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Starlink - ख़बरें

  • SpaceX की एक और छलांग! अंतरिक्ष में पहुंचाए 24 नए Starlink सैटेलाइट
    SpaceX ने अंतरिक्ष में 24 नए सैटेलाइट छोड़कर एक और नई छलांग लगा दी है। अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX नासा के लिए कई मिशनों में काम कर रही है। कंपनी ने 19 मई को पृथ्वी की निचली कक्षा में 24 नए स्टारलिंक सैटेलाइट प्रक्षेपित कर दिए।
  • फ्लाइट में गेमिंग-स्ट्रीमिंग सब होगा, इस एयरलाइन्स ने किया बड़ा ऐलान!
    Singapore Airlines ने अपने चुनिंदा विमानों में Starlink आधारित हाई-स्पीड इन-फ्लाइट Wi-Fi लाने का ऐलान किया है। यह सर्विस 2027 से शुरू होगी और धीरे-धीरे A350 और A380 जैसे एयरक्राफ्ट में लागू की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, Starlink की मदद से यात्रियों को टेकऑफ से लैंडिंग तक तेज और स्मूद इंटरनेट मिलेगा, जिससे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और फाइल शेयरिंग जैसे काम आसान होंगे। खास बात यह है कि एयरलाइन अपनी मौजूदा फ्री Wi-Fi पॉलिसी को जारी रखेगी, जिससे कई कैटेगरी के यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क इंटरनेट मिलेगा।
  • मेघालय के पहाड़ों पर सैटेलाइट से मिलेगा इंटरनेट! Starlink और सरकार के बीच हुई डील
    मेघालय सरकार ने Starlink के साथ सैटेलाइट इंटरनेट के लिए MoU साइन किया है। Conrad K Sangma के मुताबिक इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारना है। इस पहल से स्कूल, हेल्थ सेंटर और ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा, हेल्थकेयर और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • ईरान में इंटरनेट पहुंचाने के लिए अमेरिका से फंड का इंतजार
    ईरान की सरकार की ओर से इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों का हल निकालने के लिए एंटी-सेंसरशिप टेक्नोलॉजी प्रोग्राम पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इसके लिए Open Technology Fund में एक करोड़ डॉलर हासिल करने के तरीके को लेकर अमेरिकी एजेंसियों के बीच असहमति है। कई देशों में ऑनलाइन सेंसरशिप से निपटने के तरीकों के लिए Open Technology Fund की ओर से वित्तीय मदद दी जाती है।
  • गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
    गुजरात सरकार ने राज्य में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए Starlink के साथ Letter of Intent साइन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रिमोट, बॉर्डर और ट्राइबल इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, जहां टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई गवर्नेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बेहतर होगी। LoI को लागू करने के लिए राज्य सरकार और Starlink के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप भी बनाया जाएगा।
  • Elon Musk आम जनता के लिए ला रहे हैं सैटेलाइट फोन? नए दावे ने खोल दिए राज!
    SpaceX के संभावित IPO से पहले Starlink बिजनेस से जुड़े नए प्लान्स सामने आए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी Starlink की पहुंच बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर काम कर रही है, जिनमें Starlink फोन, डायरेक्ट टू डिवाइस इंटरनेट और स्पेस ट्रैकिंग सर्विस शामिल हो सकती हैं। हालांकि SpaceX ने इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Elon Musk ने भी हाल ही में साफ किया है कि फिलहाल SpaceX किसी फोन पर काम नहीं कर रही है, लेकिन भविष्य में इस तरह का आइडिया पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
  • Starlink फोन आ रहा है, Elon Musk ने किया खुलासा कैसे होगा आईफोन और एंड्रॉयड से अलग
    एलोन मस्क अब इलेक्ट्रिक कार और रॉकेट और इंटरनेट से आगे बढ़कर कुछ अलग करने जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक कार, एआई चैटबॉट और स्पेस में अपने रॉकेट भेजने के बाद मस्क स्मार्टफोन लेकर आ सकते हैं जो कि एंड्रॉयड और एप्पल से काफी अलग होगा। अब ऐसा लगता है कि भविष्य में यूजर्स इंटरनेट कनेक्शन के साथ-साथ स्टारलिंक का फोन भी पा सकेंगे।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाने मैदान में उतरे Amazon फाउंडर! सैटेलाइट से इंटरनेट देने वाली सर्विस लॉन्च
