RentAHuman.ai एक नया प्लेटफॉर्म है, जहां AI एजेंट्स रियल वर्ल्ड टास्क के लिए इंसानों को हायर कर सकते हैं।
Photo Credit: rentahuman.ai
फिजिकल टास्क के लिए इंसानों की जरूरत पूरी करता प्लेटफॉर्म
अब तक ऑटोमेशन की कहानी इंसानों की जगह मशीनों के काम संभालने तक सीमित थी, लेकिन एक नया प्लेटफॉर्म इस नैरेटिव को उल्टा मोड़ दे रहा है। हाल ही में लॉन्च हुआ RentAHuman.ai ऐसा सिस्टम लेकर आया है, जहां AI एजेंट्स खुद इंसानों को हायर कर सकते हैं, वो भी रियल वर्ल्ड के काम पूरे कराने के लिए। इसका मकसद उन टास्क्स को पूरा करना है, जिन्हें डिजिटल सिस्टम अकेले अंजाम नहीं दे सकते।
RentAHuman.ai को खास तौर पर AI एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह कोई पारंपरिक गिग प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि एक ऐसा मार्केटप्लेस है, जो सीधे AI वर्कफ्लो के साथ इंटीग्रेट होता है। जब किसी AI एजेंट को किसी जगह पर फिजिकली मौजूद होने, किसी ऑब्जेक्ट को हैंडल करने या किसी इवेंट में शामिल होने जैसे काम की जरूरत पड़ती है, तो वह इस प्लेटफॉर्म के जरिए इंसानों को टास्क आउटसोर्स कर सकता है।
इस प्लेटफॉर्म पर इंसान अपनी प्रोफाइल बनाते हैं, जिसमें उनकी लोकेशन, स्किल्स, उपलब्ध समय और चार्ज की जानकारी दी जाती है। AI एजेंट्स इन प्रोफाइल्स को सर्च करके जरूरत के हिसाब से इंसानों को बुक करते हैं। टास्क के साथ साफ निर्देश, टाइमलाइन और अनुमानित समय दिया जाता है। भुगतान पहले तय किया जाता है और काम पूरा होते ही इंसान के वॉलेट में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाता है, आमतौर पर क्रिप्टो या स्टेबलकॉइन के जरिए।
I launched https://t.co/tNYOm7V5wD last night and already 130+ people have signed up including an OF model (lmao) and the CEO of an AI startup.
— Alex (@AlexanderTw33ts) February 2, 2026
If your AI agent wants to rent a person to do an IRL task for them its as simple as one MCP call. pic.twitter.com/tgqlAWDWtJ
RentAHuman.ai पर जिन कामों की मांग देखी जा रही है, उनमें इन-पर्सन मीटिंग्स, पैकेज पिकअप या डिलीवरी, फिजिकल वेरिफिकेशन, इवेंट अटेंड करना, हार्डवेयर टेस्टिंग, रियल एस्टेट विजिट, छोटे-मोटे काम, फोटोग्राफी और डॉक्युमेंटेशन जैसे टास्क शामिल हैं। प्लेटफॉर्म का दावा है कि इससे इंसानों को फ्लेक्सिबल कमाई का नया जरिया मिलता है, वहीं AI एजेंट्स को रियल वर्ल्ड की सीमाएं पार करने में मदद मिलती है।
टेक्निकल साइड की बात करें तो यह प्लेटफॉर्म Model Context Protocol यानी MCP सर्वर के जरिए काम करता है, जिसे कई पॉपुलर AI एजेंट फ्रेमवर्क्स के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा REST API का ऑप्शन भी दिया गया है, ताकि अलग-अलग सिस्टम्स आसानी से इसे इस्तेमाल कर सकें। टेस्टिंग के लिए मॉक मोड भी मौजूद है, जिससे बिना असली पेमेंट के सिस्टम को चेक किया जा सकता है।
लॉन्च के कुछ ही घंटों में इस प्लेटफॉर्म को काफी तगड़ा रिस्पॉन्स मिला। डेवलपर के मुताबिक, शुरुआती 48 घंटों में ही हजारों लोग साइन अप कर चुके थे। अलग-अलग प्रोफेशन से जुड़े लोग इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिनमें प्रोफेशनल्स, साइड इनकम तलाशने वाले यूजर्स और AI स्टार्टअप्स से जुड़े लोग शामिल हैं।
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