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Technology News - ख़बरें

  • दुनिया अभी 5G में उलझी है, चीन ने 6G की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम
    चीन ने 6G नेटवर्क टेक्नोलॉजी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 6GHz फ्रीक्वेंसी बैंड के ट्रायल इस्तेमाल को मंजूरी दी है। MIIT के मुताबिक यह स्पेक्ट्रम शुरुआती रिसर्च और टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रायल्स IMT-2030 (6G) Promotion Group के तहत होंगे, जो चीन में 6G डेवलपमेंट को कोऑर्डिनेट करता है। सरकार का कहना है कि इससे नई ट्रांसमिशन टेक्नोलॉजी, नेटवर्क आर्किटेक्चर और भविष्य के कम्युनिकेशन सिस्टम्स की टेस्टिंग में मदद मिलेगी। यह पहल 6G स्टैंडर्डाइजेशन और इंडस्ट्रियल तैयारी को भी सपोर्ट करेगी।
  • क्या पालतू कुत्तों को रिप्लेस करेगा AI Dog? ये प्यार के साथ इमोशनल सपोर्ट भी देता है
    Roomba बनाने वाली कंपनी iRobot के को-फाउंडर Colin Angle ने अपनी नई कंपनी Familiar Machines & Magic के जरिए एक AI-पावर्ड रोबोटिक कंपेनियन पेश किया है। यह चार पैरों वाला रोबोट कुत्ते और भालू के मिश्रण जैसा दिखता है और इसका मकसद इंसानों के साथ emotional connection बनाना है। कंपनी के मुताबिक, इसमें ऑन-डिवाइस जनरेटिव AI, टच-सेंसिटिव कोट और पेट के समान आवाजों जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह इंटरनेट के बिना भी काम कर सकता है और ऑडियो-वीडियो डेटा ऑनलाइन स्ट्रीम नहीं करता। फिलहाल इसे अगले साल लॉन्च किए जाने की संभावना है।
  • लॉन्च सही, लेकिन सैटेलाइट पहुंचा कहीं और! जानें क्या हुआ Blue Origin के मिशन में
    Blue Origin के New Glenn रॉकेट की हालिया लॉन्चिंग फेल हो गई, जिससे सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के मुताबिक, अपर स्टेज के एक इंजन ने पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दिया, जिसके चलते मिशन प्रभावित हुआ। यह लॉन्च फ्लोरिडा से किया गया था और फर्स्ट स्टेज बूस्टर सफलतापूर्वक लैंड भी कर गया था। घटना के बाद रॉकेट की आगे की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है और जांच जारी है। यह सैटेलाइट AST SpaceMobile के नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला था, जो डायरेक्ट सैटेलाइट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है।
  • Amazon का AI Store लॉन्च, आसान भाषा में समझाएगा टेक, शॉपिंग होगी स्मार्ट!
    Amazon ने भारत में AI Store लॉन्च किया है, जो AI-पावर्ड डिवाइसेस को खोजने और समझने के लिए एक नया प्लेटफॉर्म है। इसमें स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और वियरेबल्स जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, यह स्टोर यूजर्स को टेक्निकल जानकारी के बजाय AI फीचर्स के रियल लाइफ फायदे समझाने पर फोकस करता है। इसके अलावा Amazon ने Rufus AI असिस्टेंट, Lens सर्च और AR “view in your room” जैसे फीचर्स भी जोड़े हैं, जिससे शॉपिंग एक्सपीरियंस बेहतर होता है।
  • 70 भाषाओं के सपोर्ट के साथ Google का नया स्पीच AI लॉन्च
    Google ने Gemini 3.1 Flash TTS नाम का नया टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल पेश किया है, जो बेहतर स्पीच क्वालिटी और कंट्रोल ऑफर करता है। यह मॉडल Gemini 3 Pro पर आधारित है और 70 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसमें ऑडियो टैग्स, मल्टी-स्पीकर सपोर्ट और सीन डायरेक्शन जैसे फीचर्स दिए गए हैं। डेवलपर्स इसे Google AI Studio और Gemini API के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि एंटरप्राइज यूजर्स के लिए यह Vertex AI पर उपलब्ध है। सिक्योरिटी के लिए इसमें SynthID वॉटरमार्किंग भी दी गई है।
  • Whirlpool के नए फ्रिज खुद होंगे डिफ्रॉस्ट, 90 मिनट में जमाएंगे बर्फ! इस कीमत में हुए लॉन्च
    Whirlpool ने भारत में ‘No Tension Refrigerators’ रेंज लॉन्च की है, जिसमें Vitamagic और IMPRO PLUS सीरीज शामिल हैं। इन फ्रिज में 6th Sense IntelliFrost Technology दी गई है, जो बर्फ बनने पर अपने आप डिफ्रॉस्टिंग शुरू कर देती है। इसकी शुरुआती कीमत 17,700 रुपये है और यह 192L से 274L तक की कैपेसिटी में उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, यह रेंज यूजर्स को मैन्युअल डिफ्रॉस्ट से छुटकारा देने के लिए डिजाइन की गई है।
  • मार्क जुकरबर्ग खुद को बदल रहे हैं AI में? Meta में CEO का डिजिटल अवतार संभालेगा कमान!
