉलर से अधिक की थी। इस क्रिप्टो एक्सचेंज से पिछले सप्ताह शुक्रवार को यह चूक हुई थी। इसका कुछ ही मिनटों में पता चलने के बाद एक्सचेंज ने 695 यूजर्स के लिए ट्रेडिंग और विड्रॉल को रोक दिया था।
  • क्रिप्टो एक्सचेंज से हुई बड़ी चूक, यूजर्स को गलती से भेजे 40 अरब डॉलर के Bitcoin
    इस क्रिप्टो एक्सचेंज से शुक्रवार को यह चूक हुई थी। इसका कुछ ही मिनटों में पता चलने के बाद एक्सचेंज ने 695 यूजर्स के लिए ट्रेडिंग और विड्रॉल को रोक दिया था। Bithumb को एक प्रमोशनल कैम्पेन के हिस्से के तौर पर कस्टमर्स को 2,000 वॉन (लगभग 1.37 डॉलर) भेजने थे लेकिन उसने गलती से प्रति यूजर लगभग 2,000 बिटकॉइन्स को ट्रांसफर कर दिया था।
  • Bitcoin पर मंदी की मार, 70,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    पिछले वर्ष नवंबर के बाद से Bitcoin का प्राइस पहली बार 70,000 डॉलर से नीचे गिरा है और इसने 69,101 डॉलर का निचला लेवल छुआ है। हालांकि, बाद में बिटकॉइन में कुछ रिकवरी दर्ज की गई। पिछले वर्ष अक्टूबर में इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह 40 प्रतिशत तक घटा है।
  • बजट में क्रिप्टो पर टैक्स में कोई राहत नहीं, ट्रांजैक्शंस की रिपोर्ट नहीं देने पर लगेगा जुर्माना
    क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर एक प्रतिशत के टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (TDS) को बरकरार रखा गया है। इसके अलावा क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस से मिलने वाले प्रॉफिट पर 30 प्रतिशत के टैक्स और सेस में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया बरकरार है। पिछले वित्त वर्ष में सरकार को क्रिप्टो एक्सचेंजों से VDA पर मिलने वाले TDS में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 75,000 डॉलर से कम हुआ प्राइस
    बिटकॉइन का प्राइस शुरुआती कारोबार में गिरकर 74,683 डॉलर तक गया था। यह पिछले वर्ष अप्रैल के बाद से इसका सबसे निचला लेवल है। जनवरी में बिटकॉइन में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट हुई थी। पिछले चार महीनों से इसमें नुकसान है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum का प्राइस भी काफी टूटा है। यह 2,200 डॉलर से कम हो गया था।
  • सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
    कंपनी ने बताया है कि उसने 20 जनवरी से 25 जनवरी के बीच 2,932 बिटकॉइन लगभग 26.41 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके लिए 90,061 डॉलर प्रति Bitcoin का औसत प्राइस चुकाया गया है। पिछले वर्ष की शुरुआत में अमेरिका के प्रेसिडेंट के तौर पर Donald Trump के कार्यभार संभालने के बाद इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का प्राइस तेजी से बढ़ा था। हालांकि, इसके बाद से इसमें काफी गिरावट हुई है।
  • अमेरिका में इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने से बिटकॉइन माइनिंग में हुई गिरावट
    बिटकॉइन माइनिंग में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले अमेरिका के टेक्सस और जॉर्जिया जैसे शहरों में मौसम की स्थितियां खराब होने से पावर ग्रिड्स पर प्रेशर है। इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने के बाद अमेरिका की कुछ बड़ी बिटकॉइन माइनिंग फर्मों ने अपने कामकाज के बड़े हिस्से को बंद कर दिया है। क्रिप्टो माइनिंग में अधिक पावर वाले कंप्यूटिंग डिवाइसेज का इस्तेमाल होता है जो इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत करते हैं।
  • ईरान में हिंसा के बीच इंटरनेट बंद नहीं करने पर हुई टेलीकॉम कंपनी के CEO की छुट्टी
    बिलिनेयर Elon Musk की SpaceX ने ईरान में Starlink की इंटरनेट सर्विस मुफ्त देने की पेशकश की है। ईरान में स्टारलिंक पर बैन लगा है लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग छिपकर इसकी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं। सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली स्टारलिंक की कई देशों में मौजूदगी है। SpaceX ने ईरान में स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है।

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