AI का मार्केट 2027 तक होगा 82,000 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा!

इस सेगमेंट में कंपनियां एक्सपेरिमेंटेशन के फेज से निकलकर अपने कामकाज में जेनरेटिव AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं

AI का मार्केट 2027 तक होगा 82,000 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा!

इंटीग्रेटेड सर्किट डिजाइन और इससे जुड़े IP की डिमांड 2026 तक 30 प्रतिशत बढ़ सकती है

ख़ास बातें
  • इस सेगमेंट में डिमांड तेजी से बढ़ रही है
  • कंपनियां अपने कामकाज में जेनरेटिव AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं
  • कुछ देशों में सरकारें AI मॉडल्स में इनवेस्टमेंट कर रही हैं
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। AI के मार्केट में अगले वर्ष वर्षों में तेजी से ग्रोथ होने की संभावना है। इसके पीछे कंपनियों और सरकारों की ओर से टेक्नोलजी का इस्तेमाल बढ़ाना एक प्रमुख कारण होगा। यह मार्केट 2027 तक बढ़कर लगभग 990 अरब डॉलर (लगभग 82,75,424 करोड़ रुपये) पर पहुंचने का अनुमान है। 

कंसल्टिंग फर्म Bain & Co ने अपनी ग्लोबल टेक्नोलॉजी रिपोर्ट में बताया है कि AI से जुड़ी सर्विसेज और हार्डवेयर का मार्केट पिछले वर्ष 185 अरब डॉलर से वार्षिक 40 प्रतिशत से 55 प्रतिशत बढ़कर 2027 तक 780 अरब डॉलर से 990 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सेगमेंट में डिमांड इतनी तेजी से बढ़ रही है कि चिप्स सहित कंपोनेंट्स की सप्लाई चेन पर प्रेशर पड़ेगा। इंटीग्रेटेड सर्किट डिजाइन और इससे जुड़े IP की डिमांड 2026 तक 30 प्रतिशत बढ़ सकती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, बड़े डेटा सेंटर्स की कॉस्ट इस वर्ष लगभग एक अरब डॉलर से चार अरब डॉलर से बढ़कर पांच वर्षों में 10 अरब डॉलर से 25 अरब डॉलर पर पहुंच सकती है। 

इस सेगमेंट में कंपनियां एक्सपेरिमेंटेशन के फेज से निकलकर अपने कामकाज में जेनरेटिव AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। भारत, जापान, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारें सॉवरेन AI पर सब्सिडी देने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। इसके साथ ही ये सरकारें कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और AI मॉडल्स में इनवेस्टमेंट को बढ़ा रही हैं। 

हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, Mukesh Ambani ने बताया था कि कंपनी अपने सभी बिजनेस में नई टेक्नोलॉजीज को जोड़ रही है। इससे कंपनी के प्रोडक्ट्स में सुधार होगा और थर्ड-पार्टीज पर इसकी निर्भरता को घटाया जा सकेगा। उन्होंने कहा था कि रिलायंस के सभी बिजनेस के लिए AI से जुड़ा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। इसके साथ ही अपना सॉफ्टवेयर स्टैक, एंड-टु-एंड वर्कफ्लो और रियल-टाइम डैशबोर्ड बनाए गए हैं। रिलायंस का दावा है कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने से वह निकट भविष्य में टॉप  30 इंटरनेशनल कंपनियों में शामिल हो सकती है। कंपनी की टेलीकॉम यूनिट Reliance Jio ने 5G और 6G टेक्नोलॉजीज में 350 से अधिक पेटेंट हासिल किए हैं। कुछ अन्य बड़ी कंपनियों ने भी इस सेगमेंट में अपना इनवेस्टमेंट बढ़ाया है। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 16 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  2. Meta Ray-Ban से फिल्माए जा रहे थे महिलाओं के वीडियो! इस कंपनी ने लगाई चश्मों की सेल पर रोक
  3. Vivo X Fold 6 कल होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh हो सकती है बैटरी!
  4. iPhone 17, 16, 15 पर बंपर डील, Amazon-Flipkart सेल में खूब मिलेंगे सस्ते
  5. कैमरे वाला चश्मा आधे से भी कम दाम में! ₹14 हजार सस्ता मिल रहा Ray-Ban Meta Glasses, यहां मिलेगी डील
  6. Temple को लेकर दीपिंदर गोयल ने दिए जबाव, कैसे पहना जाएगा और कैसे काम करेगा, जानें सबकुछ
  7. Vivo ने लॉन्च किया 9,020mAh बैटरी वाला फोन, Snapdragon चिप और 12GB RAM के साथ आया Y600K Turbo
  8. Oppo F35 5G लॉन्च: 8000mAh बैटरी, 50 मेगापिक्सल कैमरा से लैस, जानें कीमत
  9. Realme P4s Lite भारत में लॉन्च, 7,000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ कीमत ₹16,499 से शुरू
  10. Oppo F35 Pro 5G हुआ 8000mAh बैटरी, 50 मेगापिक्सल कैमरा के साथ लॉन्च, जानें फीचर्स और कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »