कंपनी की 3G सर्विस उन क्षेत्रों से हटाया जा सकता है जहां 4G नेटवर्क लॉन्च किया जा चुका है। BSNL के 4G नेटवर्क के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है
हाल ही में कंपनी ने 5G नेटवर्क के लिए टेस्टिंग को पूरा किया है
सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की 3G सर्विस को जल्द बंद किया जा सकता है। देश के कई क्षेत्रों में हाल ही में BSNL ने 4G नेटवर्क को लॉन्च किया है। कंपनी की लगभग एक लाख 4G साइट्स लाइव हो चुकी हैं। कंपनी की 3G सर्विस उन क्षेत्रों से हटाया जा सकता है जहां 4G नेटवर्क लॉन्च किया जा चुका है।
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि BSNL की योजना ZTE जैसी चाइनीज टेलीकॉम इक्विपमेंट मेकर्स के साथ अपने एनुअल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स को भी समाप्त करने की है। केंद्र सरकार ने प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को चाइनीज इक्विपमेंट मेकर्स को उनके नेटवर्क से हटाने के लिए कहा था। BSNL के 4G नेटवर्क के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है। इसके साथ भारत ने 4G टेक्नोलॉजी के क्लब में एंट्री की है। इससे पहले चार देशों - स्वीडन, दक्षिण कोरिया, चीन और फिनलैंड की पांच कंपनियों का इस टेक्नोलॉजी में दबदबा था। कंपनी के 4G नेटवर्क का डिजाइन क्लाउड-बेस्ड है, जिसे 5G नेटवर्क पर अपग्रेड किया जा सकता है। हाल ही में कंपनी ने 5G नेटवर्क के लिए टेस्टिंग को पूरा किया है।
BSNL के नए टेलीकॉम टावर्स सोलर पावर का इस्तेमाल करते हैं। Reliance Jio और Bharti Airtel जैसी बड़ी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों का 5G नेटवर्क देश के लगभग प्रत्येक हिस्से में मौजूद है। प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों का मुकाबला करने में BSNL को मुश्किल रही है। BSNL की 5G सर्विस को Q-5G कहा जाएगा। इसमें Q का मतलब Quantum से है। टेलीकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कंपनी से अपने कस्टमर्स की संख्या बढ़ाने के साथ ही मोबाइल सर्विस से मिलने वाले रेवेन्यू में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के लिए कहा है।
इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में BSNL का लॉस बढ़ा है। पिछले वित्त वर्ष की अंतिम दो तिमाहियों में कंपनी ने प्रॉफिट दर्ज किया था। दूसरी तिमाही में कंपनी का लॉस लगभग 1,357 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इससे पिछली तिमाही में कंपनी का लॉस 1,048 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने जाली लिंक्स वाले SMS से यूजर्स को सुरक्षित करने के लिए एंटी-स्मिशिंग और एंटी-स्पैम प्रोटेक्शन भी शुरू किया है। BSNL ने e-SIM सर्विस को भी उपलब्ध कराया है। इससे कंपनी की मोबाइल सर्विस के लिए कस्टमर्स को फिजिकल SIM कार्ड का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इसके लिए यूजर्स के डिवाइस का e-SIM के लिए कम्पैटिबल होना जरूरी है।
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