धरती पर पानी की ट्रैकिंग करेगा NASA का एक अरब डॉलर का सैटेलाइट

वैज्ञानिकों को धरती पर पानी की ट्रैकिंग में मदद के लिए अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का नया सैटेलाइट मदद करेगा

धरती पर पानी की ट्रैकिंग करेगा NASA का एक अरब डॉलर का सैटेलाइट

SWOT से वैज्ञानिकों को दुनिया भर में पानी के मूवमेंट और गहराई को मापने में आसानी होगी

ख़ास बातें
  • इस सैटेलाइट की कॉस्ट लगभग 1.2 अरब डॉलर की है
  • यह NASA और फ्रेंच नेशनल सेंटर फॉर स्पेस स्टडीज का ज्वाइंट मिशन है
  • SWOT के सफल रहने पर हाइड्रोलॉजी को लेकर बड़े बदलाव हो सकते हैं
विज्ञापन
दुनिया भर में मौसम पर असर डालने में लाखों नदियों और झीलों का बड़ा योगदान होता है। वैज्ञानिकों को धरती पर पानी की ट्रैकिंग में मदद के लिए अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का नया सैटेलाइट मदद करेगा। Surface Water and Ocean Topography Satellite (SWOT) को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग फोर्स बेस से गुरुवार को लॉन्च किया जाएगा। इस सैटेलाइट की कॉस्ट लगभग 1.2 अरब डॉलर की है। 

यह NASA और फ्रेंच नेशनल सेंटर फॉर स्पेस स्टडीज का ज्वाइंट मिशन है। इससे पानी के ऐसे स्रोतों की निगरानी भी हो सकेगी जो मौजूदा तरीकों से ट्रैक नहीं किए जा सकते। SWOT से वैज्ञानिकों को दुनिया भर में पानी के मूवमेंट और गहराई को मापने में आसानी होगी। इस मिशन से जुड़ी ओशनोग्राफर Rosemary Morrow ने बताया, "इससे स्थिति में बड़ा बदलाव होगा। यह कम दिखने पर चश्मा लगाने जैसा होगा जिससे स्थिति को स्पष्ट देखा जा सकेगा।" इस मिशन में शामिल हाइड्रोलॉजिस्ट Tamlin Pavelsky ने कहा कि धरती पर मौजूद लगभग 60 लाख झीलों और जलाश्यों में से केवल 10,000-20,000 का ही डेटा सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध है। SWOT ने लगभग इन सभी झीलों और जलाश्यों को नियमित अंतराल पर मापा जाएगा। 

पिछले वर्ष ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी में जियोग्राफर Sarah Cooley की अगुवाई वाली एक टीम ने लगभग 2.27 लाख झीलों के क्षेत्र और पानी के स्तर की सैटेलाइट मेजरमेंट्स को एकत्र किया था। हालांकि, यह डेटा 90 दिनों के बाद ही उपलब्ध होता है। यह डेटा भी SWOT को उपलब्ध कराया जाएगा। 

SWOT से पहले ही नदियों की हाइड्रोलॉजी में आगे बढ़ने में मदद मिली है। रिसर्चर्स ने पानी के स्तर और गहराई को प्रवाह के अनुमानों में तब्दील करने के लिए नए तरीके विकसित किए हैं। इन तरीकों को मौजूदा सैटेलाइट डेटा के साथ जोड़ने पर वैज्ञानिकों ने ताजा पानी को नदियों के समुद्र में ले जाने की मात्रा का संशोधित अनुमान दिया है। SWOT से इस अनुमान में बदलाव हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि SWOT के सफल रहने पर हाइड्रोलॉजी को लेकर बड़े बदलाव हो सकते हैं। क्लाइमेट चेंज जैसी मुश्किलों से निपटने में भी इससे मदद मिल सकती है। SWOT से मिलने वाले डेटा और इमेजेज का इस्तेमाल पानी के स्तर पर नियंत्रण और इसे बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. अमेरिका ने AI चिप के एक्सपोर्ट पर पाबंदी का बढ़ाया दायरा, चीन को लगेगा झटका
  2. Ola Electric की सेल्स में बढ़ोतरी, मई में बेचे 15,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स
  3. इस देश में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगा बैन....
  4. 3.2 करोड़ मच्छरों की फौज तैयार कर रहा Google, खुले में छोड़ने के लिए मांगी मंजूरी
  5. Vivo X Fold 6 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  6. Huawei Nova 16 Ultra हुआ 200MP कैमरा, Kirin 9010S चिपसेट के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
  7. Bitcoin पर ETF से करोड़ों डॉलर निकलने का प्रेशर, 73,000 डॉलर से कम हुआ प्राइस
  8. 200MP कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ Huawei Nova 16 Pro लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  9. बिजली जाने पर भी चलता रहेगा Wi-Fi! Portronics ने लॉन्च किया राउटर का UPS, जानें कीमत
  10. Acer Predator Helios 18 AI (2026) गेमिंग लैपटॉप 256GB RAM के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »