Apple, NVDIA और Zoho के औसत 34 प्रतिशत यानी कि करीबन एक-तिहाई प्रोफेशनल ने कहा कि वो देश के टियर-3 कॉलेजों से ग्रेजुएट हुए है।
Photo Credit: Pexels/Kobe
टियर 3 में राज्यों की यूनिवर्सिटी और निजी यूनिवर्सिटी आती हैं।
अक्सर यह चर्चा होती है कि बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी पाने के लिए IIT या IIM की डिग्री होनी चाहिए। मगर सिर्फ यहीं से शिक्षा लेने वालों को ही नौकरी मिलेगी ऐसा बिलकुल नहीं है। जी हां एक नए सर्वे में खुलासा हुआ है कि Apple, NVDIA और Zoho जैसी बड़ी टेक कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी भारत के टियर 1 कॉलेजों से पढ़े हुए नहीं बल्कि टियर-3 कॉलेजों से ग्रेजुएट है, जिन्हें आमतौर पर औसत कहा जाता है। इस सर्वे से टेक जगत के बारे में काफी कुछ सामने आया है, जिसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
Blind द्वारा किए गए एक नए सर्वे के अनुसार, Apple, NVDIA और Zoho के औसत 34 प्रतिशत यानी कि करीबन एक-तिहाई प्रोफेशनल ने कहा कि वो देश के टियर-3 कॉलेजों से ग्रेजुएट हुए है। Blind एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां वेरिफाइड वर्किंग प्रोफेशनल गुमनाम तरीके से एक-दूसरे से बातचीत कर सकते हैं। भारत में आईआईटी और आईआईएम जैसे बड़े इंस्टीट्यूट टियर-3 कॉलेजों में नहीं आते हैं।
इस स्टडी में 1,602 भारतीय प्रोफेशनल का 17 सितंबर से 24 सितंबर, 2025 के बीच सर्वे किया गया, जिससे यह पता चला कि एक टेक प्रोफेशनल का कॉलेज बैकग्राउंड उनके करियर को किस प्रकार प्रभावित करता है। Zoho, Apple, Nvidia, SAP और PayPal जैसी कंपनियों में काम करने वाले कई प्रोफेशनल ने कहा कि कॉलेज का उनके करियर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
NIRF 2025 के आधार पर आईआईटी, आईआईएससी, आईआईएम, बिट्स पिलानी को टियर 1 में रखा गया। टियर 2 में एनआईटी, डीटीयू, जादवपुर यूनिवर्सिटी आदि को रखा गया और टियर 3 में अन्य राज्यों की यूनिवर्सिटी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी को रखा गया और टियर 4 में विदेशी संस्थानों आदि को रखा गया था।
रिपोर्ट में सेल्सफोर्स के एक कर्मचारी ने कहा कि "IIT/IIIT/NIT के लोग आम तौर पर इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। IIT/IIIT/NIT से चयनित 50 प्रतिशत प्रोफेशनल को आमतौर पर नौकरी का ऑफर मिल ही जाता है। जबकि बाकी प्रोफेशनल की सफलता दर करीब 20 प्रतिशत है।" Goldman Sachs के एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि "कंपनियां अब सिर्फ IIT पर ही ध्यान नहीं दे रही हैं, बल्कि छोटे शहरों और टियर 3 कॉलेज के ग्रेजुएट्स को देखा जा रहा है। उनका मानना है कि थोड़ी सी ट्रेनिंग के साथ कोई भी टेक रॉकस्टार बन सकता है।"
टियर 1 और टियर 2 कॉलेजों के अधिकतर प्रोफेशनल ने माना कि कैंपस रिक्रूटमेंट ने उनके करियर को किसी भी अन्य चीज की तुलना में ज्यादा प्रभावित किया। सर्वे में टियर 3 के 59% पूर्व छात्र और टियर 4 के 45% पूर्व छात्र मानते हैं कि कॉलेज उनके लिए रिज्यूमे पर लिखी एक छोटी सी लाइन से ज्यादा कुछ नहीं है। यहां तक कि विदेशों से ग्रेजुएट हुए प्रोफेशनल में 53 प्रतिशत का मानना था कि उनकी डिग्री का उनकी सैलरी पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹44,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
CMF Buds Neo True Wireless Stereo (TWS) Earphones
Starts from ₹2,199
Amazfit Cheetah 2 Ultra
Starts from ₹54,999
JBL Tune 780NC Wireless Headphones
Starts from ₹7,999
Mivi One 5G भारत में लॉन्च होगा 24 सितंबर को, दो कैमरा के साथ ग्रीन कलर में दिखी पहली झलक!
Vivo V80 Lite 5G लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा के साथ, 10,000mAh बैटरी, IP69, IP69 रेटिंग!
Aadhaar में ईमेल घर बैठे करें अपडेट, सरकार ने फीस कर दी है फ्री
WhatsApp से कर पाएंगे बिजली और यूटिलिटी बिल का भुगतान, जानें