Crime

Crime - ख़बरें

  • Fake Traffic Challan Scam: 500 रुपये बचाने गए और गंवा दिए लाखों, ऐसे बचें इस नए साइबर स्कैम से
    देश में फेक ट्रैफिक चालान स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें साइबर ठग नकली मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के मामलों में पुणे के एक दुकानदार से करीब 2.76 लाख रुपये और दिल्ली के एक व्यक्ति से 2.49 लाख रुपये की ठगी हुई। इन मैसेज में चालान भरने के नाम पर लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने से यूजर की बैंकिंग जानकारी चोरी हो जाती है। पुलिस के मुताबिक कई मामलों में रिमोट एक्सेस के जरिए फोन का कंट्रोल भी ले लिया जाता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
  • क्रिप्टो स्कैम में हैदराबाद के कंसल्टेंट के साथ 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
    हैदराबाद के कोंडापुर के रहने वाले इस पीड़ित ने बताया है कि दो वर्ष पहले उनसे एक जालसाज ने संपर्क कर एक पोर्टल pc.omnifxpro.com पर एकाउंट खोलने के लिए कहा था। " उन्होंने बताया कि खुद को नव्या बताने वाली यह जालसाज बाद में काजल मिश्रा के नाम के साथ ऑनलाइन दिखी थी। इसके बाद उनसे खुद को महिला के तौर पर दिखाने वाले दो अन्य जालसाजों ने भी ठगी की है।
  • डीपफेक और सेक्सटॉर्शन से बचाव के लिए गुरुग्राम पुलिस ने शुरू किया Digital Saheli, ऐसे होगी महिलाओं की मदद
    Digital Saheli में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 8 महिला पुलिस कर्मियों की एक टीम के साथ 24 घंटे काम करेगी। ग्रुरुग्राम के सेक्टर 51 स्थित महिला पुलिस स्टेशन में पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा द्वारा शुरू की गई इस सेल की स्थापना एक निजी संस्था रीत के साथ साझेदारी में की गई है। डिजिटल सहेली पहल से संबंधित जानकारी समेत स्थानीय पुलिस की अन्य सर्विस भी डिपार्टमेंट के चैटबॉट नंबर +91 95999 64777 के जरिए एक्सेस की जा सकती हैं।
  • Google पर डॉक्टर का नंबर खोजने से उड़ गए 18 लाख! साइबर फ्रॉड का नया तरीका
    उत्तर प्रदेश के अनुपशहर में साइबर ठगों ने एक बीमार व्यक्ति और उसकी पत्नी से करीब 18.61 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने डॉक्टर का नंबर खोजने के लिए Google पर सर्च किया था, जिसके बाद ठगों ने खुद को डॉक्टर से जुड़ा बताकर ‘Doctor Appointment’ नाम का ऐप डाउनलोड कराया। जांच के मुताबिक, ऐप को दी गई परमिशन के जरिए आरोपियों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खातों से कई ट्रांजेक्शन कर पैसे निकाल लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता कई दिनों बाद चला।
  • WinGo साइबर फ्रॉड केस ने खोली आंखें, कहीं आप भी न बन जाएं स्कैम का हिस्सा, इन बातों का रखें ध्यान
    WinGo ऐप से जुड़े साइबर फ्रॉड के खुलासे के बाद पुलिस और सरकार ने आम यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। जांच में सामने आया है कि आसान कमाई का दावा करने वाले ऐप्स यूजर्स के मोबाइल नंबर और SMS एक्सेस का दुरुपयोग कर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अनजाने यूजर्स भी स्कैम नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं। सरकार ने संदिग्ध ऐप्स से दूर रहने, अनावश्यक परमिशन न देने और किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
  • क्या आप भी Mobile पर ये App यूज कर रहे हैं? 1 ऐप, हजारों नंबर और करोड़ों का स्कैम!
    गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ई-चालान सिस्टम से जुड़े एक साइबर फ्रॉड की जांच के दौरान WinGo नाम के एक ऐप को लेकर गंभीर खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह ऐप कथित तौर पर “टेलीकॉम म्यूल ऐज़ ए सर्विस” मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें आम लोगों के मोबाइल नंबर और SIM कार्ड का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता है। यूजर्स को आसान कमाई का लालच देकर उनके नंबर से फर्जी SMS भेजे जाते हैं। पुलिस ने ऐसे ऐप्स से दूर रहने की सलाह दी है।
  • क्या है किल स्विच फीचर?, भारत सरकार लाने का कर रही विचार, ऑनलाइन स्कैम से करेगा तुरंत बचाव
    गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा डिजिटल अरेस्ट के खतरे की जांच के लिए गठित एक हाई लेवल कमेटी किल स्विच लाने पर विचार कर रही है, जो डिजिटल स्कैम होने की संभावना पर यूजर्स को अपने अकाउंट से सभी वित्तीय ट्रांजेक्शन को तुरंत ब्लॉक करने की अनुमति देगा। ऑनलाइन स्कैम के मामले तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं और लोगों को रोजाना लाखों से करोड़ों रुपये तक का चूना लग रहा है।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • 1 साल में 25 हजार करोड़ की चोरी! 2025 में Crypto हैक्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
    2025 क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे खराब साल साबित हुआ है। ब्लॉकचेन एनालिसिस फर्म्स Chainalysis और TRM Labs के मुताबिक, इस साल साइबर हैक्स और अटैक्स के जरिए करीब $2.7 बिलियन की क्रिप्टो चोरी हुई है। सबसे बड़ा मामला दुबई स्थित Bybit एक्सचेंज से जुड़ा रहा, जहां अकेले $1.4 बिलियन की डिजिटल एसेट्स चोरी की गईं। रिपोर्ट्स में उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर ग्रुप्स को इन हमलों का मुख्य जिम्मेदार बताया गया है। लगातार बढ़ते ये आंकड़े क्रिप्टो सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने वाले सावाधान! भारत में 26 फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट्स का भंडाफोड़
    Enforcement Directorate ने देशभर में फैले एक बड़े क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट स्कैम का खुलासा करते हुए 26 फर्जी वेबसाइट्स को रेड-फ्लैग किया है। ED के मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म्स खुद को वैध क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट साइट्स बताकर लोगों को हाई रिटर्न का लालच दे रहे थे। शुरुआती तौर पर छोटे मुनाफे दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीता गया और बाद में अकाउंट फ्रीज व एक्स्ट्रा चार्ज के नाम पर ठगी की गई। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सालों से एक्टिव था और इसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का शक है।
  • ट्रैवल कर रहे हैं तो संभल जाइए! फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ बड़ा स्कैम, जानें पूरा मामला
    Delhi Police की Crime Branch ने एक फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा किया है। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पॉपुलर होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को ठग रहा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर एक अमेरिकी नागरिक से 57,186 रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और उसके मोबाइल नंबर कई साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए।
  • 1,000 करोड़ की ठगी और 111 फर्जी कंपनियां, कैसे CBI ने इस बड़े साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, यहां जानें
    CBI ने देशभर में एक्टिव एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन ऐप्स, नकली इनवेस्टमेंट स्कीम्स, झूठे जॉब ऑफर्स और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को ठग रहा था। जांच एजेंसी ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। CBI के मुताबिक, यह रैकेट Ponzi और MLM मॉडल पर काम कर रहा था। जांच में 111 शेल कंपनियों और 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है।
  • कौन सी UPI आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट है फ्रॉड, ये सरकारी वेबसाइट देगी जानकारी
    आप ऑनलाइन फ्रॉड, निजी जानकारी की चोरी और ऑनलाइन होने वाले वित्तीय क्राइम की घटनाओं से बचाव कर सकते हैं। आप अपने फोन या लैपटॉप पर किसी अंजान नंबर पर पेमेंट करने से पहले यह चेक कर सकते हैं कि कोई यूपीआई नंबर फ्रॉड है या नहीं। इसके अलावा किसी का सोशल मीडिया अकाउंट फ्रॉड है या नहीं इसकी भी जानकारी पा सकते हैं।
  • Facebook पर वर्क-फ्रॉम-होम के झांसे में फंसी महिला, ठग लिए गए 31 लाख, पुलिस ने दी चेतावनी!
    कर्नाटक के ऊडुपी से एक बड़ा साइबर फ्रॉड मामला सामने आया है, जहां एक 55 वर्षीय महिला फेसबुक पर दिखे “वर्क-फ्रॉम-होम” विज्ञापन के बहकावे में आकर 31 लाख रुपये खो बैठी। ठगों ने खुद को NSE ऑफिस का HR बताकर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए उससे ऑनलाइन टास्क करवाए और भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में छोटी रकम भेजी। इसके बाद निवेश पर 30-40% रिटर्न का लालच दिया गया, जिसके चलते पीड़ित लगातार बड़े-बड़े ट्रांजैक्शन करती रही। रकम भेजने के बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को ऐसे ऑफर्स से सतर्क रहने की सलाह दी है।

Crime - वीडियो

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »