Google कथित तौर पर Gemini को एक ऐसे AI एजेंट में बदल रहा है, जो यूजर्स की तरफ से खुद कई काम कर सकेगा और 24/7 डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करेगा।
Google का नया Gemini AI एजेंट यूजर्स की तरफ से कई काम खुद कर सकता है
Google अपने Gemini AI को सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं रखना चाहता। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अब ऐसा AI एजेंट तैयार कर रही है, जो यूजर्स की तरफ से खुद कई काम कर सकेगा। बताया जा रहा है कि यह नया सिस्टम बैकग्राउंड में लगातार एक्टिव रहेगा और अलग-अलग ऐप्स व सर्विसेज के जरिए कई टास्क अपने आप पूरा कर पाएगा।
Business Insider की रिपोर्ट के अनुसार इस प्रोजेक्ट का इंटरनल नाम "Remy" रखा गया है। कंपनी का लक्ष्य ऐसा “सच्चा डिजिटल असिस्टेंट” बनाना है, जो यूजर की लाइफ के कई हिस्सों में उनकी तरफ से एक्शन ले सके। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह सिस्टम केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे लोगों से बातचीत करने, डॉक्युमेंट भेजने, ऑनलाइन खरीदारी करने और कई जरूरी काम खुद पूरा करने में सक्षम हो सकता है।
Google पिछले कुछ महीनों से Gemini में कई ऐसे फीचर्स जोड़ रहा है, जो यूजर की पर्सनल जानकारी के आधार पर काम करते हैं। Gemini के Personal Intelligence फीचर्स पहले से Gmail, Google Photos और दूसरी Google सर्विसेज से जानकारी लेकर जवाब तैयार कर सकते हैं। अब माना जा रहा है कि Remy इन्हीं "personal context" डेटा का इस्तेमाल करके यूजर्स की तरफ से असली काम भी कर पाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक Remy का इंटरफेस सामान्य चैटबॉट जैसा नहीं होगा। इसमें ऑनगोइंग टास्क, शेड्यूल्ड एक्शन्स और पेंडिंग अप्रूवल्स जैसे अलग-अलग सेक्शन दिए जा सकते हैं। यूजर्स पूरे हो चुके टास्क को बाद में फिर से खोल सकेंगे, रीनेम कर सकेंगे या पिन भी कर पाएंगे। यानी AI केवल बातचीत करने वाला टूल नहीं रहेगा, बल्कि लगातार काम करने वाला डिजिटल पार्टनर बन सकता है।
हालांकि इस तरह के AI सिस्टम के साथ प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि Google ने इंटरनल चेतावनी में माना है कि यह सिस्टम एक्सपेरिमेंटल होगा और गलती से डेटा एक्सपोज भी कर सकता है। यूजर्स को सलाह दी जा सकती है कि वे इसे प्रोफेशनल या संवेदनशील कामों के लिए पूरी तरह भरोसेमंद न मानें।
बताया जा रहा है कि यूजर्स को अपनी जानकारी मैनेज करने, डेटा डिलीट करने और कुछ पर्सनलाइजेशन फीचर्स बंद करने का ऑप्शन मिलेगा। लेकिन ऐसा AI एजेंट, जो यूजर की लाइफ को ऑर्गेनाइज करे, उसे काफी ज्यादा पर्सनल डेटा एक्सेस करना पड़ सकता है। इसमें लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, बातचीत, खरीदारी और रोजमर्रा की गतिविधियों जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।
फिलहाल Google ने इस प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स से संकेत मिल रहे हैं कि कंपनी Gemini को एक ऐसे AI असिस्टेंट में बदलना चाहती है जो सिर्फ जवाब देने के बजाय यूजर की तरफ से काम भी कर सके।
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