गगनयान मिशन में हुई बड़ी प्रगति, ISRO ने किया क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट टेस्ट

यह टेस्ट उस पैराशूट सिस्टम के लिए था जिससे इस मिशन पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स की स्पेस से धरती पर सुरक्षित वापसी होगी

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 12 नवंबर 2025 22:42 IST
ख़ास बातें
  • इस मिशन में भारतीय एस्ट्रोनॉट्स को लो अर्थ ऑर्बिट में भेजा जाएगा
  • गगनयान मिशन पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का खर्च होगा
  • ISRO ने इस मिशन के लिए एयर ड्रॉप टेस्ट को पहले ही पूरा कर लिया है

यह मिशन 2027 में लॉन्च किया जाना है

भारत के पहले ड्युमन स्पेसफ्लाइट मिशन गगनयान की तैयारी जल्द पूरी हो सकती है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने Gaganyaan के लिए इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट (IMAT) को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह टेस्ट उस पैराशूट सिस्टम के लिए था जिससे इस मिशन पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स की स्पेस से धरती पर सुरक्षित वापसी होगी।  

ISRO ने यह टेस्ट उत्तर प्रदेश में झांसी की बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया है। इसमें भारतीय वायु सेना के IL-76 एयरक्राफ्ट से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से लगभग 2.5 टन के क्रू मॉड्यूल को गिराया था। क्रू मॉड्यूल के नीचे उतरने पर पैराशूट सिस्टम बिना किसी मुश्किल के खुला जिससे इसकी वास्तविक मिशन के दौरान अत्यधिक मुश्किल स्थिति को संभालने में इसकी क्षमता साबित हो गई है। गगनयान के लिए पैराशूट सिस्टम इंजीनियरिंग का एक जटिल उपकरण है। ISRO ने इस मिशन के लिए एयर ड्रॉप टेस्ट को पहले ही पूरा कर लिया है। यह टेस्ट बंगाल की खाड़ी के ऊपर चिनूक हेलीकाप्टर से किया गया था। 

इस मिशन में एक या दो भारतीय एस्ट्रोनॉट्स को कुछ दिनों के लिए लो अर्थ ऑर्बिट में भेजा जाएगा। गगनयान मिशन पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का खर्च होगा। गगनयान मिशन की सफलता के साथ भारत ऐसे चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने ह्युमन स्पेस फ्लाइट को डिवेलप किया है। हाल ही में ISRO के चेयरमैन, V Narayanan ने बताया था, "गगनयान मिशन की प्रगति अच्छी चल रही है। मैं यह कह सकता हूं कि इसके डिवेलपमेंट का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।" नारायणन ने कहा था कि यह मिशन 2027 में लॉन्च किया जाएगा। 

इससे पहले ISRO बिना क्रू वाली तीन टेस्ट फ्लाइट को भेजेगा। इनमें से पहला बिना क्रू वाला मिशन ह्युमनॉइड Vyomitra के साथ इस वर्ष के अंत तक उड़ान भर सकता है। इस मिशन की तैयारी को लेकर ISRO काफी सतर्कता बरत रहा है। इस महीने की शुरुआत में ISRO ने सैटेलाइट लॉन्च में अपनी विशेषज्ञता को एक बार फिर साबित किया था। देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट CMS-03 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। इस सैटेलाइट का भार लगभग 4,410 किलोग्राम का है। यह एक मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। इससे भारत सहित ओशियानिक रीजन में सर्विसेज उपलब्ध कराई जा सकेंगी। 

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