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Research - ख़बरें

  • Anthropic के नए AI टूल से सहमी टेक कंपनियां, लीगल वर्क को करेगा ऑटोमेट
    SaaSpocalypse की जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका में वॉल स्ट्रीट पर टेक कंपनियों के शेयर्स में बड़ी गिरावट हुई है। इससे Adobe, Cognizant, Thomson Reuters और Gartner जैसी कंपनियों के शेयर्स सात प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक टूटे हैं। भारत में भी IT कंपनियों के शेयर्स पर इसका बड़ा असर पड़ा है। TCS का शेयर लगभग सात प्रतिशत, Infosys का लगभग आठ प्रतिशत और HCL का पांच प्रतिशत से अधिक गिरा है।
  • सस्ते मोबाइल भूल जाओ! नए स्मार्टफोन की औसत कीमत Rs 37 हजार के पार
    स्मार्टफोन की कीमतों में बड़ी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। 2025 के अंत में स्मार्टफोन मार्केट ने कीमतों के मामले में नई ऊंचाई को छू लिया है। अब एक नए स्मार्टफोन की कीमत 400 डॉलर के औसत प्राइस को पार कर गई है। यानी एक नए स्मार्टफोन की औसत कीमत अब लगभग 37 हजार रुपये पहुंच गई है।
  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
  • OpenAI के कर्मचारी ने कहा कि AI इंजीनियर और सेल्स टीम से पहले खा लेगा रिसर्चर की नौकरी
    वर्तमान में कई कंपनियों ने एआई को अपने सिस्टम में शामिल करते हुए एंट्री लेवल की कई नौकरियों को खत्म करना शुरू कर दिया है। अब हाल ही में हाइपरबोलिक लैब्स के को-फाउंडर और सीटीओ यूचेन जिन ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर पोस्ट किया कि OpenAI के एक रिसर्चर ने उन्हें बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे पहले रिसर्चर की जगह ले लेगा।
  • पाकिस्तान ने लॉन्च किया अपना ChatGPT, उर्दू भाषा का सबसे बड़ा मॉडल Qalb AI!
    पाकिस्तान ने उर्दू भाषा पर फोकस करते हुए Qalb AI नाम का नया लार्ज लैंग्वेज मॉडल लॉन्च किया है, जिसे ChatGPT के उर्दू विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इस मॉडल को 1.97 बिलियन टोकन्स पर ट्रेन किया गया है और सात से ज्यादा इंटरनेशनल बेंचमार्क्स पर टेस्ट किया गया है। डेवलपर्स के मुताबिक, Qalb AI ने मौजूदा उर्दू-केंद्रित मॉडल्स से बेहतर परफॉर्म किया है। इसे अमेरिका में पढ़ रहे पाकिस्तानी छात्र तैमूर हसन के नेतृत्व में तैयार किया गया है।
  • 12 अरब 'एलियन सिग्नल' खंगाल रहे वैज्ञानिक! दूसरी दुनिया का खुलेगा राज?
    एलियन लाइफ का पता लगाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसके लिए एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। यह SETI@Home प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाता है जिसे 1999 में शुरू किया गया था। Puerto Rico में एक विशाल रेडियो टेलीस्कोप इसके लिए काम कर रहा था। लेकिन 2020 में एक केबल फेल हो जाने के कारण यह बंद हो गया और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया। फिर भी वैज्ञानिक 21 साल का डेटा पाने में कामयाब रहे। इस डेटा में 12 अरब ऐसे रेडियो सिग्नल शामिल हैं जो अंतरिक्ष से आए हैं।
  • आप कितने साल जीएंगे, बताएंगे आपके दांत!
    आपके दांत आपके जीवन की लम्बाई तय कर सकते हैं। जापान में ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 75 साल से ऊपर के 1 लाख 90 हजार लोगों पर रिसर्च की और कई चौंकाने वाले नतीजे पाए। रिसर्च के दौरान इन लोगों के दांतों के स्वास्थ्य का गहराई से अध्य्यन किया गया। प्रत्येक दांत को इन्होंने 'स्वस्थ', 'भरा गया दांत', 'गला हुआ दांत', या 'खो चुका दांत' में वर्गीकृत किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि केवल दांतों की संख्या नहीं बल्कि उनका स्वास्थ्य भी यह तय करता है कि कोई व्यक्ति कितना लंबा जीने वाला है।
  • Apple की टॉप स्पॉट पर वापसी! 14 साल बाद Samsung को दी सीधी मात, जानें बाकी ब्रांड्स का हाल
    2025 में ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Counterpoint Research की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple ने 14 साल बाद Samsung को पीछे छोड़ते हुए टॉप पोजिशन हासिल कर ली है। Apple ने 20% ग्लोबल मार्केट शेयर और 10% सालाना ग्रोथ दर्ज की, जबकि Samsung 19% शेयर और 5% ग्रोथ के साथ दूसरे नंबर पर रहा। iPhone 17 की मजबूत लॉन्चिंग, iPhone 16 की लगातार डिमांड और उभरते बाजारों में प्रीमियम स्मार्टफोन्स की बढ़ती पसंद ने Apple को बढ़त दिलाई। रिपोर्ट बताती है कि 2025 स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए एक अहम टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
  • स्मार्ट गैजेट्स के बाद अब स्मार्ट दवा! चिप वाली गोली पेट में जाके भेजेगी सिग्नल, जानें किस काम आएगी
    MIT की नई रिसर्च में एक स्मार्ट पिल पेश की गई है, जो मरीज के पेट में पहुंचते ही रेडियो सिग्नल भेजकर यह कन्फर्म कर देती है कि दवा निगली जा चुकी है। इस पिल में बायोडिग्रेडेबल RF एंटीना का इस्तेमाल किया गया है, जो कुछ दिनों में शरीर के अंदर घुल जाता है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जिन्हें ट्रांसप्लांट, टीबी या HIV जैसी बीमारियों में नियमित दवा लेना जरूरी होता है। इससे डॉक्टर मरीज की दवा लेने की आदत पर बेहतर नजर रख सकेंगे।
  • दुनिया का सबसे छोटा रोबोट तैयार, साइज रेत जैसा लेकिन सोचने और चलने की ताकत
    University of Pennsylvania और University of Michigan के वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे छोटे पूरी तरह प्रोग्रामेबल और ऑटोनॉमस रोबोट तैयार किए हैं। ये माइक्रो रोबोट रेत के एक दाने से भी छोटे हैं और लाइट की मदद से चलते व प्रोग्राम होते हैं। रिसर्च के मुताबिक, ये रोबोट अपने आसपास के माहौल को सेंस कर सकते हैं और ग्रुप में मिलकर भी काम कर सकते हैं। Science Robotics और PNAS में प्रकाशित स्टडीज़ के अनुसार, इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भविष्य में मेडिकल ट्रीटमेंट, सेल-लेवल हेल्थ मॉनिटरिंग और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
  • 10 सालों में 30 लाख से ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं खत्म, इन रोल्स पर पड़ेगा AI का असर!
