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Space News - ख़बरें

  • आज NASA ऑफिस में रहेगी हलचल! धरती की तरफ आ रहे हैं 3 बड़े एस्टेरॉयड
    NASA ने 23 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले तीन एस्टेरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन एस्टेरॉयड्स में एयरप्लेन और बिल्डिंग के आकार के खगोलीय पिंड शामिल हैं, जो तय सुरक्षित दूरी से धरती के पास से गुजरेंगे। नासा की Jet Propulsion Laboratory के मुताबिक, ये एस्टेरॉयड 75 लाख किलोमीटर के दायरे में आने के कारण ट्रैक किए जा रहे हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी भी एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की आशंका नहीं है।
  • हवाई जहाज जितना साइज, बिजली सी रफ्तार! पृथ्वी की ओर बढ़ रही हैं पांच चट्टानें
    NASA की Jet Propulsion Laboratory ने 19 और 20 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के पास से गुजरने वाले एस्टेरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। नासा के मुताबिक, इन दो दिनों में कुल पांच एस्टेरॉयड धरती के नजदीक से गुजरेंगे, जिनमें कुछ का साइज एयरप्लेन के बराबर बताया गया है। हालांकि ये सभी एस्टरॉयड सुरक्षित दूरी से निकल जाएंगे और किसी तरह के टकराव की आशंका नहीं है।
  • एस्टरॉयड में चीनी! NASA की नई खोज ने चौंकाया
    Asteroid Bennu पर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने ऐसे शर्करा (sugar) खोजे हैं जो जीवन के निर्माण के लिए आवश्यक होते हैं। एस्‍टरॉयड बेन्नु में बहुत सारे कार्बनिक अणु हैं, जिनमें जीवन के लिए जरूरी कई ‘बिल्डिंग ब्‍लॉक्‍स' शामिल हैं। 2023 में नासा का ओसिरिस-रेक्स (Osiris-Rex) अंतरिक्ष यान पृथ्वी के निकट मौजूद एस्टरॉयड बेन्नु से 122 ग्राम धूल और कंकड़ लेकर आया था। तभी से वैज्ञानिक इसे स्टडी कर रहे हैं। एस्टरॉयड पर कई सारे खनिज अणु पहले ही खोजे जा चुके हैं।
  • इंतजार खत्म! 2026 में अंतरिक्ष की सैर, दुनिया का पहला प्राइवेट स्पेस स्टेशन Haven-1 होगा शुरू
    दुनिया का पहला प्राइवेट स्पेस स्टेशन जल्द ही हकीकत बनने वाला है। वास्ट स्पेस (Vast Space) की ओर से यह स्पेस स्टेशन तैयार किया जा रहा है जो दुनिया का पहला निजी अंतरिक्ष स्टेशन होगा। स्पेस स्टेशन का नाम Haven-1 है और यह 2026 में दुनिया के लिए खोल दिया जाएगा। यह एक सिंगल मॉड्यूल आवास होगा जिसे SpaceX Falcon 9 के माध्यम से लॉन्च किया जाएगा।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla का Axiom-4 मिशन 19 जून को होगा लॉन्च
    बिलिनेयर Elon Musk की रॉकेट कंपनी SpaceX की एक टीम ने यह पुष्टि की है कि इस Axiom-4 मिशन को टालने के पीछे की समस्या का समाधान किया गया है। इस स्पेस मिशन को 29 मई को लॉन्च किया जाना था। हालांकि, इसके बाद इसे 8 जून, 10 जून और 11 जून को टाला गया था। SpaceX ने बताया था कि Falcon-9 रॉकेट में एक लिक्विड ऑक्सिजन लीक की वजह से 11 जून को इस मिशन का लॉन्च टाला गया था।
  • सोलर तूफानों से Elon Musk की Starlink के सैटेलाइट्स आसमान से गिर रहे
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के Goddard Space Flight Centre में स्पेस फिजिसिस्ट, Denny Oliveira ने पिछले कुछ वर्षों में धरती पर वापस गिरे स्टारलिंक के 523 सैटेलाइट्स पर एक स्टडी की अगुवाई की है। इस स्टडी में पता चला है कि सूर्य में विस्फोटों से बनने वाले जियोमैग्नेटिक तूफानों से वातावरण में खिंचाव बढ़ता है और इससे सैटेलाइट्स ऑर्बिट से गिरकर तेजी से वातावरण में दोबारा एंट्री करते हैं।
  • 400km ऊपर अंतरिक्ष में चीनी वैज्ञानिकों को मिला यह रहस्यमय सूक्ष्म जीव!
    चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की इस नई प्रजाति को खोजा है। नए बैक्टीरिया स्ट्रेन को Niallia tiangongensis नाम दिया गया है। यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान तियांगोंग की सतहों से एकत्र किए गए सूक्ष्मजीव नमूनों में पाया गया था, जो जून 2023 में पृथ्वी पर वापस आया था।
  • आखिर चल गया पता! यूरेनस ग्रह पर 17 घंटे का है 1 दिन, 84 साल में लगाता है सूरज का 1 चक्कर!