    Meta एक फोटोरियलिस्टिक AI-पावर्ड डिजिटल CEO पर काम कर रही है, जिसे Mark Zuckerberg के आधार पर तैयार किया जा रहा है। यह AI कर्मचारियों से बातचीत कर सकेगा और इंटरनल कामकाज में मदद करेगा। यह प्रोजेक्ट कंपनी की AI-फर्स्ट रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत Meta ऑटोमेशन और AI सिस्टम्स को तेजी से बढ़ा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश भी कर रही है।
  • चांद मिशन में भी Microsoft Outlook ने दिया धोखा! एस्ट्रोनॉट ने लाइव स्ट्रीम में मांगी मदद
    NASA के Artemis II मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट में एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी सामने आई, जब एक एस्ट्रोनॉट ने लाइवस्ट्रीम के दौरान Microsoft Outlook के काम न करने की शिकायत की। कमांडर Reid Wiseman ने बताया कि सिस्टम में Outlook के दो वर्जन चल रहे थे और दोनों ही काम नहीं कर रहे थे। Mission Control ने रिमोट एक्सेस के जरिए इस समस्या को जांचा और बाद में बताया कि Outlook को “offline” मोड में चलाया जा सकता है। यह घटना दिखाती है कि अंतरिक्ष मिशनों में भी रोजमर्रा के कमर्शियल सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होते हैं और उनमें आम तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
  • लंबे नाखून से फोन नहीं चलता? स्टूडेंट ने बनाई अनोखी नेल पॉलिश, ऐसे करेगी काम
    लंबे नाखून रखने वाले यूजर्स के लिए स्मार्टफोन चलाना अक्सर मुश्किल होता है, लेकिन अब इस समस्या का समाधान खोजा जा रहा है। ACS में पेश की जाने वाली एक स्टडी के मुताबिक वैज्ञानिक एक ऐसी clear नेल पॉलिश पर काम कर रहे हैं, जो नाखूनों को टचस्क्रीन के साथ compatible बना सकती है। यह पॉलिश हल्की conductivity पैदा कर स्क्रीन को टच रजिस्टर करने में मदद करती है। फिलहाल यह टेक्नोलॉजी शुरुआती स्टेज में है और इसे ज्यादा सुरक्षित और लंबे समय तक असरदार बनाने के लिए और रिसर्च जारी है।
  • दिमाग से कंट्रोल हो रहा है लैपटॉप! Neuralink इम्प्लांट के बाद शख्स ने शेयर किया 100 दिनों का अनुभव
    Neuralink के N1 ब्रेन इम्प्लांट का इस्तेमाल करने वाले एक पैरालाइज्ड मरीज ने 100 दिन बाद अपने अनुभव साझा किए हैं। Jon L. Noble नाम के इस मरीज के मुताबिक वह अब अपने दिमाग की मदद से कंप्यूटर कंट्रोल कर पा रहे हैं। सर्जरी के कुछ हफ्तों बाद ही उन्होंने कर्सर कंट्रोल, टाइपिंग और यहां तक कि गेमिंग भी शुरू कर दी। कंपनी के मुताबिक यह टेक्नोलॉजी ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस पर आधारित है, जो भविष्य में दिव्यांग लोगों के लिए नई संभावनाएं खोल सकती है। हालांकि इसके लंबे समय के असर पर अभी और रिसर्च की जरूरत है।
  • धरती से टकराने से पहले रोके जाएंगे एस्टेरॉयड! जानिए क्या है Blue Origin का बड़ा मिशन
    Jeff Bezos की कंपनी Blue Origin ने NASA और Caltech के साथ मिलकर NEO Hunter मिशन पर काम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी को एस्टेरॉयड जैसे खतरों से बचाना है। यह मिशन Blue Ring स्पेसक्राफ्ट प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा, जो पहले एस्टेरॉयड का अध्ययन करेगा और जरूरत पड़ने पर उसकी दिशा बदलने की कोशिश करेगा। इसके लिए आयन बीम और टक्कर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मिशन के दौरान छोटे सैटेलाइट्स डेटा इकट्ठा करेंगे और “Slamcam” इम्पैक्ट को रिकॉर्ड करेगा।
