सरकार को आशंका है कि अज्ञात यूजरनेम से फ्रॉड करने वालों के लिए अपने मोबाइल नंबर का खुलासा किए बिना यूजर्स से संपर्क करना आसान हो जाएगा। इससे सायबरक्राइम और नकली पहचान के मामलों की जांच में भी मुश्किल बढ़ जाएगी
इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को भी यूजरनेम फीचर के प्रपोजल पर नोटिस दिया गया है
देश में ऐसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स की केंद्र सरकार की ओर से स्क्रूटनी की जा रही है जो यूजरनेम बेस्ड कम्युनिकेशन का विकल्प देते हैं। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स Telegram और Signal को इस बारे में नोटिस जारी किए हैं। हाल ही में इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर भी सरकार ने उसके यूजरनेम फीचर उपलब्ध कराने के प्रपोजल को लेकर शिकंजा कसा था।
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि मिनिस्ट्री ने Telegram और Signal को नोटिस देकर इनके प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर को लेकर प्रश्न किए हैं। इसके साथ ही इन दोनों मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स से यह बताने को कहा गया है कि वे फ्रॉड और नकली पहचान से जुड़ी आशंकाओं से निपटने के लिए क्या उपाय कर रहे हैं। सरकार ने विशेषतौर पर टेलीग्राम से पूछा है कि उसे यूजरनेम फीचर को बरकरार रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए। पिछले महीने NEET की दोबारा परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों के लीक होने की आशंका से निपटने के लिए सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी बैन लगाया था। इससे पहले NEET की परीक्षा के प्रश्नपत्र को टेलीग्राम के जरिए लीक करने का खुलासा हुआ था।
इस सप्ताह की शुरुआत में सरकार ने वॉट्सऐप को ऑपरेट करने वाली Meta को इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के यूजरनेम का फीचर उपलब्ध कराने के प्रपोजल पर नोटिस भेजा था। इस नोटिस में आशंका जताई गई थी कि इससे ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और नकली पहचान बनाकर धोखाधड़ी करने के मामले बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही सरकार ने वॉट्सऐप को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श होने तक यह फीचर उपलब्ध नहीं कराने का निर्देश दिया था। इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया है कि मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने ऐसे अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स की स्क्रूटनी शुरू की है जो यूजर्स को उनके मोबाइल नंबर के बजाय यूजरनेम के जरिए कम्युनिकेशन करने की अनुमति देते हैं।
सरकार को आशंका है कि अज्ञात यूजरनेम से फ्रॉड करने वालों के लिए अपने मोबाइल नंबर का खुलासा किए बिना यूजर्स से संपर्क करना आसान हो जाएगा। इससे सायबरक्राइम और नकली पहचान के मामलों की जांच में भी मुश्किल बढ़ जाएगी। वॉट्सऐप के लिए भारत सबसे बड़ा मार्केट है। देश में वॉट्सऐप के 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। वॉट्सऐप ने इस फीचर को पक्ष लेते हुए कहा था कि उसने स्कैम और नकली पहचान को रोकने के लिए सुरक्षा के उपाय किए हैं।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन