• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows

अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows

चीन ने कुछ सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं से Windows हटाने का निर्देश दिया है। इसके पीछे डेटा और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं बताई जा रही हैं।

अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows

चीन सरकारी कंप्यूटरों से Windows हटाकर घरेलू ऑपरेटिंग सिस्टम को बढ़ावा दे रहा है

ख़ास बातें
  • चीन ने कुछ सरकारी संस्थाओं से Windows हटाने के निर्देश दिए
  • फैसले के पीछे डेटा और नेशनल सिक्योरिटी की चिंताएं बताई गईं
  • Windows की जगह घरेलू Linux-बेस्ड सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा
विज्ञापन

चीन अपनी सरकारी टेक्नोलॉजी को अमेरिकी कंपनियों पर निर्भरता से दूर करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कुछ सरकारी और सरकारी कंट्रोल वाली संस्थाओं को अपने कंप्यूटर सिस्टम से Windows हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बीजिंग लंबे समय से घरेलू टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के Ministry of State Security ने कुछ सरकारी संस्थानों और सरकारी कंपनियों को Windows 10 China Government Edition हटाने के लिए कहा है। खास बात यह है कि यह Windows का सामान्य वर्जन नहीं, बल्कि चीन की सरकारी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया खास वर्जन है। इसे भी अब तय समय से पहले हटाने की तैयारी है।

Windows 10 China Government Edition को Microsoft ने चीन की सरकारी जरूरतों के हिसाब से तैयार किया था। इसके लिए Microsoft ने चीन की सरकारी कंपनी China Electronics Technology Group (CETC) के साथ मिलकर C&M Information Technologies (CMIT) नाम की जॉइंट वेंचर कंपनी बनाई थी। Microsoft के मुताबिक, इस वर्जन में चीन की सरकार को टेलीमेट्री और अपडेट्स पर ज्यादा कंट्रोल देने के साथ अपने एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम इस्तेमाल करने की सुविधा दी गई थी।

इसके बावजूद अब चीन इस सिस्टम से भी दूरी बनाने की तैयारी कर रहा है। CMIT के मुताबिक Windows 10 CMIT Government Edition V2022-L को पांच साल के सर्विस साइकल के लिए जारी किया गया था और इसकी सपोर्ट अवधि फरवरी 2027 तक तय थी।

रिपोर्ट आगे बताती है कि इस फैसले के पीछे चीन की डेटा सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं अहम वजह हैं। चीन पिछले कुछ समय से सरकारी कंप्यूटर और दूसरे सिस्टम में विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है।

चीन और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी को लेकर तनाव बढ़ने के बाद यह पॉलिसी और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। बीजिंग सरकारी संस्थानों में घरेलू हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है, ताकि संवेदनशील डेटा और सरकारी सिस्टम के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम की जा सके।

Windows को हटाने के बाद चीन के सरकारी संस्थानों में घरेलू Linux-बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम के इस्तेमाल को बढ़ावा दिए जाने की संभावना है। चीन में पहले से कई घरेलू कंपनियां और संस्थान Linux पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार कर रहे हैं। इसका मकसद सिर्फ एक अमेरिकी कंपनी के सॉफ्टवेयर को बदलना नहीं है, बल्कि चीन के पूरे टेक इकोसिस्टम को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाना है। चीन पहले ही चिप्स, ऑपरेटिंग सिस्टम, सर्वर और दूसरे टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में घरेलू ऑप्शन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है।

Microsoft के लिए भी यह फैसला अहम है। कंपनी ने चीन के सरकारी ग्राहकों के लिए खास Windows वर्जन तैयार करके वहां अपनी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश की थी। हालांकि, हाल के वर्षों में चीन में Microsoft के कारोबार पर घरेलू टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाली नीतियों और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर पड़ा है।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Pova 8 Pro 5G vs iQOO Neo 10 vs OnePlus Nord 6: ₹50000 में कौन सा है बेस्ट
  2. अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows
  3. भारत ने रचा इतिहास, पहली बार में बना डाली नेटवर्किंग चिप VIHAAN, अब नहीं करना पड़ेगा आयात!
  4. UPI से पेमेंट पर चार्ज लगाने का रास्ता खुला, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी भुगतान से जुड़े कानूनों को मंजूरी
  5. मोबाइल के दाम 7वें आसमान पर! ₹7 हजार महंगा हुआ Vivo T5 Pro स्मार्टफोन, अब मिलेगा इतने का
  6. 9100mAh बैटरी वाला iQOO Neo11 Ultra हुआ लॉन्च, जितना मर्जी इस्तेमाल करो बैटरी नहीं होगी खत्म
  7. बच्चों के लिए आया सेफ ChatGPT! पैरेंट्स के हाथ में होगा कंट्रोल, खतरनाक जवाब देने से बचेगा AI
  8. Fairphone (Gen. 6+) हुआ 50 मेगापिक्सल कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  9. Redmi M100 लॉन्च हुआ 7900mAh बैटरी, 45W चार्जिंग के साथ, जानें कीमत और फीचर्स
  10. iQOO Z11S हुआ 10000mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »