Trump Mobile Price

Trump Mobile Price - ख़बरें

  • ईरान ने होर्मुज से निकलने वाले जहाजों के लिए शुरू की बिटकॉइन में पेमेंट वाली सर्विस
    वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल और गैस के ट्रांसपोर्टेशन के लिए होर्मुज एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। भारत सहित पश्चिम एशिया के बहुत से देशों में ऑयल और गैस के इम्पोर्ट के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का बहुत महत्व है। हालांकि, इस समुद्री मार्ग को खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का कोई समाधान नहीं निकला है।
  • Strategy ने बढ़ाया Bitcoin का रिजर्व, 4.3 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट
    अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन को दी गई फाइलिंग में Strategy (पहले MicroStrategy) ने बताया है कि चार मई से 10 मई के बीच प्रति बिटकॉइन लगभग 80,340 डॉलर के औसत प्राइस पर यह खरीदारी की गई है। इसके साथ इस अमेरिकी कंपनी के पास कुल 8,18,869 बिटकॉइन हो गए हैं। इन बिटकॉइन को लगभग 61.86 अरब डॉलर में खरीदा गया है।
  • क्रिप्टो मार्केट में गिरावट से Trump Media को हुआ करोड़ों डॉलर का नुकसान 
    Trump Media के पास 9,500 से अधिक बिटकॉइन हैं। पिछले वर्ष जुलाई में इन बिटकॉइन को 1,08,519 डॉलर प्रति टोकन के औसत प्राइस पर खरीदा गया था। इस वर्ष फरवरी में इस कंपनी ने लगभग 2,000 बिटकॉइन को 70,000 डॉलर प्रति कॉइन से कुछ कम प्राइस पर बेचा था। इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का मौजूदा प्राइस 80,900 डॉलर से कुछ अधिक का है।
  • भारत से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट पर भारी पड़ सकता है ईरान का संकट
    पश्चिम एशिया में संकट का असर भारत से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट पर हो सकता है। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट में लगभग 25 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है। कुछ देशों के वायु क्षेत्र में विमानों की उड़ान पर रोक और अन्य पाबंदियों से एक्सपोर्ट में कमी हो रही है। भारत में असेंबल होने वाले स्मार्टफोन्स के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) एक बड़ा मार्केट है।
  • ईरान में इंटरनेट पहुंचाने के लिए अमेरिका से फंड का इंतजार
    ईरान की सरकार की ओर से इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों का हल निकालने के लिए एंटी-सेंसरशिप टेक्नोलॉजी प्रोग्राम पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इसके लिए Open Technology Fund में एक करोड़ डॉलर हासिल करने के तरीके को लेकर अमेरिकी एजेंसियों के बीच असहमति है। कई देशों में ऑनलाइन सेंसरशिप से निपटने के तरीकों के लिए Open Technology Fund की ओर से वित्तीय मदद दी जाती है।
  • Bitcoin पर मंदी की मार, 70,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    पिछले वर्ष नवंबर के बाद से Bitcoin का प्राइस पहली बार 70,000 डॉलर से नीचे गिरा है और इसने 69,101 डॉलर का निचला लेवल छुआ है। हालांकि, बाद में बिटकॉइन में कुछ रिकवरी दर्ज की गई। पिछले वर्ष अक्टूबर में इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह 40 प्रतिशत तक घटा है।
  • ईरान में हिंसा के बीच इंटरनेट बंद नहीं करने पर हुई टेलीकॉम कंपनी के CEO की छुट्टी
    बिलिनेयर Elon Musk की SpaceX ने ईरान में Starlink की इंटरनेट सर्विस मुफ्त देने की पेशकश की है। ईरान में स्टारलिंक पर बैन लगा है लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग छिपकर इसकी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं। सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली स्टारलिंक की कई देशों में मौजूदगी है। SpaceX ने ईरान में स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है।
  • ईरान में भारी हिंसा के बीच Elon Musk ने दी मुफ्त इंटरनेट सर्विस की पेशकश
    ईरान में SpaceX ने स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है। हालांकि, इस सर्विस का इस्तेमाल वही लोग कर सकेंगे जिनके पास इसके लिए रिसीवर मौजूद हैं। ईरान और विवादों का सामना कर रहे अन्य रीजंस में स्टारलिंक की सर्विस उपलब्ध कराने से दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति मस्क और अमेरिकी सरकार की ताकत का संकेत मिल रहा है।
  • Apple ने किया 50 अरब डॉलर से ज्यादा के मेड इन इंडिया iPhones का एक्सपोर्ट
    केंद्र सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत एपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स ने भारत से 50 अरब डॉलर से अधिक के आईफोन्स की शिपमेंट की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी ने लगभग 16 अरब डॉलर के आईफोन मॉडल्स का एक्सपोर्ट किया है। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट के लिए अमेरिका एक बड़ा मार्केट है।
  • अमेरिका के स्मार्टफोन मार्केट में भारत की बढ़ी ताकत, टैरिफ के बावजूद एक्सपोर्ट हुआ तिगुना
    अमेरिका में टैरिफ के प्रेशर के बावजूद स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी के पीछे प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम, वेंडर्स का मजबूत इकोसिस्टम और इंटरनेशनल स्मार्टफोन मेकर्स का इनवेस्टमेंट प्रमुख कारण हैं। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट में iPhone बनाने वाली अमेरिकी कंपनी Apple की बड़ी हिस्सेदारी है।
  • Apple की भारत में iPhone 17 के सभी मॉडल्स की मैन्युफैक्चरिंग की तैयारी
    टाटा ग्रुप के साथ एपल अपनी पार्टनरशिप को बढ़ा रही है। देश में अगले दो वर्षों में असेंबल किए जाने वाले सभी आईफोन मॉडल्स में टाटा ग्रुप की हिस्सेदारी आधी हो सकती है। इस वर्ष की अप्रैल तिमाही में भारत से एपल ने लगभग 7.5 अरब डॉलर के आईफोन्स का एक्सपोर्ट किया है। इसकी तुलना में पिछले वित्त वर्ष में देश से कंपनी ने लगभग 17 अरब डॉलर के आईफोन्स का एक्सपोर्ट किया था।
  • स्मार्टफोन्स की इंटरनेशनल सेल्स में बढ़ोतरी, Apple और Samsung की टॉप पोजिशंस बरकरार
    अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple के आईफोन्स की शिपमेंट्स दूसरी तिमाही में 1.5 प्रतिशत बढ़ी हैं। कंपनी ने लगभग 4.64 करोड़ यूनिट्स की शिपमेंट की है। हालांकि, इस मार्केट में कंपनी का दूसरा स्थान बरकरार है। चीन की स्मार्टफोन मेकर Vivo ने दूसरी तिमाही में 4.8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है। Vivo ने 2.71 करोड़ स्मार्टफोन्स की शिपमेंट्स की है।
  • Apple के लिए iPhones बनाने वाली Foxconn ने भारत में फैक्टरियों से चाइनीज स्टाफ को निकाला
    भारत में फॉक्सकॉन के लगभग 80,000 वर्कर्स हैं। यह आईफोन्स की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर है। हालांकि, फॉक्सकॉन की मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हिस्सा चीन में है। एपल की चीन में मैन्युफैक्चरिंग को घटाने की स्ट्रैटेजी के तहत भारत में फॉक्सकॉन ने आईफोन की असेंबलिंग को बढ़ाया है। पिछले वित्त वर्ष में देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट में आईफोन की हिस्सेदारी लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की थी।
  • Donald Trump ने मेड इन अमेरिका स्मार्टफोन किया लॉन्च, जानें कीमत
    डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी ने नया स्मार्टफोन Trump Mobile पेश कर दिया है। Trump Mobile एक The 47 Plan की पेशकश कर रहा है, जिसमें $47.45 (लगभग 4,082 रुपये) के मंथली चार्ज पर वायरलेस सर्विस शामिल हैं, जिसके जरिए यूजर्स अनलिमिटेड टॉकटाइम, टेक्स्ट और मोबाइल डाटा (20GB तक हाई स्पीड) का लाभ उठा सकेंगे। यह भी बताया गया है कि यूजर्स 100 डेस्टिनेशन पर इंटरनेशनल स्तर पर कॉल कर पाएंगे।
  • भारत में बने iPhones में से 97 पर्सेंट को अमेरिका भेज रही Apple, टैरिफ से बचने की कोशिश
    यह अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की ओर से चीन पर लगाए गए अधिक टैरिफ से बचने की एपल की एक कोशिश है। आईफोन्स की अधिकांश मैन्युफैक्चरिंग चीन में होती है। पिछले कुछ वर्षों में एपल ने चीन से मैन्युफैक्चरिंग का कुछ हिस्सा भारत में शिफ्ट किया है। इससे पहले देश में मैन्युफैक्चरिंग वाले आईफोन्स का ब्रिटेन, नीदरलैंड और चेक गणराज्य को बड़ी संख्या में एक्सपोर्ट किया जाता था।

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