  • Samsung लाएगा 20,000mAh तक बैटरी वाले स्मार्टफोन्स? टेस्टिंग रिपोर्ट हुई लीक
    Samsung SDI कथित तौर पर नई Silicon Carbon बैटरी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, जिसमें 12,000mAh, 18,000mAh और 20,000mAh क्षमता वाली बैटरियों की टेस्टिंग की जा रही है। लीक हुई इंटरनल रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल 12,000mAh और 18,000mAh बैटरियों के टेस्ट सैंपल करीब 960 चार्ज साइकल के बाद फेल हो गए, जबकि कंपनी का लक्ष्य 1,500 चार्ज साइकल तक पहुंचने का है। रिपोर्ट में बैटरी डिजाइन और मल्टी सेल स्टैकिंग से जुड़ी डिटेल भी सामने आई है। फिलहाल कंपनी इन बैटरियों के डिजाइन और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार पर काम कर रही है।
  • AI रेस में आगे निकल गया भारत, Sarvam AI ने ChatGPT और Gemini को इन फील्ड में पछाड़ा
    Bengaluru आधारित Sarvam AI ने अपने नए AI मॉडल Sarvam Vision और Bulbul V3 को लेकर ग्लोबल AI कम्युनिटी में चर्चा तेज कर दी है। कंपनी के मुताबिक, Sarvam Vision ने OCR बेंचमार्क्स पर Google Gemini जैसे मॉडल्स से बेहतर परफॉर्म किया है। वहीं Bulbul V3 टेक्स्ट टू स्पीच मॉडल 22 भारतीय भाषाओं और 35 वॉयस को सपोर्ट करता है। Sarvam AI का फोकस भारत की भाषाई और डॉक्यूमेंट जरूरतों को ध्यान में रखकर AI को ज्यादा एक्सेसिबल बनाने पर है, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल रही है।
  • Elon Musk आम जनता के लिए ला रहे हैं सैटेलाइट फोन? नए दावे ने खोल दिए राज!
    SpaceX के संभावित IPO से पहले Starlink बिजनेस से जुड़े नए प्लान्स सामने आए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी Starlink की पहुंच बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर काम कर रही है, जिनमें Starlink फोन, डायरेक्ट टू डिवाइस इंटरनेट और स्पेस ट्रैकिंग सर्विस शामिल हो सकती हैं। हालांकि SpaceX ने इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Elon Musk ने भी हाल ही में साफ किया है कि फिलहाल SpaceX किसी फोन पर काम नहीं कर रही है, लेकिन भविष्य में इस तरह का आइडिया पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
  • Xiaomi का स्मार्ट चश्मा अब बोलकर करे देगा पार्किंग पेमेंट, जानें कैसे काम करता है नया AI फीचर
    Xiaomi और Alipay ने स्मार्ट ग्लासेस के लिए एक नया फीचर पेश किया है, जिससे यूजर्स पार्किंग फीस का पेमेंट बिना फोन निकाले कर सकेंगे। यह सिस्टम वॉयस कमांड और विजुअल कन्फर्मेशन के जरिए काम करता है और पूरी तरह हैंड्स-फ्री एक्सपीरियंस देता है। Alipay के मुताबिक, यह फीचर पार्किंग एंट्री से लेकर एग्जिट तक यूजर को वॉयस नोटिफिकेशन देता है और कन्फर्मेशन के बाद ऑटोमैटिक पेमेंट पूरा करता है। यह सुविधा कई शहरों के स्मार्ट पार्किंग नेटवर्क में पहले से काम कर रही है।

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