    यूके के लेबर मार्केट पर ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के असर को लेकर एक नई रिपोर्ट ने बड़ा अनुमान पेश किया है। National Foundation for Educational Research (NFER) के मुताबिक, देश में 2035 तक करीब 30 लाख लो-स्किल्ड नौकरियां खत्म हो सकती हैं। रिपोर्ट बताती है कि सबसे ज्यादा खतरा ट्रेड्स, मशीन ऑपरेशन्स और बेसिक एडमिनिस्ट्रेशन जैसी भूमिकाओं पर मंडरा रहा है, जहां रुटीन टास्क को AI और ऑटोमेटेड सिस्टम आसानी से संभाल सकते हैं।
  • AI रिसर्च असिस्टेंट्स के जवाबों के भरोसे हो तो ये खबर आपके लिए है, नई स्टडी ने खोली पोल!
    Salesforce और Microsoft की रिसर्च ने चेताया है कि AI सिस्टम्स पर आंख मूंदकर भरोसा करना जोखिम भरा है। DeepTRACE फ्रेमवर्क से पता चला कि कई टूल्स अधूरे और एकतरफा जवाब देते हैं, जिनमें गलत या गैरजरूरी रेफरेंस शामिल होते हैं। GPT-5 deep research mode ने बेहतर परफॉर्म किया, लेकिन अभी कोई भी सिस्टम पूरी तरह बैलेंस्ड नहीं है।
  • ChatGPT की तरह बोलने लगे हैं इंसान, स्टडी में हुआ खुलासा
    ChatGPT जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) चैटबॉट्स के आने से मानव ने एक-दूसरे के साथ बात करने के तरीके बदले हैं। रिसर्चर ने कुछ GPT शब्दों की फ्रीक्वेंसी का पता लगाने के लिए ChatGPT के रिलीज होने से पहले और बाद के 3,60,000 से ज्यादा यूट्यूब वीडियो और 7,71,000 पॉडकास्ट एपिसोड को देखा और विश्लेषण किया। जबसे चैटजीपीटी लोकप्रिय हुआ है, लोग कुछ शब्दों का उपयोग ज्यादा बार कर रहे हैं।
  • Rs 19,500 वाला Google AI Plan अब स्टूडेंट्स के लिए बिल्कुल Free!
    Google ने भारत में पढ़ रहे कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए बड़ा सरप्राइज दिया है। कंपनी ने अपने प्रीमियम AI टूल्स वाला AI Pro प्लान, जिसकी प्रति माह कीमत 1,950 रुपये, लेकिन सालाना 19,500 रुपये पड़ती है, अब इंडियन स्टूडेंट्स के लिए एक साल तक फ्री में अवेलेबल करा दिया है। इस प्लान में यूजर्स को Gemini 2.5 Pro, Veo 3, NotebookLM Plus, Deep Research जैसे एडवांस्ड AI फीचर्स मिलते हैं, जिनका इस्तेमाल नॉर्मली सिर्फ सब्सक्रिप्शन लेकर किया जा सकता था। अब ये सब कुछ इंडिया के स्टूडेंट्स के लिए बिना किसी चार्ज के मिलेगा, बस कुछ जरूरी कंडीशन्स फॉलो करनी होंगी।
  • सावधान! ये 20 ऐप्स कहीं आपके फोन में तो नहीं? हटाया नहीं तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
    अगर आप भी मोबाइल ऐप से अपना क्रिप्टो वॉलेट मैनेज करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। Cyble Research & Intelligence Labs (CRIL) की नई रिपोर्ट में सामने आया है कि Google Play Store पर 20 से भी ज्यादा ऐसे फेक ऐप्स मौजूद थे, जो असली क्रिप्टो वॉलेट्स जैसे दिखते थे लेकिन असल में यूजर का डेटा और फंड चुराने के लिए डिजाइन किए गए थे। CRIL के मुताबिक, ये ऐप्स दिखने में SushiSwap, PancakeSwap और HyperLiquid जैसे पॉपुलर वॉलेट्स जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें ऐसे कोड शामिल थे जो यूजर्स का 12 शब्दों वाला रिकवरी फ्रेज (seed phrase) चोरी कर लेते थे।

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