दिल्ली में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का आयोजन हर साल की तरह लाल किले पर होने वाला है।
Photo Credit: Pexels/Vishal Adhikari
दिल्ली पुलिस Abhigyan App उपयोग कर रही है।
दिल्ली में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का आयोजन हर साल की तरह लाल किले पर होने वाला है। इस दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहराते और भाषण देते हैं। दिल्ली सरकार और पुलिस इस पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम कर रही है। स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले लाल किले पर कई लेवल का सिक्योरिटी कवर किया गया है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली पुलिस भीड़ में संदिग्ध और वांछित लोगों की पहचान करने के लिए Abhigyan App उपयोग कर रही है और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) वाली वैन लगा रही है। आइए जानते हैं कि अभिज्ञान ऐप क्या है और कैसे काम करती है।
Abhigyan ऐप को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा तैयार किया गया है। यह एडवांस मोबाइल ऐप सुरक्षा एजेंसियों को सिर्फ 35 सेकंड में मौके पर ही फिंगरप्रिंट स्कैन करके किसी भी संदिग्ध या पुराने अपराधी की पहचान करने में मदद करता है। सुरक्षा को बेहतर बनाते हुए लोगों की जांच के लिए पहली बार अभिज्ञान ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस ऐप में एक करोड़ से ज्यादा अपराधियों का डेटाबेस है और पुलिसकर्मी रैंडम तरीके से चुने गए लोगों के फिंगरप्रिंट लेने के लिए हैंडहेल्ड डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अभिज्ञान ऐप नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) से लिंक है।
पुलिसकर्मी गश्त या वाहन जांच के दौरान पोर्टेबल स्कैनर की मदद से फिंगरप्रिंट ले सकते हैं।
अभिज्ञान ऐप से फिंगरप्रिंट की जांच कुछ ही सेकंड में डेटाबेस से हो जाती है।
फिंगरप्रिंट मैच होने पर अगर लाल साइन आता है तो व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड है और उसकी जानकारी स्क्रीन पर नजर आती है।
फिंगरप्रिंट मैच होने पर अगर हरा साइन आता है तो इसका मतलब है कि कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अभिज्ञान ऐप और FRS टेक्नोलॉजी भीड़ में संदिग्ध लोगों की पहचान करने में काफी मदद कर रही है। CCTV सर्विलांस, फेशियल रिकग्निशन, फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन और एंटी-ड्रोन सिस्टम से हाई-प्रोफाइल राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान सभी संदिग्ध गतिविधि को मॉनिटर किया जा रहा है। बिना पता चले न रह जाए। लाल किले और उसके आस-पास के इलाकों को मॉनिटर करने के लिए करीब 1 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें FRS-इनेबल्ड कैमरे भी शामिल हैं। इसके अलावा इलाके में हाई-रेजॉल्यूशन कैमरों से लैस FRS वैन भी तैनात की गई हैं। ये वैन भीड़ में चेहरों को स्कैन करती हैं और उन्हें उपलब्ध डेटाबेस से मिलाती हैं। अगर कोई वॉन्टेड या संदिग्ध व्यक्ति मिलता है, तो सिस्टम अलर्ट जारी करता है और तुरंत जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम को जानकारी भेजता है।
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