Space News

Space News - ख़बरें

  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • 2026 का पहला ISRO मिशन फेल! PSLV-C62 के साथ कहां, कब और कैसे हुई गड़बड़? यहां पढ़ें पूरी कहानी
    ISRO ने 12 जनवरी 2026 को साल का पहला स्पेस मिशन PSLV-C62 लॉन्च किया था, लेकिन यह मिशन सफल नहीं हो सका। लॉन्च के शुरुआती मिनटों में सब कुछ सामान्य रहा, हालांकि तीसरे स्टेज के अंत में रॉकेट में अस्थिरता आ गई। इसके चलते रॉकेट जरूरी ऑर्बिटल स्पीड और दिशा हासिल नहीं कर पाया और सैटेलाइट्स पृथ्वी की ओर लौट गए। PSLV-C62 में EOS-N1 समेत कई पेलोड्स शामिल थे। ISRO ने फेल्योर के कारणों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • ISRO बना ग्लोबल हीरो! 'बाहुबली' रॉकेट से स्पेस में पहुंचाई सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट, सेट किया रिकॉर्ड
    ISRO के हेवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3-M6 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरते हुए अमेरिका के BlueBird-6 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित किया है। यह अब तक किसी भारतीय लॉन्च व्हीकल द्वारा ले जाया गया सबसे भारी पेलोड है। यह मिशन आम स्मार्टफोन्स तक सीधे स्पेस से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य से जुड़ा है। करीब 15 मिनट की उड़ान के बाद सैटेलाइट 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने तय ऑर्बिट में पहुंचा। यह भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करता है।
  • आज NASA ऑफिस में रहेगी हलचल! धरती की तरफ आ रहे हैं 3 बड़े एस्टेरॉयड
    NASA ने 23 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले तीन एस्टेरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन एस्टेरॉयड्स में एयरप्लेन और बिल्डिंग के आकार के खगोलीय पिंड शामिल हैं, जो तय सुरक्षित दूरी से धरती के पास से गुजरेंगे। नासा की Jet Propulsion Laboratory के मुताबिक, ये एस्टेरॉयड 75 लाख किलोमीटर के दायरे में आने के कारण ट्रैक किए जा रहे हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी भी एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की आशंका नहीं है।
  • हवाई जहाज जितना साइज, बिजली सी रफ्तार! पृथ्वी की ओर बढ़ रही हैं पांच चट्टानें
    NASA की Jet Propulsion Laboratory ने 19 और 20 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के पास से गुजरने वाले एस्टेरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। नासा के मुताबिक, इन दो दिनों में कुल पांच एस्टेरॉयड धरती के नजदीक से गुजरेंगे, जिनमें कुछ का साइज एयरप्लेन के बराबर बताया गया है। हालांकि ये सभी एस्टरॉयड सुरक्षित दूरी से निकल जाएंगे और किसी तरह के टकराव की आशंका नहीं है।
  • एस्टरॉयड में चीनी! NASA की नई खोज ने चौंकाया
    Asteroid Bennu पर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने ऐसे शर्करा (sugar) खोजे हैं जो जीवन के निर्माण के लिए आवश्यक होते हैं। एस्‍टरॉयड बेन्नु में बहुत सारे कार्बनिक अणु हैं, जिनमें जीवन के लिए जरूरी कई ‘बिल्डिंग ब्‍लॉक्‍स' शामिल हैं। 2023 में नासा का ओसिरिस-रेक्स (Osiris-Rex) अंतरिक्ष यान पृथ्वी के निकट मौजूद एस्टरॉयड बेन्नु से 122 ग्राम धूल और कंकड़ लेकर आया था। तभी से वैज्ञानिक इसे स्टडी कर रहे हैं। एस्टरॉयड पर कई सारे खनिज अणु पहले ही खोजे जा चुके हैं।
  • इंतजार खत्म! 2026 में अंतरिक्ष की सैर, दुनिया का पहला प्राइवेट स्पेस स्टेशन Haven-1 होगा शुरू
