Cognition के को-फाउंडर Scott Wu ने दावा किया है कि उनकी कंपनी में 90% से ज्यादा कोड अब AI लिख रहा है। OpenAI और Anthropic भी इसी दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की भूमिका बदलती दिख रही है।
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Cognition में 90% से ज्यादा कोड AI लिख रहा है
सिलिकॉन वैली में AI का रोल अब सिर्फ कोडिंग असिस्टेंट तक सीमित नहीं रह गया है। कई बड़ी टेक कंपनियां अब ऐसे सिस्टम्स पर काम कर रही हैं जो सॉफ्टवेयर का ज्यादातर कोड खुद लिख रहे हैं। इसी बीच San Francisco बेस्ड AI लैब Cognition ने दावा किया है कि उसकी कंपनी में 90 प्रतिशत से ज्यादा कोड अब AI द्वारा लिखा जा रहा है। कंपनी के को-फाउंडर Scott Wu के मुताबिक, पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का फोकस तेजी से बदल रहा है और कोड टाइप करना अब सबसे बड़ा काम नहीं रह गया है।
Scott Wu ने X पर एक पोस्ट में बताया कि पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का सबसे कठिन हिस्सा खुद कोड लिखना होता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उनके अनुसार, Cognition में इंसानों को 10 प्रतिशत से भी कम कोड खुद टाइप करना पड़ता है। उन्होंने इसे एक पाइपलाइन की तरह समझाया, जहां असली चुनौती अब कोडिंग नहीं बल्कि प्लानिंग और सही सवाल पूछना बनती जा रही है।
Wu का कहना है कि जैसे जैसे AI एजेंट्स ज्यादा सक्षम होंगे, इंजीनियर्स की भूमिका भी बदलेगी। उनका फोकस अब इस बात पर रहेगा कि AI को सही कॉन्टेक्स्ट कैसे दिया जाए और जटिल टास्क को किस तरह स्ट्रक्चर किया जाए ताकि सिस्टम उसे बेहतर समझ सके। यानी भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग ज्यादा स्ट्रेटेजिक और कम मैनुअल हो सकती है।
Think of software engineering as a pipeline. Historically, the hardest part was writing the code itself. Not the case anymore - honest question: how much of your code do you actually have to type at this point? For us it's probably <10%.
— Scott Wu (@ScottWu46) February 11, 2026
As agents get more capable, the… https://t.co/FbcJ3RM56l
Cognition अकेली कंपनी नहीं है जो इस दिशा में आगे बढ़ रही है। हाल ही में OpenAI ने भी खुलासा किया कि उसकी एक इंटरनल टीम ने ऐसा प्रोडक्ट शिप किया जहां हर लाइन AI एजेंट्स ने जनरेट की थी। इंजीनियर्स ने केवल आउटपुट को रिव्यू और सुपरवाइज किया, खुद कोड नहीं लिखा। कंपनी के मुताबिक, इस तरह के वर्कफ्लो से डेवलपमेंट की स्पीड में करीब 10 गुना तक तेजी आई है।
Anthropic में भी कुछ ऐसा ही मॉडल अपनाया जा रहा है। कंपनी के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर Mike Krieger ने कहा कि वहां लगभग पूरा इंटरनल कोड AI द्वारा लिखा जा रहा है। उनके अनुसार, Claude अब खुद Claude से जुड़ा कोड तैयार कर रहा है। वहीं xAI के CEO Elon Musk ने भी इशारा किया है कि 2026 के अंत तक पारंपरिक कोडिंग काफी हद तक अप्रासंगिक हो सकती है और AI सीधे बाइनरी तक जेनरेट करने लगेगा।
इन बयानों से साफ है कि टेक इंडस्ट्री में कोडिंग की परिभाषा तेजी से बदल रही है। हालांकि इंसानी इंजीनियर्स की भूमिका पूरी तरह खत्म होती नहीं दिखती, लेकिन उनका काम अब कीबोर्ड पर कम और सिस्टम को गाइड करने पर ज्यादा फोकस्ड हो सकता है।
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