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Coding - ख़बरें

  • Free Fire Max Redeem Codes: बिना पैसे खर्च किए पाएं प्रीमियम रिवॉर्ड्स! आज के कोड्स हुए लाइव
    Garena Free Fire Max के लिए 4 मई 2026 के नए रिडीम कोड्स जारी किए गए हैं, जिनकी मदद से प्लेयर्स फ्री में इन-गेम रिवॉर्ड्स हासिल कर सकते हैं। इन कोड्स के जरिए डायमंड्स, स्किन्स, बंडल्स और वेपन आइटम बिना पैसे खर्च किए मिल सकते हैं। हालांकि ये कोड्स लिमिटेड समय और सीमित यूजर्स के लिए ही उपलब्ध होते हैं, इसलिए इन्हें जल्दी रिडीम करना जरूरी है। कंपनी के मुताबिक, हर दिन नए कोड्स रिलीज होते हैं, जो कुछ घंटों तक ही एक्टिव रहते हैं। समय पर कोड रिडीम करने वाले प्लेयर्स को गेम में अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।
  • बिना पासवर्ड बताए Wi-Fi शेयर करें! QR Code से लेकर Hotspot तक, ये 5 तरीके आएंगे काम
    आज के समय में Wi-Fi शेयर करना आम बात है, लेकिन पासवर्ड बताना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। ऐसे में कई ऐसे तरीके मौजूद हैं, जिनसे आप बिना पासवर्ड बताए भी Wi-Fi शेयर कर सकते हैं। QR Code, Nearby Share और iPhone के ऑटो शेयर फीचर की मदद से दूसरे यूजर को सीधे नेटवर्क से कनेक्ट कराया जा सकता है। इसके अलावा राउटर में Guest Network बनाकर भी लिमिटेड एक्सेस दिया जा सकता है। ये तरीके न सिर्फ आसान हैं, बल्कि आपके नेटवर्क की सिक्योरिटी को भी बनाए रखते हैं।
  • Google I/O 2026: गूगल के सबसे बड़े डेवलपर इवेंट की डेट अनाउंस, AI और Android पर रहेगा फोकस
    Google ने अपने डेवलपर इवेंट Google I O 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है, जो 19 और 20 मई को आयोजित होगा। इस इवेंट में AI, Android, Chrome और Cloud प्लेटफॉर्म्स से जुड़े नए अपडेट्स पेश किए जाएंगे। कंपनी इस बार “agentic coding” पर खास ध्यान दे रही है, जिसमें AI की मदद से कोडिंग प्रोसेस को ऑटोमेट करने वाले टूल्स दिखाए जाएंगे। इवेंट में Google Keynote और Developer Keynote के अलावा कई टेक्निकल सेशन्स भी होंगे। इसके बाद 21 मई को ऑन-डिमांड सेशन्स और कोडलैब्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • Paytm का बड़ा अपडेट, बिना कार्ड ATM से पैसे निकालें और बिना PIN करें पेमेंट!
    Paytm ने अपने ऐप में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे अब यूजर्स फिंगरप्रिंट या Face ID के जरिए UPI पेमेंट कर सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी ने कार्डलेस ATM कैश विदड्रॉल की सुविधा भी शुरू की है, जिसमें QR कोड स्कैन करके बिना कार्ड पैसे निकाले जा सकते हैं। NPCI गाइडलाइन्स के मुताबिक, बायोमेट्रिक पेमेंट की प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट 5,000 रुपये है। कंपनी के अनुसार, यह फीचर यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित और आसान पेमेंट एक्सपीरियंस देने के लिए लाया गया है।
  • QR Code की क्रांति! दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड, हजारों सालों तक डेटा करेगा स्टोर, जानें कैसे
    वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड तैयार किया है जो एक बैक्टीरिया से भी छोटा है। इसका साइज 1.98 वर्ग माइक्रोमीटर है। यह क्यूआर कोड अपने छोटे साइज के कारण गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया है। ऑस्ट्रिया के वियना स्थित टीयू विएन और सेराबाइट जीएमबीएच की टीम ने इसे तैयार किया है।
  • PhonePe पर अब बिना PIN डाले होगी UPI पेमेंट, फीचर को ऐसे करें एक्टिवेट
    PhonePe ने UPI पेमेंट के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन बिना PIN डाले पूरे किए जा सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यूजर अब फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन के जरिए पेमेंट अप्रूव कर सकेंगे, जिससे वन टच अनुभव मिलेगा। यह सुविधा QR स्कैन, ऑनलाइन पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल में काम करेगी। 5,000 रुपये से ऊपर की राशि के लिए UPI PIN जरूरी रहेगा। फिलहाल यह फीचर Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है और iOS पर जल्द आने की उम्मीद है।
  • Microsoft Edge चलाते हैं तो कभी भी हैक हो सकता है लैपटॉप-PC, तुरंत करें ये काम