    दुनिया का पहला प्राइवेट स्पेस स्टेशन जल्द ही हकीकत बनने वाला है। वास्ट स्पेस (Vast Space) की ओर से यह स्पेस स्टेशन तैयार किया जा रहा है जो दुनिया का पहला निजी अंतरिक्ष स्टेशन होगा। स्पेस स्टेशन का नाम Haven-1 है और यह 2026 में दुनिया के लिए खोल दिया जाएगा। यह एक सिंगल मॉड्यूल आवास होगा जिसे SpaceX Falcon 9 के माध्यम से लॉन्च किया जाएगा।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla का Axiom-4 मिशन 19 जून को होगा लॉन्च
    बिलिनेयर Elon Musk की रॉकेट कंपनी SpaceX की एक टीम ने यह पुष्टि की है कि इस Axiom-4 मिशन को टालने के पीछे की समस्या का समाधान किया गया है। इस स्पेस मिशन को 29 मई को लॉन्च किया जाना था। हालांकि, इसके बाद इसे 8 जून, 10 जून और 11 जून को टाला गया था। SpaceX ने बताया था कि Falcon-9 रॉकेट में एक लिक्विड ऑक्सिजन लीक की वजह से 11 जून को इस मिशन का लॉन्च टाला गया था।
  • सोलर तूफानों से Elon Musk की Starlink के सैटेलाइट्स आसमान से गिर रहे
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के Goddard Space Flight Centre में स्पेस फिजिसिस्ट, Denny Oliveira ने पिछले कुछ वर्षों में धरती पर वापस गिरे स्टारलिंक के 523 सैटेलाइट्स पर एक स्टडी की अगुवाई की है। इस स्टडी में पता चला है कि सूर्य में विस्फोटों से बनने वाले जियोमैग्नेटिक तूफानों से वातावरण में खिंचाव बढ़ता है और इससे सैटेलाइट्स ऑर्बिट से गिरकर तेजी से वातावरण में दोबारा एंट्री करते हैं।
  • 400km ऊपर अंतरिक्ष में चीनी वैज्ञानिकों को मिला यह रहस्यमय सूक्ष्म जीव!
    चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की इस नई प्रजाति को खोजा है। नए बैक्टीरिया स्ट्रेन को Niallia tiangongensis नाम दिया गया है। यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान तियांगोंग की सतहों से एकत्र किए गए सूक्ष्मजीव नमूनों में पाया गया था, जो जून 2023 में पृथ्वी पर वापस आया था।
  • आखिर चल गया पता! यूरेनस ग्रह पर 17 घंटे का है 1 दिन, 84 साल में लगाता है सूरज का 1 चक्कर!
    यूरेनस पर दिन की लम्बाई पृथ्वी के दिन से कम निकल कर आई है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) द्वारा इकट्ठा किए गए दशकों के डेटा को खंगाला, जिससे पता लग पाया कि यूरेनस (Uranus) पर एक दिन 17 घंटे, 14 मिनट, और 52 सेकंड लम्बा होता है। NASA के स्पेसक्राफ्ट Voyager 2 द्वारा बताया गया समय इससे 28 सेकंड कम था।
  • 10 दिन बिस्तर पर लेटे रहने के मिलेंगे 4.75 लाख रुपये! यह कंपनी दे रही मौका
    यूरोप की स्पेस एजेंसी 10 दिनों के एक्सपेरिमेंट के लिए भागीदारों को 4.75 लाख रुपये देने का दावा कर रही है। भागीदारों से कोई काम नहीं करवाया जाएगा बल्कि उन्हें बस एक खास तरह के बिस्तर के अंदर लेटे रहना होगा। कंपनी अपने विवाल्डी (Vivaldi) एक्सपेरिमेंट का तीसरा और आखिरी कंपैन आयोजित करने जा रही है। यह फ्रांस के टूलूस के मेडेस स्पेस क्लिनिक में होगा।
  • धरती से 400Km ऊपर से दिखा महाकुंभ का नजारा, Nasa ने शेयर की तस्‍वीरें
    यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में रोजाना लाखों की संख्‍या में लोग संगम पर स्‍नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस नजारे को ना सिर्फ पृथ्‍वी से बल्कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से इस आयोजन की तस्‍वीरें ली हैं। ISS हमारी धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में है।

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