    Blue Origin ने अपने नए सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क TeraWave की घोषणा कर दी है, जिससे Jeff Bezos की कंपनी सीधे तौर पर Elon Musk के Starlink को चुनौती देगी। कंपनी के मुताबिक, TeraWave के तहत 5,408 सैटेलाइट्स को LEO और MEO ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा और इसकी शुरुआत 2027 की चौथी तिमाही से होगी। यह नेटवर्क एंटरप्राइज, डेटा सेंटर और सरकारी ग्राहकों को टारगेट करेगा और 6 टेराबिट प्रति सेकेंड तक की डेटा कैपेसिटी देने का दावा किया गया है।
  • ईरान में हिंसा के बीच इंटरनेट बंद नहीं करने पर हुई टेलीकॉम कंपनी के CEO की छुट्टी
    बिलिनेयर Elon Musk की SpaceX ने ईरान में Starlink की इंटरनेट सर्विस मुफ्त देने की पेशकश की है। ईरान में स्टारलिंक पर बैन लगा है लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग छिपकर इसकी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं। सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली स्टारलिंक की कई देशों में मौजूदगी है। SpaceX ने ईरान में स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है।
  • ईरान में भारी हिंसा के बीच Elon Musk ने दी मुफ्त इंटरनेट सर्विस की पेशकश
    ईरान में SpaceX ने स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है। हालांकि, इस सर्विस का इस्तेमाल वही लोग कर सकेंगे जिनके पास इसके लिए रिसीवर मौजूद हैं। ईरान और विवादों का सामना कर रहे अन्य रीजंस में स्टारलिंक की सर्विस उपलब्ध कराने से दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति मस्क और अमेरिकी सरकार की ताकत का संकेत मिल रहा है।
  • साउथ अफ्रीका में नहीं शुरू हो सकता है Starlink, क्योंकि मैं काला नहीं हूं, मस्क ने बताई बड़ी वजह
    मस्क ने X अकाउंट से अन्य पोस्ट भी की। अन्य पोस्ट में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति ने कहा कि "फैक्ट्स सभी के सामने हैं, साउथ अफ्रीका में अब जितने ब्लैक विरोधी कानून हैं, उतने व्हाइट विरोधी कानून रंगभेद के समय भी नहीं थे!" उन्होंने आगे कहा "मैं ब्लैक विरोधी कानूनों का बड़ा विरोधी हूं, लेकिन व्हाइट लोगों या अन्य नस्लों के खिलाफ बने कानूनों का भी उतना ही विरोध करता हूं। सभी के लिए मान अवसर होने चाहिए।
  • Elon Musk की Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के अब 90 लाख से ज्यादा यूजर्स, भारत में कब होगी शुरू? यहां जानें
    Elon Musk की SpaceX द्वारा संचालित Starlink ने ग्लोबल लेवल पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के मुताबिक, Starlink के अब 9 मिलियन से ज्यादा एक्टिव कस्टमर्स हो चुके हैं। खास बात यह है कि सिर्फ सात हफ्तों से भी कम समय में 10 लाख नए यूजर्स जुड़े हैं। यह सर्विस फिलहाल 155 देशों और टेरिटरीज में उपलब्ध है और लो-अर्थ ऑर्बिट में मौजूद हजारों सैटेलाइट्स के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट देती है। तेजी से बढ़ती यूजर संख्या यह दिखाती है कि दूर-दराज इलाकों में भरोसेमंद इंटरनेट की मांग लगातार बढ़ रही है।
  • Starlink क्या है, कैसे करता है काम? भारत में इसकी कीमत से लेकर फायदे–कमियों तक, यहां समझें सब कुछ
    भारत में Starlink को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है, खासकर तब से जब रिपोर्ट्स ने इसकी संभावित कीमत और लॉन्च की ओर इशारा किया है। SpaceX की यह सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लो-अर्थ ऑर्बिट में घूमते हजारों सैटेलाइट्स की मदद से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड देती है, जो मुश्किल इलाकों में भी काम कर सकती है। भारत के लिए कंपनी ने अभी आधिकारिक प्राइस घोषित नहीं किया है, लेकिन ET की रिपोर्ट बताती है कि मंथली प्लान 2,500-3,500 रुपये और हार्डवेयर किट लगभग 25,000-30,000 रुपये हो सकती है। Starlink दूर-दराज क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर बन सकती है, हालांकि कीमत और मौसम का असर इसके सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
  • Starlink India की कीमतों को कंपनी ने बताया गड़बड़ी, ग्लिच से आई थीं सामने
    Starlink के बिजनेस ऑपरेशन की वाइस प्रेसिडेंट (VP) लॉरेन ड्रेयर ने X पर बताया कि Starlink भारत की वेबसाइट अभी लाइव नहीं हुई है। भारत में ग्राहकों के लिए सर्विस की कीमतों की घोषणा अभी नहीं हुई है और हम अभी भारत में ग्राहकों से ऑर्डर नहीं ले रहे हैं। कॉन्फिगरेशन में एक गड़बड़ी थी जिससे कुछ समय के लिए डमी टेस्ट डाटा नजर आ रहा था, लेकिन ये नंबर भारत में Starlink सर्विस की लागत को नहीं दर्शाते हैं।

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