    CERT-In ने Microsoft Edge के लिए हाई सीवेरिटी साइबर सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। एडवाइजरी CIVN-2026-0092 के अनुसार 144.0.3719.115 से पुराने वर्जन में heap buffer overflow से जुड़ी गंभीर खामी पाई गई है। इस कमजोरी का फायदा उठाकर रिमोट अटैकर्स विशेष रूप से तैयार वेब पेज के जरिए सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं। एजेंसी ने सभी यूजर्स व ऑर्गेनाइजेशंस को तुरंत लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है, ताकि अनऑथोराइज्ड एक्सेस और डेटा लीक से बचा जा सके।
  • Infosys और Anthropic की बड़ी AI डील, इन सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
    Infosys ने एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाने के लिए Anthropic के साथ सहयोग की घोषणा की है। यह साझेदारी टेलीकॉम सेक्टर से शुरू होगी, जहां AI एजेंट्स विकसित करने के लिए एक Center of Excellence बनाया जाएगा। Anthropic के Claude मॉडल्स, जिनमें Claude Code शामिल है, को Infosys Topaz AI प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक यह कदम जटिल वर्कफ्लो ऑटोमेशन, सॉफ्टवेयर डिलीवरी में तेजी और नियामकीय ढांचे के भीतर AI अपनाने में मदद करेगा। आगे चलकर यह सहयोग फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक विस्तारित होगा।
  • New Aadhaar Card: आधार कार्ड डिजाइन बदलेगा! फोटो, क्यूआर कोड के साथ मिल सकता है बिल्कुल नया रूप
    आधार कार्ड को नया रूप प्रदान किया जा सकता है। आपके मौजूदा आधार कार्ड के लिए नए डिजाइन में आने की खबर है जो देखने में एडवांस्ड भी होगा और उससे कोई जानकारी नहीं चुरा सकेगा। इस पर दिखने वाली जानकारी का अंदाज एकदम बदल सकता है। नाम, पता, और अन्य डिटेल्स जगह एक क्यूआर कोड ले सकता है।
  • कोडिंग करने वालों की जॉब खतरे में? OpenAI से Anthropic तक, AI लिख रहा है 90% से ज्यादा कोड
    AI अब सिर्फ कोडिंग असिस्टेंट नहीं रहा, बल्कि खुद सॉफ्टवेयर का मुख्य लेखक बनता जा रहा है। San Francisco बेस्ड AI लैब Cognition के को-फाउंडर Scott Wu ने बताया कि उनकी कंपनी में 90 प्रतिशत से ज्यादा कोड AI सिस्टम्स द्वारा लिखा जा रहा है और इंजीनियर्स को 10 प्रतिशत से भी कम कोड खुद टाइप करना पड़ता है। OpenAI ने भी हाल ही में खुलासा किया कि उसकी एक टीम ने पूरा प्रोडक्ट AI से जनरेट कोड पर शिप किया। Anthropic और xAI जैसे नाम भी इसी ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक कोडिंग की परिभाषा बदलती नजर आ रही है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • Elon Musk दे रहे हैं 2 करोड़ की नौकरी, बस आनी चाहिए ये स्किल, ऑनलाइन भी कर सकते हैं अप्लाई
    Elon Musk की AI कंपनी xAI ने हायरिंग को लेकर एक नया रास्ता अपनाया है। कंपनी Talent Engineer नाम के रोल के लिए इंजीनियर्स की तलाश कर रही है, जिसमें सालाना सैलरी 1.2 लाख से 2.4 लाख डॉलर तक बताई गई है। इस रोल की खास बात “vibe coding” स्किल है, जिसमें टेक्निकल कॉन्सेप्ट्स को जल्दी समझने की क्षमता अहम मानी गई है। यह टीम सीधे Elon Musk को रिपोर्ट करेगी और हायरिंग को एक इंजीनियरिंग समस्या की तरह सॉल्व करेगी।
  • Infosys के प्रॉफिट में गिरावट, नए लेबर कोड का पड़ा बड़ा असर
    इंफोसिस का तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि में लगभग 41,764 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने बताया है कि पिछली तिमाही में नए लेबर कोड के लागू होने उसे 1,289 करोड़ रुपये के असाधारण चार्ज के लिए प्रोविजन करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी के लिए डील की पाइपलाइन मजबूत रही है।
  • सरकार मांग रही है स्मार्टफोन का सीक्रेट एक्सेस? सोर्स कोड मामले पर फैक्ट चेक में निकला बड़ा ट्विस्ट
    भारत सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड एक्सेस लेने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि सरकार ने Apple, Samsung या Xiaomi जैसी कंपनियों को सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर करने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। यह सफाई Reuters की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें नए मोबाइल सिक्योरिटी नियमों के तहत सोर्स कोड एक्सेस की बात कही गई थी। सरकार के मुताबिक, फिलहाल मोबाइल सिक्योरिटी को लेकर सिर्फ इंडस्ट्री के साथ स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन चल रहा है और कोई अंतिम नियम तय नहीं किए गए हैं।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।

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