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Ai Agents - ख़बरें

  • India AI Impact Summit 2026: भारत में इस जगह बनेगी पहली 'AI सिटी'
    India AI Impact Summit के दौरान Bharat1.AI ने बेंगलुरु में Humanity First AI City बनाने का विजन पेश किया है। इस पहल का पहला चरण B1 AI Superpark होगा, जो सरजापुर में 5 लाख वर्ग फुट के कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक यहां 10,000 से ज्यादा AI रिसर्चर और इनोवेटर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। फोकस Agentic और Physical AI सिस्टम्स को रियल वर्ल्ड कंडीशंस में टेस्ट करने पर रहेगा। इस परियोजना को अगले 36 महीनों में सिटी स्केल AI टेस्टबेड के रूप में विस्तार देने की योजना है।
  • Infosys और Anthropic की बड़ी AI डील, इन सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
    Infosys ने एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाने के लिए Anthropic के साथ सहयोग की घोषणा की है। यह साझेदारी टेलीकॉम सेक्टर से शुरू होगी, जहां AI एजेंट्स विकसित करने के लिए एक Center of Excellence बनाया जाएगा। Anthropic के Claude मॉडल्स, जिनमें Claude Code शामिल है, को Infosys Topaz AI प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक यह कदम जटिल वर्कफ्लो ऑटोमेशन, सॉफ्टवेयर डिलीवरी में तेजी और नियामकीय ढांचे के भीतर AI अपनाने में मदद करेगा। आगे चलकर यह सहयोग फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक विस्तारित होगा।
  • इंसानों की जरूरत खत्म? 15 AI एजेंट्स से पूरी कंपनी चला रहा है यह फाउंडर
    AI के बढ़ते असर के बीच Florida के डिफेंस टेक फाउंडर Aaron Sneed ने दावा किया है कि वह अपनी पूरी कंपनी AI एजेंट्स के सहारे चला रहे हैं। उन्होंने “The Council” नाम से करीब 15 AI एजेंट्स का सिस्टम तैयार किया है, जो HR, लीगल, सप्लाई चेन और डेटा मैनेजमेंट जैसे काम संभालता है। Sneed के मुताबिक इससे हर हफ्ते लगभग 20 घंटे की बचत होती है और लागत भी कम होती है। हालांकि उन्होंने माना कि अंतिम कानूनी और रणनीतिक फैसलों के लिए अभी भी मानव विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है।
  • कोडिंग करने वालों की जॉब खतरे में? OpenAI से Anthropic तक, AI लिख रहा है 90% से ज्यादा कोड
    AI अब सिर्फ कोडिंग असिस्टेंट नहीं रहा, बल्कि खुद सॉफ्टवेयर का मुख्य लेखक बनता जा रहा है। San Francisco बेस्ड AI लैब Cognition के को-फाउंडर Scott Wu ने बताया कि उनकी कंपनी में 90 प्रतिशत से ज्यादा कोड AI सिस्टम्स द्वारा लिखा जा रहा है और इंजीनियर्स को 10 प्रतिशत से भी कम कोड खुद टाइप करना पड़ता है। OpenAI ने भी हाल ही में खुलासा किया कि उसकी एक टीम ने पूरा प्रोडक्ट AI से जनरेट कोड पर शिप किया। Anthropic और xAI जैसे नाम भी इसी ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक कोडिंग की परिभाषा बदलती नजर आ रही है।
  • AI दे रहा है इंसानों को काम, इस वेबसाइट पर टास्क के बदले मिलेगा पैसा!
    RentAHuman.ai नाम का नया प्लेटफॉर्म ऑटोमेशन की पारंपरिक सोच को बदल रहा है। यह एक ऐसा मार्केटप्लेस है, जहां AI एजेंट्स उन कामों के लिए इंसानों को हायर कर सकते हैं, जिन्हें डिजिटल सिस्टम खुद पूरा नहीं कर पाते। इसमें फिजिकल वेरिफिकेशन, इवेंट अटेंडेंस, डिलीवरी और ऑन-साइट टास्क जैसे काम शामिल हैं। इंसानों को सीधे और तेज भुगतान मिलता है, जबकि AI एजेंट्स को रियल वर्ल्ड में काम करवाने का आसान तरीका मिलता है। लॉन्च के कुछ ही दिनों में इस प्लेटफॉर्म को बड़ी संख्या में साइनअप मिले हैं।
  • Moltbook: 14 लाख AI एजेंट मिलकर उड़ा रहे इंसानों का मज़ाक, AI की इस दुनिया में इंसानों की 'नो एंट्री!'
    Moltbook एक नव-निर्मित नेटवर्क प्लेटफॉर्म है जो केवल AI एजेंट्स के लिए बना है। यहां पर AI एजेंट्स अपने विचार साझा करते हैं, विषयों पर बातचीत करते हैं, एक दूसरे के साथ इंटरेक्ट करते हैं, लेकिन इंसानों के लिए यहां कोई परमिशन नहीं दी गई है। आप केवल बैठकर इनकी बातचीत को देख सकते हैं।
  • ChatGPT करेगा शॉपिंग और पेमेंट्स, जानें क्या है भारत का नया Agentic Payments सिस्टम?
    आजकल यूजर ChatGPT जैसे AI असिस्टेंट्स से प्रोडक्ट्स सर्च करने, प्राइस कम्पेयर करने, या शॉपिंग लिस्ट बनाने जैसे काम करवाते हैं। लेकिन अब यह कदम आगे बढ़ चुका है। Agentic Payments की मदद से यूजर उसी चैट में पेमेंट भी पूरा कर पाएंगे, बिना किसी वेबसाइट या ऐप पर जाए। इस प्रोजेक्ट में तीन दिग्गजों की पार्टनरशिप है, जिसमें भारत में डिजिटल पेमेंट के लिए पॉपुलर Razorpay, हर महीने 20 बिलियन से ज्यादा UPI ट्रांजेक्शन को संभालने वाला NPCI और ChatGPT बनाने वाला OpenAI शामिल हैं।
  • Google ने Gemini CLI के साथ बदला AI का खेल, डेवलपर्स के लिए एक ओपन सोर्स एआई एजेंट, खर्च भूल जाइए
    Gemini CLI को Google ने पेश कर दिया है। Gemini CLI डेवलपर्स को Gemini मॉडल से अलग नेचुरल लैंग्वेज प्रॉम्प्ट या स्ट्रक्चर्ड टास्क चलाने की सुविधा प्रदान करता है। इंटरफेस काफी लाइट है और पूरी तरह से स्क्रिप्ट किया जा सकता है। Gemini CLI फाइल को पढ़ और लिख भी सकता है, जिससे यह डॉक्यूमेंटेशन को ऑटोमैटिंग करने, कोड स्निपेट को डीबग करने या स्ट्रक्चर्ड आउटपुट जनरेट करने के लिए मददगार हो जाता है।
  • Opera Neon: अब ब्राउजर आपके लिए खुद बनाएगा वेबसाइट और गेम, वो भी ऑफलाइन!
    Opera ने अपना नया ब्राउजर Opera Neon लॉन्च कर दिया है, जो सिर्फ वेब सर्फिंग का टूल नहीं बल्कि एक AI एजेंट की तरह काम करता है। कंपनी इसे "Agentic Browser" कह रही है, जो यूजर की तरफ से वेबसाइट डिजाइन करना, गेम बनाना, रिपोर्ट तैयार करना और यहां तक कि कोड लिखना भी खुद कर सकता है। खास बात ये है कि यह सब कुछ ब्राउजर के अंदर ही होता है और कुछ फीचर्स तो ऑफलाइन भी काम करते हैं।
  • Manus AI: चीन का एक और धमाका! दुनिया का पहला जनरल AI मॉडल Manus लॉन्च, खुद लेता है फैसले
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में चीन ने एक और धमाका कर दिया है। AI मॉडल Manus दुनिया में तेजी से पॉपुलर हो रहा है। इसकी खासियत यह है कि यह एक जनरल AI एजेंट है जो खुद से निर्णय लेने की क्षमता रखता है। यानी यह आपके कमांड्स तो फॉलो करेगा ही, लेकिन खुद भी निर्णय ले सकेगा और उस पर खुद ही काम भी कर सकेगा।
  • Gemini 2.0 Launched : गूगल का AI हुआ और एडवांस, खुद से ले सकेगा फैसले!
    गूगल ने उसके जेनरेटिव आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट जेमिनी का नया वर्जन जेमिनी 2.0 अनवील किया है। दावा है कि यह पहले से सटीक एआई असिस्‍टेंट है। करीब 10 महीने पहले कंपनी Gemini 1.5 मॉडल लाई थी और अब उसे अपग्रेड किया गया है। फ‍िलहाल के लिए गूगल Gemini 2.0 Flash की रिलीज कर रही है, जो एक्‍सपेरिमेंटल प्रिव्‍यू के लिए है।

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