ईरान भी अमेरिका और इजरायल पर उसकी सुरक्षा को कमजोर करने के लिए इन डिवाइसेज को इम्पोर्ट करने का आरोप लगा चुका है। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और इजरायल के हमलों से जूझ रहे इस देश में सर्विस उपलब्ध कराने के लिए स्टारलिंक के पास लाइसेंस नहीं है
ट्रिलिनेयर Elon Musk की SpaceX के पास स्टारलिंक का कंट्रोल है
पिछले कुछ महीनों से मिडल ईस्ट में विवाद का केंद्र बने ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को भड़काने के लिए इजरायल भी जिम्मेदार था। इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री, Naftali Bennett ने मंगलवार को दावा किया कि इस वर्ष की शुरुआत में ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को भड़काने के लिए सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस देने वाली Starlink के रिसीवर्स की तस्करी की गई थी।
इजरायल के यरूशलम में एक इवेंट में Bennett ने कहा कि उन्होंने ईरान में स्टारलिंक के हजारों रिसीवर्स की तस्करी की शुरुआत की थी। इससे ईरान में इंटरनेट और सोशल मीडिया नेटवर्क्स को जारी रखा जा सकता था। उन्होंने बताया,"इजरायल की अक्षम सरकार ने इसे रोक दिया। ईरान में जब प्रदर्शन शुरू हुए तो इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था।" बेनेट का कहना था कि इजराल और मिडल ईस्ट के अन्य देशों को मिलकर ईरान के नेतृत्व को हटाना चाहिए।
ट्रिलिनेयर Elon Musk की SpaceX के पास स्टारलिंक का कंट्रोल है। ईरान भी अमेरिका और इजरायल पर उसकी सुरक्षा को कमजोर करने के लिए इन डिवाइसेज को इम्पोर्ट करने का आरोप लगा चुका है। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और इजरायल के हमलों से जूझ रहे इस देश में सर्विस उपलब्ध कराने के लिए स्टारलिंक के पास लाइसेंस नहीं है। हालांकि, मस्क ने बताया था कि इस इस्लामिक देश में यह सर्विस उपलब्ध है। इससे पहले भी मस्क ने भूराजनितिक विवादों वाले यूक्रेन जैसे कुछ देशों में स्टारलिंक की सर्विस को मुफ्त उपलब्ध कराया था।
ईरान में प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट को ब्लॉक करने जैसे कदम उठाए थे। अमेरिका की सरकार की ओर से इन प्रदर्शनों का अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन किया जा रहा था। हिजबुल्ला जैसे आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने वाले इस देश में इंटरनेट एक्सेस पहुंचाने के लिए अमेरिकी एजेंसियां फंड जुटाने का तरीका भी खोज रही थी। Bloomberg की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट, दोनों राजनीतिक दलों के सीनेटर्स और अन्य एजेंसियों ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) की फंडिंग का पक्ष लिया था। इसके अलावा ईरान की सरकार की ओर से इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों का हल निकालने के लिए एंटी-सेंसरशिप टेक्नोलॉजी प्रोग्राम पर भी विचार किया जा रहा था।
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