मार्केट में पहले से मौजूद पेड एआई मॉडल्स जैसे OpenAI के ChatGPT Pro और Anthropic के Claude Max को यह सीधे टक्कर देने वाला है।
Meta का नया एआई एजेंट Hatch बहुत जल्द मार्केट में देखने को मिल सकता है।
Meta जल्द ही अपना नया AI एजेंट Hatch लॉन्च कर सकती है जिस पर कंपनी कथित तौर पर काम कर रही है। कहा जा रहा है कि Meta अपना नया एआई एजेंट OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों को टक्कर देने के लिए ला रही है। कंपनी इस एआई एजेंट के लिए सब्सक्रिप्शन फीस भी रखेगी। यानी मार्केट में पहले से मौजूद पेड एआई मॉडल्स जैसे OpenAI के ChatGPT Pro और Anthropic के Claude Max को यह सीधे टक्कर देने वाला है। आइए जानते हैं कैसा होगा मेटा का नया एआई एजेंट।
Meta का नया एआई एजेंट Hatch बहुत जल्द मार्केट में देखने को मिल सकता है। AI के क्षेत्र में दिग्गज प्लेयर्स OpenAI और Anthropic को टक्कर देने के लिए कंपनी इसे मार्केट में लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी इस मॉडल को पेड बेसिस पर लॉन्च कर सकती है जिसकी कीमत 200 डॉलर (लगभग 19,000 रुपये) हो सकती है। IE की रिपोर्ट की मानें तो कंपनी AI पर अपना फोकस बढ़ाना चाहती है क्योंकि एआई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बहुत तेजी से बढ़ रही है। एडवांस्ड लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स में कंपनी अपने आप को थोड़ा पीछे पाती है। मेटा के इस कथित कदम से ऐसा प्रतीत होता है कि कंपनी एआई-संचालित एजेंट्स पर एक प्रमुख विकास क्षेत्र के रूप में भारी दांव लगाने की तैयारी कर रही है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी चैटबॉट पर नहीं, AI एजेंट के लिए कुछ बड़ा करना चाहती है। पारंपरिक एआई चैटबॉट्स की बजाए AI एजेंट ऐसे मॉडल होते हैं जो यूजर की तरफ से खुद ही काम कर सकते हैं। इन्हें एक बार निर्देश देकर काम इन पर छोड़ा जा सकता है। मसलन, इन्हें कोडिंग के लिए एक बार निर्देश की जरूरत होती है, बाकी काम ये खुद कर सकते हैं। इसी तरह प्रेजेंटेशन बनाना, मीटिंग शेड्यूल करना, और ईमेल भेजना जैसे कामों को ये खुद ही कर सकते हैं।
कहा गया है कि Hatch खासतौर पर ग्राहक को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। यह एक ऐसा एजेंट होगा जो OpenClaw की तरह काम करेगा। OpenClaw एक ऐसा एजेंट है जो यूजर के डिवाइस पर डिजिटल टास्क ऑटोमेट कर सकता है। इसमें मेन्युअल इनपुट की जरूरत नहीं होती है। कथित तौर पर Hatch के टेस्ट वर्जन में ऐसी क्षमता है जिससे साधारण लैंग्वेज में टास्क बताया जा सकता है। इसके आधार पर AI मॉडल स्वयं ही सॉफ्टवेयर टूल बना सकता है या टास्क पूरा कर सकता है। उदाहरण के लिए यह यूजर की मांग पर एक फिटनेस ट्रैकर भी बनाकर दे सकता है। इसकी मदद से यूजर एआई द्वारा बनाए गए टूल्स को मैनेज भी कर सकेगा।
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