वायु प्रदूषण के इस माहौल में फास्क मास्क काफी राहत प्रदान करते हैं। AirGearPro G-500 एक रीयूजेबल मास्क है जो कि A1P2 फिल्टर के साथ आता है। वहीं 3M Half Facepiece Reusable Respirator 6200 एक आधे चेहरे को कवर करने वाला मास्क है। इसके अलावा TORIOX Gas Mask एक फुल फेस रेसपिरटर गैस मास्क है जो कि कई बार उपयोग किया जा सकता है।
आसमान में एक अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा जब हमारा चंद्रमा, शुक्र ग्रह और शनि ग्रह एक दूसरे के पास दिखाई देंगे। यानी चंद्रमा इन दोनों ग्रहों से घिरा नजर आएगा। हालांकि शुक्र और शनि को बिना किसी उपकरण जैसे टेलीस्कोप आदि के पहचाना जा सकेगा। लेकिन जो लोग शनि के छल्ले देखना चाहते हैं उन्हें इसके लिए टेलीस्कोप जैसे उपकरण की आवश्यकता होगी।
केंद्र सरकार ने भारत ने शुक्र ग्रह मिशन को हरी झंडी दे दी है। ISRO ने इसे वीनस ऑर्बिटर मिशन (VOM) नाम दिया है। शुक्रयान-1 इस मिशन का पहला भाग होगा जो 2028 में लॉन्च होगा। इसी के साथ सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) को भी मंजूरी दे दी है। यह भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा। ISRO के निदेशक नीलेश एम देसाई ने यह जानकारी साझा की।
Aliens : नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर की रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. मिशेल थेलर ने शुक्र ग्रह (Venus) पर जीवन के संभावित संकेतों का एक सिद्धांत प्रस्तावित किया है।
ओशनगेट (OceanGate) के को-फाउंडर गुइलेर्मो सोहनेलिन ने 2020 में ह्यूमन्स2वीनस को शुरू किया था। इसी प्रोजेक्ट का मकसद इंसानों को शुक्र ग्रह पर भेजना है।
28 मार्च को हमारे सौर मंडल के 5 ग्रह पृथ्वी से दिखाई देंगे। सूर्यास्त के तुरंत बाद बृहस्पति, बुध, यूरेनस, मंगल और शुक्र ग्रहों को आकाश में एक जगह पर एक सीध में देखने की उम्मीद बन रही है।
इन कन्जंगक्शन के बारे में Nasa अपने ब्लॉग्स के समझा चुकी है। उसके मुताबिक इनका कोई खगोलीय महत्व नहीं होता। ये घटनाएं सिर्फ देखने के लिए होती हैं, क्योंकि ऐसे नजारे मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
Nasa Video : अपने वीडियो ने नासा ने शुक्र ग्रह के बारे में दिलचस्प चीजें शेयर की हैं। बताया है कि शुक्र ग्रह का वायुमंडल 24 किलोमीटर मोटी कार्बन डाई ऑक्साइड की परत से घिरा है।
Venus : नासा (Nasa) की एक स्टडी में कहा गया है कि शुक्र ग्रह कभी पृथ्वी की तरह ही पानी का संसार था, लेकिन वहां होने वाली बहुत अधिक ज्वालामुखीय गतिविधि ने इसे एक अम्लीय (Acidic) गर्म ग्रह में बदल दिया।
Venus : पिछले हफ्ते पेरिस में इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉटिकल कांग्रेस (IAC) में प्रस्तुत एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने मंगल के बजाए शुक्र ग्रह के लिए एक मिशन लॉन्च करने का आह्वान किया है।