• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सूर्य में फ‍िर धमाका! इस बार शुक्र और मंगल निशाने पर, पृथ्‍वी भी आएगी चपेट में? जानें

सूर्य में फ‍िर धमाका! इस बार शुक्र और मंगल निशाने पर, पृथ्‍वी भी आएगी चपेट में? जानें

सीएमई या सोलर फ्लेयर जैसी घटनाएं इंसानों को सीधे प्रभावित नहीं करतीं। हालांकि अलग-अलग कारणों से हमारी दिनचर्या पर असर हो सकता है।

सूर्य में फ‍िर धमाका! इस बार शुक्र और मंगल निशाने पर, पृथ्‍वी भी आएगी चपेट में? जानें

सोलर मैक्सिमम की अवधि साल 2025 तक जारी रहने वाली है।

ख़ास बातें
  • सूर्य में हलचलों का दौर जारी है
  • सोलर फ्लेयर के बाद अब सीएमई सूर्य से निकला
  • इसका सबसे ज्‍यादा असर शुक्र ग्रह पर होगा
विज्ञापन
सूर्य में बीते 2 दिनों में जिस तरह की हलचल हुई है, उसने वैज्ञानिकों को सकते में डाल दिया है! इसकी शुरुआत 20 जून को एक सोलर फ्लेयर के भड़कने से हुई। सूर्य में बने सनस्‍पॉट से निकला फ्लेयर इस साल के सबसे बड़े विस्‍फोटों में से एक रहा, जिससे अमेरिका और कनाडा में अस्‍थायी रेडियो ब्‍लैकआउट कर दिया। अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने सूर्य से एक कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) को निकलते हुए स्‍पॉट किया है। यह बेहद ताकतवर है। अच्‍छी बात है कि इसका फोकस शुक्र और मंगल ग्रह हैं, लेकिन सीएमई की दिशा बदली, तो पृथ्‍वी भी इसकी चपेट में आ सकती है।  

स्‍पेसवेदरडॉटकॉम ने बताया है कि इस सीएमई की वजह से शुक्र और मंगल ग्रह के वायुमंडल पर असर हो सकता है। पृथ्‍वी पर इसका असर हुआ, तो यहां भी ऑरोरा दिखाई दे सकते हैं। गौरतलब है कि सीएमई या सोलर फ्लेयर जैसी घटनाएं इंसानों को सीधे प्रभावित नहीं करतीं। हालांकि अलग-अलग कारणों से हमारी दिनचर्या पर असर हो सकता है। इनके असर से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है। पावर ग्रिड फेल हो सकते हैं। ये तूफान पृथ्‍वी की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरे में डाल सकते हैं। 

हमारा सूर्य, सोलर मैक्सिमम की अवधि से गुजर रहा है। इस दौरान वह ज्‍यादा उग्र है और कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME), सोलर फ्लेयर्स (Solar Flares) जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा है। सोलर मैक्सिमम की अवधि साल 2025 तक जारी रहने वाली है। इस वजह से पृथ्‍वी को आए दिन किसी ना किसी चुनौती का सामना करना होगा

मौजूदा सीएमई की वजह से सबसे ज्‍यादा असर शुक्र ग्रह को होगा। स्‍पेसवेदरडॉटकॉम के अनुसार, इसकी वजह से शुक्र ग्रह के वायुमंडल का छोटा हिस्‍सा बर्बाद हो सकता है। मंगल ग्रह पर इस सीएमई की वजह से चमकीले ऑरोरा दिखाई देंगे। इन्‍हें वो सैटेलाइट भी देख पाएंगे, जो मंगल की परिक्रमा कर रहे हैं। पृथ्‍वी पर अगर इस नुकसान ने असर दिखाया, तो यह हमारे सैटेलाइट्स, कम्‍युनिकेशन और ग्रिडों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि जमीनी स्‍तर पर इसका प्रभाव ना के बराबर होगा।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon की सेल में Acer, Lenovo और कई ब्रांड्स के मिड-रेंज लैपटॉप्स पर 20,000 रुपये से ज्यादा का डिस्काउंट 
  2. OTT देखना हुआ और सस्ता! JioHotstar के नए प्लान्स लॉन्च, Rs 79 से शुरू सब्सक्रिप्शन
  3. iQOO 15 Ultra में मिल सकता है 50 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा, गेमिंग के लिए होंगे अलग फीचर्स 
  4. Infinix NOTE Edge हुआ लॉन्च: स्लिम बॉडी में फिट है 6500mAh की बड़ी बैटरी और JBL-ट्यून्ड स्पीकर्स, जानें कीमत
  5. 3 चट्टानों की होगी पृथ्वी से टक्कर? एस्टरॉयड को लेकर नासा अलर्ट
  6. Redmi Turbo 5 Max में मिलेगी 9,000mAh की बैटरी, इस महीने होगा लॉन्च
  7. Redmi K100, K100 Pro Max में होगा Snapdragon 8 Elite सीरीज का सबसे दमदार प्रोसेसर!
  8. Lava Blaze Duo 3 भारत में लॉन्च: इस 'बजट' फोन में हैं 2 स्क्रीन, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशंस
  9. पाकिस्तान ने लॉन्च किया अपना ChatGPT, उर्दू भाषा का सबसे बड़ा मॉडल Qalb AI!
  10. Realme P4 Power में होगी 10,000mAh बैटरी, 12GB रैम, दमदार Dimensity चिप!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »