केंद्रीय कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्रोजेक्ट की मंजूरी दी है।
Photo Credit: Pexels/Himanshu Singh
दिल्ली में करीबन 71 लाख एक्टिव वाहन रजिस्टर्ड हैं।
केंद्रीय कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्रोजेक्ट की मंजूरी दी है। दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रोजेक्ट को लागू किया जाएगा जो कि 42 ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर करेगा। इस प्रोजेक्ट को 24 महीनों में 3 फेज में लागू किया जाएगा और अगले पांच सालों तक संचालन और देखरेख की जाएगी। ₹1,789.52 करोड़ की अनुमानित लागत वाले इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए टेक्नोलॉजी के साथ दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रा को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में रियल टाइम ट्रैफिक डेटा, एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल, ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट और कंट्रोल सिस्टम शामिल हैं, जिससे दिल्ली की मौजूदा सड़कों को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलेगी।
आपको बता दें कि देश की राजधानी में करीबन 71 लाख एक्टिव वाहन रजिस्टर्ड हैं। समय के साथ इनमें इजाफा हो रहा है और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में इस तेजी के साथ विस्तार नहीं हो रहा है। अब तक ट्रैफिक रेगुलेशन अधिकतर तय सिग्नल टाइमिंग और मैनुअल स्तर पर मैनेज हो रहे थे, जिनमें अब सुधार की जरूरत है। अब ITMS के जरिए सड़क पर मौजूदा सुविधाओं का बेहतर तरीके से इस्तेमाल होगा, जिससे ट्रैफिक मैनेजमेंट सड़क की रियल कंडीशन के हिसाब से तेजी से होगा।
टेक्नोलॉजी के साथ सख्त नियम
एआई के साथ यह सिस्टम सड़कों पर रेड लाइट तोड़ना, स्टॉप-लाइन पार करना, ओवर स्पीड, गलत लाइन में ड्राइविंग, बिना हेलमेट यात्रा करना, बिना सीट बेल्ट लगाए यात्रा करना, गलत जगह पार्किंग और ड्राइविंग करते हुए मोबाइल फोन इस्तेमाल करना आदि जैसे नियमों के उल्लंघनों का पता लगाएगा। इससे ट्रैफिक मैनेज करना ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके अलावा एआई बेस्ड एनालिटिक्स चोरी हुए वाहन, हॉट-लिस्टेड और ब्लैकलिस्टेड वाहनों का पता लगाने में मदद करेगा। वहीं जिन वाहनों ने नियमों को बार-बार तोड़ा और हिट-एंड-रन वाले वाहनों की पहचान करने में भी मदद करेगा।
स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल और बेहतर संचालन
एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम ट्रैफिक की रियल टाइम स्थिति को देखते हुए सिग्नल के समय को एडजेस्ट (बदल सकता है) कर सकता है। इसके अलावा यह रास्तों पर मौजूद कई सिग्नल के साथ तालमेल बैठा सकता है, जिससे लोगों को बार-बार रुकने का झंझट नहीं रहेगा और समय की बचत हो सकती है।
सड़क पर यात्रियों को समय पर जानकारी
सड़कों पर लगाए जाने वाले वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म वाहन चालकों को जाम, रास्ते बदलने, पार्किंग की स्थिति और ट्रैफिक की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इसके अलावा यह जानकारी नेविगेशन सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ भी साझा की जा सकती है। इससे वाहन चालकों को सड़क पर बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।
एम्बुलेंस और इमरजेंसी व्हीकल को प्राथमिकता
इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह इमरजेंसी व्हीकल को ग्रीन कॉरिडोर और प्राथमिकता के साथ आगे जाने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे भीड़-भाड़ वाले रास्तों पर भी इमरजेंसी वाले वाहन तेजी से गुजर पाएंगे।
एक्सीडेंट और जाम की स्थिति में तेज कार्रवाई
यह सिस्टम जाम और भीड़-भाड़ की मौजूदा स्थिति का पता लगाएगा। धीमे चल रहे ट्रैफिक और रोड एक्सीडेंट का तुरंत पता चलने पर दिल्ली पुलिस तेजी से रास्ता बदलने के साथ जरूरी एक्शन ले पाएगी।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Apple Watch Series 12
Starts from ₹56,900
Samsung Galaxy Watch Ultra 2
Starts from ₹59,909
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹41,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹38,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm)
Starts from ₹40,999
ये किस फील्ड में आ गया Xiaomi! लॉन्च किया Thermos Cup, उल्टा करते ही बन जाएगी चाय
गलत दिशा में ड्राइविंग से लेकर मोबाइल के इस्तेमाल तक, अब AI दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का पता लगाएगा
Redmi 17C 5G लॉन्च: 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ गजब फीचर्स से लैस
Vivo X Fold 6 हुआ लॉन्च, 200MP कैमरा और 6,900mAh बैटरी के साथ आया Samsung फोल्डेबल फोन का राइवल