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Starlink - ख़बरें

  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाएगा Amazon! सैटेलाइट से सीधे फोन तक इंटरनेट, भारत में भी होगी एंट्री?
    Amazon ने अमेरिकी FCC से 5,105 नए Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट लॉन्च करने की मंजूरी मांगी है। कंपनी Amazon Leo प्रोजेक्ट के तहत Direct-to-Device (D2D) तकनीक विकसित कर रही है, जिससे बिना मोबाइल टावर के सीधे स्मार्टफोन पर मैसेज, कॉल और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस कदम को Starlink के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। फिलहाल Amazon ने भारत में इस सेवा के लॉन्च की घोषणा नहीं की है। वहीं भारत में Starlink, OneWeb और Jio की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं भी अभी शुरुआती चरण में हैं और व्यावसायिक विस्तार का इंतजार कर रही हैं।
  • बांग्लादेश के रास्ते नेपाल-भूटान में सैटेलाइट इंरटनेट पहुंचाएंगे एलन मस्क, Starlink को भारत में क्यों देरी?
    Starlink बांग्लादेश के रास्ते पड़ोसी देशों जैसे कि नेपाल और भूटान में बिना फिल्टर की हुई आईपी ट्रांजिट सर्विस एक्सपोर्ट करेगी। सबसे खास बात यह है कि ऐसा पहली बार है जब किसी सैटेलाइट इंरनेट प्रोवाइडर को बिना पाबंदी के ऐसी मंजूरी मिली है। हालांकि, बांग्लादेश में कंपनी पर अभी भी पाबंदी रहेगी। इस कदम के साथ बांग्लादेश एशिया में इंटरनेट कनेक्टिविटी का हब बनने की राह पर चल रहा है।
  • ईरान में सरकार को गिराने के लिए इजरायल पर स्टारलिंक के इंटरनेट रिसीवर भेजने का आरोप
    इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री, Naftali Bennett ने दावा किया है कि इस वर्ष की शुरुआत में ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को भड़काने के लिए सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस देने वाली Starlink के रिसीवर्स की तस्करी की गई थी। बेनेट का कहना था कि इजराल और मिडल ईस्ट के अन्य देशों को मिलकर ईरान के नेतृत्व को हटाना चाहिए।
  • दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने Elon Musk, SpaceX के शेयर्स ने बढ़ाई वेल्थ
    मस्क की नेटवर्थ में टेस्ला और SpaceX में उनकी हिस्सेदारी शामिल है। SpaceX के शेयर की स्टॉक मार्केट पर अच्छी शुरुआत के साथ ही मस्क ने ट्रिलिनेयर का खिताब हासिल किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और कुछ अन्य कंपनियों में भी मस्क की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon के फाउंडर Jeff Bezos को पीछे छोड़कर मस्क ने दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था।
  • Elon Musk की स्टारलिंक को भारत में लगा झटका, सर्विस के लॉन्च में हो सकती है देरी!
    बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी को देश में लगभग एक वर्ष पहले ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, इस लाइसेंस से कंपनी को सिर्फ अपने कामकाज के लिए तैयारी करने और एग्रीमेंट्स साइन करने की अनुमति मिली थी। स्टारलिंक को सर्विस लॉन्च करने से पहले अतिरिक्त रेगुलेटरी और सिक्योरिटी क्लीयरेंसेज की जरूरत है।
  • हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए Starlink के साथ टाई-अप कर सकती है BSNL
    BharatNet प्रोग्राम को लागू करने की जिम्मेदारी भी BSNL के पास है। इस प्रोग्राम के तहत, 6.25 लाख से अधिक गांवों में ऑप्टिक-फाइबर नेटवर्क पहुंचाया जाना है। इनमें असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों के गांव भी शामिल हैं। स्टारलिंक के साथ पार्टनरशिप से BSNL को पूर्वोत्तर के दुर्गम क्षेत्रों और द्वीपों पर हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में आसानी हो सकती है।
  • SpaceX की एक और छलांग! अंतरिक्ष में पहुंचाए 24 नए Starlink सैटेलाइट
    SpaceX ने अंतरिक्ष में 24 नए सैटेलाइट छोड़कर एक और नई छलांग लगा दी है। अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX नासा के लिए कई मिशनों में काम कर रही है। कंपनी ने 19 मई को पृथ्वी की निचली कक्षा में 24 नए स्टारलिंक सैटेलाइट प्रक्षेपित कर दिए।
  • फ्लाइट में गेमिंग-स्ट्रीमिंग सब होगा, इस एयरलाइन्स ने किया बड़ा ऐलान!
    Singapore Airlines ने अपने चुनिंदा विमानों में Starlink आधारित हाई-स्पीड इन-फ्लाइट Wi-Fi लाने का ऐलान किया है। यह सर्विस 2027 से शुरू होगी और धीरे-धीरे A350 और A380 जैसे एयरक्राफ्ट में लागू की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, Starlink की मदद से यात्रियों को टेकऑफ से लैंडिंग तक तेज और स्मूद इंटरनेट मिलेगा, जिससे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और फाइल शेयरिंग जैसे काम आसान होंगे। खास बात यह है कि एयरलाइन अपनी मौजूदा फ्री Wi-Fi पॉलिसी को जारी रखेगी, जिससे कई कैटेगरी के यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क इंटरनेट मिलेगा।
  • मेघालय के पहाड़ों पर सैटेलाइट से मिलेगा इंटरनेट! Starlink और सरकार के बीच हुई डील
    मेघालय सरकार ने Starlink के साथ सैटेलाइट इंटरनेट के लिए MoU साइन किया है। Conrad K Sangma के मुताबिक इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारना है। इस पहल से स्कूल, हेल्थ सेंटर और ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा, हेल्थकेयर और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • ईरान में इंटरनेट पहुंचाने के लिए अमेरिका से फंड का इंतजार
    ईरान की सरकार की ओर से इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों का हल निकालने के लिए एंटी-सेंसरशिप टेक्नोलॉजी प्रोग्राम पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इसके लिए Open Technology Fund में एक करोड़ डॉलर हासिल करने के तरीके को लेकर अमेरिकी एजेंसियों के बीच असहमति है। कई देशों में ऑनलाइन सेंसरशिप से निपटने के तरीकों के लिए Open Technology Fund की ओर से वित्तीय मदद दी जाती है।
  • गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
    गुजरात सरकार ने राज्य में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए Starlink के साथ Letter of Intent साइन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रिमोट, बॉर्डर और ट्राइबल इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, जहां टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई गवर्नेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बेहतर होगी। LoI को लागू करने के लिए राज्य सरकार और Starlink के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप भी बनाया जाएगा।
  • Elon Musk आम जनता के लिए ला रहे हैं सैटेलाइट फोन? नए दावे ने खोल दिए राज!
    SpaceX के संभावित IPO से पहले Starlink बिजनेस से जुड़े नए प्लान्स सामने आए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी Starlink की पहुंच बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर काम कर रही है, जिनमें Starlink फोन, डायरेक्ट टू डिवाइस इंटरनेट और स्पेस ट्रैकिंग सर्विस शामिल हो सकती हैं। हालांकि SpaceX ने इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Elon Musk ने भी हाल ही में साफ किया है कि फिलहाल SpaceX किसी फोन पर काम नहीं कर रही है, लेकिन भविष्य में इस तरह का आइडिया पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
  • Starlink फोन आ रहा है, Elon Musk ने किया खुलासा कैसे होगा आईफोन और एंड्रॉयड से अलग
    एलोन मस्क अब इलेक्ट्रिक कार और रॉकेट और इंटरनेट से आगे बढ़कर कुछ अलग करने जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक कार, एआई चैटबॉट और स्पेस में अपने रॉकेट भेजने के बाद मस्क स्मार्टफोन लेकर आ सकते हैं जो कि एंड्रॉयड और एप्पल से काफी अलग होगा। अब ऐसा लगता है कि भविष्य में यूजर्स इंटरनेट कनेक्शन के साथ-साथ स्टारलिंक का फोन भी पा सकेंगे।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाने मैदान में उतरे Amazon फाउंडर! सैटेलाइट से इंटरनेट देने वाली सर्विस लॉन्च
    Blue Origin ने अपने नए सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क TeraWave की घोषणा कर दी है, जिससे Jeff Bezos की कंपनी सीधे तौर पर Elon Musk के Starlink को चुनौती देगी। कंपनी के मुताबिक, TeraWave के तहत 5,408 सैटेलाइट्स को LEO और MEO ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा और इसकी शुरुआत 2027 की चौथी तिमाही से होगी। यह नेटवर्क एंटरप्राइज, डेटा सेंटर और सरकारी ग्राहकों को टारगेट करेगा और 6 टेराबिट प्रति सेकेंड तक की डेटा कैपेसिटी देने का दावा किया गया है।

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