    यूरेनस पर दिन की लम्बाई पृथ्वी के दिन से कम निकल कर आई है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) द्वारा इकट्ठा किए गए दशकों के डेटा को खंगाला, जिससे पता लग पाया कि यूरेनस (Uranus) पर एक दिन 17 घंटे, 14 मिनट, और 52 सेकंड लम्बा होता है। NASA के स्पेसक्राफ्ट Voyager 2 द्वारा बताया गया समय इससे 28 सेकंड कम था।
  • 10 दिन बिस्तर पर लेटे रहने के मिलेंगे 4.75 लाख रुपये! यह कंपनी दे रही मौका
    यूरोप की स्पेस एजेंसी 10 दिनों के एक्सपेरिमेंट के लिए भागीदारों को 4.75 लाख रुपये देने का दावा कर रही है। भागीदारों से कोई काम नहीं करवाया जाएगा बल्कि उन्हें बस एक खास तरह के बिस्तर के अंदर लेटे रहना होगा। कंपनी अपने विवाल्डी (Vivaldi) एक्सपेरिमेंट का तीसरा और आखिरी कंपैन आयोजित करने जा रही है। यह फ्रांस के टूलूस के मेडेस स्पेस क्लिनिक में होगा।
  • धरती से 400Km ऊपर से दिखा महाकुंभ का नजारा, Nasa ने शेयर की तस्‍वीरें
    यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में रोजाना लाखों की संख्‍या में लोग संगम पर स्‍नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस नजारे को ना सिर्फ पृथ्‍वी से बल्कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से इस आयोजन की तस्‍वीरें ली हैं। ISS हमारी धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में है।
  • अंतरिक्ष से दिखा महाकुंभ मेला, सामने आई तस्‍वीरें, जानें पूरी‍ डिटेल
    दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला, प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj MahaKumbha) अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने इंडियन सैटेलाइट्स का इस्‍तेमाल करके महाकुंभ की तस्वीरें ली हैं। इसरो की तस्वीरों में मेले में बनाए गए विशाल बुनियादी ढांचे को देखा जा सकता है। गौरतलब है कि प्रयागराज में महाकुंभ में 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है।
  • विस्‍फोट के बाद ब्रह्मांड में फैली तारे की धूल, James Webb टेलीस्‍कोप ने किया कैप्‍चर, देखें 3D इमेज
    अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप- जेम्‍स वेब (James Webb Space Telescope) हर रोज हमारे ब्रह्मांड को कैप्‍चर कर रहा है। नासा के टेलीस्‍कोप ने अब अंतरतारकीय (interstellar) धूल और गैस की ज्‍यादा डिटेल इमेज ली हैं, जिससे वैज्ञानिकों ने इंटरस्‍टेलर धूल और गैस की 3डी संरचना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 350 साल पहले एक तारे के खत्‍म होने से यह रोशनी, गैस और धूल निकली जो अबतक काफी लंबा सफर तय कर चुकी है।
  • ISRO : क्‍या होती है स्पेस डॉकिंग? अंतरिक्ष में दो स्‍पेसक्राफ्ट जोड़ने से भारत को क्‍या फायदा होगा? जानें
    भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) का Spadex मिशन कामयाब हो गया। कई दिनों से देशवासी जिसका इंतजार कर रहे थे, वह गुड न्‍यूज गुरुवार सुबह आई। इसरो ने बताया कि उसने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक दो स्‍पेसक्राफ्टों को आपस में जोड़ दिया है, जिसे स्‍पेस डॉकिंग कहा जाता है। ऐसा करने वाला भारत अब दुनिया का चौथा देश बन गया है। यह कामयाबी अबतक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के नाम थी।
  • ISRO का एक और कमाल! अंतरिक्ष में उगा दिया लोबिया, देखें वीडियो
    भारत की स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने एक बार फिर से अंतरिक्ष की दुनिया में कारनामा कर दिखाया है। इसरो ने स्पेस में लोबिया के बीजों को उगते दिखाया है। इसरो का कहना है कि केवल चार दिन में ही ये बीज माइक्रोग्रेविटी में अंकुरित हो गए। दरअसल यह संस्था के CROPS मिशन का हिस्सा है। भविष्य में दूसरे ग्रहों पर खेती की संभावनाओं को इसके जरिए तलाशा जा सकता है।
  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी के स्पेसक्राफ्ट ने खींची बुध की अद्भुत तस्वीरें, ग्रह पर जमे हुए पानी के संकेत!
    सौरमंडल में सूर्य के सबसे नजदीक घूमने वाले ग्रह बुध को बेहद नजदीक से कैमरा में कैद किया गया है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी का BepiColombo स्पेसक्राफ्ट बुध के सबसे नजदीक से गुजरा है। इसके बाद यह 2026 में इसकी कक्षा में प्रवेश करेगा। पता लगाएगा कि ग्रह पर केवल चट्टानों की एक पतली परत क्यों है, जबकि ग्रह के पास बहुत बड़ा लौह कोर है।

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