'अंतरिक्ष से शानदार दिखता है भारत', NASA की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने जानकारी

पिछले वर्ष जून में विलियम्स और विल्मोर कुछ दिन के मिशन पर ISS पर गए थे। हालांकि, स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्या के कारण ये फंस गए थे

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 1 अप्रैल 2025 22:25 IST
ख़ास बातें
  • पिछले महीने विलियम्स की धरती पर वापसी हुई थी
  • ISS पर कुछ दिन के मिशन पर गई विलियन्स ने स्पेस में नौ महीने बिताए थे
  • भारत भी अंतरिक्ष में ह्युमन मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है

पिछले महीने विलियम्स की ISS पर लगभग नौ महीने के मिशन के बाद धरती पर वापसी हुई थी

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA की एस्ट्रोनॉट Sunita Williams ने बताया है कि अंतरिक्ष से भारत 'शानदार' दिखता है। भारतीय मूल की विलियम्स ने स्पेस एक्सप्लोरेशन के अपने अनुभवों को साझा करने के लिए भारत आने की इच्छा भी जताई। पिछले महीने विलियम्स की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर लगभग नौ महीने के मिशन के बाद धरती पर वापसी हुई थी। 

विलियम्स (59 वर्ष) ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, "भारत शानदार दिखता है। हर बार हमारे हिमालय के ऊपर जाने पर यह शानदार था। हमारे पास हिमालय की कुछ उत्कृष्ट पिक्चर्स हैं।" उनके साथ Butch Wilmore भी ISS मौजूद थे। बिलिनेयर Elon Musk की रॉकेट कंपनी SpaceX के Crew-10 मिशन के जरिए इन दोनों एस्ट्रोनॉट की धरती पर वापसी हुई है। इनके साथ Nick Hague और रूस की स्पेस एजेंसी Roscosmos के कॉस्मोनॉट Aleksandr Gorbunov भी 18 मार्च को SpaceX के Dragon स्पेसक्राफ्ट के जरिए अमेरिका के कैलिफोर्निया में Tallahassee के समुद्र पर उतरे थे। 

अंतरिक्ष से भारत को देखने के बारे में विलियम्स ने कहा, "जब आप पूर्व से आते हैं और गुजरात और मुंबई में जाते हैं तो आपको समुद्र में मछुआरों के बेड़े दिखते हैं। पूरे भारत में मुझे दिखा कि बड़े शहरों में लाइट्स का नेटवर्क नीचे छोटे शहरों की तरफ जा रहा है। भारत को दिन के साथ ही रात में देखना शानदार है।" उन्होंने भारत आने को लेकर भी उत्साह दिखाया। 

पिछले वर्ष जून में विलियम्स और विल्मोर कुछ दिन के मिशन पर ISS पर गए थे। हालांकि, स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्या के कारण ये फंस गए थे। Boeing के Starliner स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्या के कारण विलियम्स और विल्मोर की वापसी नहीं हो सकी थी। स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को ISS तक पहुंचने में मुश्किलें हो रही थी। इस स्पेसक्राफ्ट से हीलियम का लीक होना एक बड़ी मुश्किल थी। ISS की कमान रूस के एस्ट्रोनॉट Oleg Kononenko ने विलियम्स को सौंपी थी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कहा था कि स्पेस मिशंस में इस प्रकार की चुनौतियां देश के महत्वाकांक्षी Gaganyaan मिशन के लिए महत्वपूर्ण सीख होगी। अगले वर्ष  भारत की चंद्रयान-4 के लॉन्च की योजना है। देश के स्पेस एक्सप्लोरेशन के प्रयासों में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा से सैम्पल वापस धरती पर लाना होगा। 
 
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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