Researchers

Researchers - ख़बरें

  • RAM की कमी ने बिगाड़ा खेल! 13 साल में सबसे नीचे स्मार्टफोन सेल्स, Samsung फिर बना नंबर-1 ब्रांड
    Counterpoint Research की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स सालाना आधार पर 11 प्रतिशत घट गई हैं। यह 2013 के बाद सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, RAM और NAND मेमोरी की कमी के चलते स्मार्टफोन कंपनियों की लागत बढ़ी है, जिसका असर कीमतों और मांग दोनों पर पड़ा है। इसके बावजूद Samsung ने 24 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ Apple को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड बनने का दावा किया है। रिपोर्ट में पूरे 2026 के दौरान बाजार में और गिरावट की आशंका भी जताई गई है।
  • भारत को बड़ी उपलब्धि, ISRO ने पूरे किए गगनयान के 3 टेस्ट, लैंडिग पर समुद्र में भी नहीं डूबेंगे अंतरिक्षयात्री
    ISRO ने पहले टेस्ट से यह सुनिश्चित किया है कि समुद्र पर उतरने के बाद क्रू मॉड्यूल सीधी स्थिति में रहेगा। आपको बता दें कि यह क्रू की सेफ्टी के लिए सबसे जरूरी बातों में से एक है। इसके लिए कोल्ड-गैस पर बेस्ड एक अपराइटिंग सिस्टम बनाया गया और उसका टेस्ट किया गया, जिससे इसका बात की पुष्टि हुई कि यह उतरने पर सीधा ही रहेगा।
  • 3.2 करोड़ मच्छरों की फौज तैयार कर रहा Google, खुले में छोड़ने के लिए मांगी मंजूरी
    Google अमेरिका में एक अनोखे प्रयोग की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया में अगले दो वर्षों के दौरान 3.2 करोड़ लैब में तैयार किए गए नर मच्छरों को छोड़ने की अनुमति मांगी है। यह प्रोजेक्ट Debug पहल का हिस्सा है, जिस पर Google 2014 से काम कर रहा है। योजना के तहत मच्छरों को Wolbachia pipientis नाम के बैक्टीरिया से संक्रमित किया जाएगा, जिससे उनके प्रजनन पर असर पड़ सकता है। कंपनी का मानना है कि इससे समय के साथ मच्छरों की आबादी कम करने और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
  • AI से काम आसान, लेकिन दिमाग को लग रही “शॉर्टकट” की आदत! स्टडी में बड़ा खुलासा
    एक नई स्टडी में पाया गया है कि सिर्फ 10 मिनट तक AI का इस्तेमाल करने से लोगों की सोचने की क्षमता और किसी समस्या पर टिके रहने की आदत प्रभावित हो सकती है। रिसर्च में 1,200 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया, जहां AI की मदद से उनकी परफॉर्मेंस बेहतर रही, लेकिन बाद में बिना AI के उनकी क्षमता कम हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, AI आसान जवाब देता है, जिससे दिमाग की मेहनत कम होती है और “पर्सिस्टेंस” यानी धैर्य घट सकता है। यह ट्रेंड लंबे समय में सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
  • क्या AI आपको गलत बातों पर यकीन दिला रहा है? ये नई रिसर्च आपके होश उड़ा देगी!
    एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि AI चैटबॉट्स का “sycophancy” व्यवहार यूजर्स को गलत दिशा में ले जा सकता है। arXiv पर प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक जब चैटबॉट्स यूजर की हर बात से सहमत होते हैं, तो एक “delusional spiraling” शुरू हो सकता है, जिसमें यूजर का भरोसा गलत जानकारी पर बढ़ता जाता है। यह समस्या सिर्फ कमजोर यूजर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि तार्किक सोच रखने वाले लोग भी इसका शिकार हो सकते हैं। रिसर्च के अनुसार मौजूदा सेफ्टी उपाय भी इस जोखिम को पूरी तरह खत्म नहीं कर पा रहे हैं।
  • लंबे नाखून से फोन नहीं चलता? स्टूडेंट ने बनाई अनोखी नेल पॉलिश, ऐसे करेगी काम
    लंबे नाखून रखने वाले यूजर्स के लिए स्मार्टफोन चलाना अक्सर मुश्किल होता है, लेकिन अब इस समस्या का समाधान खोजा जा रहा है। ACS में पेश की जाने वाली एक स्टडी के मुताबिक वैज्ञानिक एक ऐसी clear नेल पॉलिश पर काम कर रहे हैं, जो नाखूनों को टचस्क्रीन के साथ compatible बना सकती है। यह पॉलिश हल्की conductivity पैदा कर स्क्रीन को टच रजिस्टर करने में मदद करती है। फिलहाल यह टेक्नोलॉजी शुरुआती स्टेज में है और इसे ज्यादा सुरक्षित और लंबे समय तक असरदार बनाने के लिए और रिसर्च जारी है।
  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • चांद से टकराने वाला है विशाल एस्टेरॉयड? NASA की नई रिपोर्ट ने साफ किया पूरा मामला
    NASA के James Webb Space Telescope ने एस्टेरॉयड 2024 YR4 को लेकर नई ऑब्जर्वेशन की हैं, जिनसे वैज्ञानिकों ने इसकी कक्षा को पहले से ज्यादा सटीक तरीके से मापा है। पहले आशंका जताई जा रही थी कि यह एस्टेरॉयड 2032 में चांद से टकरा सकता है, लेकिन अब नई गणनाओं के बाद यह संभावना लगभग खत्म हो गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एस्टेरॉयड बेहद धुंधला है और मौजूदा समय में इसे ट्रैक करना आसान नहीं है। Webb Telescope की संवेदनशीलता की वजह से वैज्ञानिक इसकी स्थिति को बेहतर तरीके से माप पाए, जिससे भविष्य में इसकी सटीक स्थिति का अनुमान लगाना संभव हुआ।
  • पृथ्वी पर मंडरा रहा है खतरा! क्लाइमेट रिपोर्ट में 10 बड़ी चिंताएं आईं सामने
    हर साल पृथ्वी और इसके तेजी से बदलते वातावरण के बारे में कई वैज्ञानिक शोध जारी किए जाते हैं। Future Earth, Earth League, और World Climate Research Programme ने इस बार भी एक ऐसा ही शोध जारी किया है जो पृथ्वी के लिए चिंता जाहिर करता है। रिसर्च का 2025 संस्करण संकट की आहट दे रहा है। इसमें कहा गया है कि महासागरों का तापमान लगातार बढ़ रहा है। साथ ही मिट्टी की कार्बन को सोखने की क्षमता लगातार घट रही है।
  • India AI Impact Summit 2026: भारत में इस जगह बनेगी पहली 'AI सिटी'
    India AI Impact Summit के दौरान Bharat1.AI ने बेंगलुरु में Humanity First AI City बनाने का विजन पेश किया है। इस पहल का पहला चरण B1 AI Superpark होगा, जो सरजापुर में 5 लाख वर्ग फुट के कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक यहां 10,000 से ज्यादा AI रिसर्चर और इनोवेटर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। फोकस Agentic और Physical AI सिस्टम्स को रियल वर्ल्ड कंडीशंस में टेस्ट करने पर रहेगा। इस परियोजना को अगले 36 महीनों में सिटी स्केल AI टेस्टबेड के रूप में विस्तार देने की योजना है।
  • बजट 5G स्मार्टफोन का जलवा, 2025 में 1900% से ज्यादा बढ़ी बिक्री, जानें क्या है वजह
    साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) की रिपोर्ट से पता चला है कि भारतीय स्मार्टफोन सेक्टर स्ट्रक्चरल बदलाव के एक जरूरी फेज में दाखिल हो चुका है। अब किफायती 5G फोन में बढ़ी ग्रोथ के साथ-साथ प्रीमियम सेगमेंट में लगातार डिमांड में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, कुल शिपमेंट में साल-दर-साल के हिसाब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बाजार ने दमदार प्रदर्शन किया है।
  • आ गया छोटा सा अल्ट्रासाउंड सेंसर, स्तन कैंसर का पहले पता लगाने में करेगा मदद
    रिसर्चर ने एक छोटा अल्ट्रासाइंड सिस्टम बनाया है, जिससे घर या गांवों में भी अल्ट्रासाइंड हो पाएगा। नए सिस्टम में एक छोटा अल्ट्रासाउंड प्रोब है जो एक एक्वीजीशन और प्रोसेसिंग मॉड्यूल से जुड़ा है, जिसका साइज स्मार्टफोन से थोड़ा ही बड़ा है। इस सिस्टम को लैपटॉप कंप्यूटर से कनेक्ट करके कहीं भी उपयोग किया जा सकता है। इससे वाइड-एंगल 3डी इमेज को रियल-टाइम में रिकंस्ट्रक्ट करने के साथ देखा जा सकता है।
  • Anthropic के नए AI टूल से सहमी टेक कंपनियां, लीगल वर्क को करेगा ऑटोमेट
    SaaSpocalypse की जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका में वॉल स्ट्रीट पर टेक कंपनियों के शेयर्स में बड़ी गिरावट हुई है। इससे Adobe, Cognizant, Thomson Reuters और Gartner जैसी कंपनियों के शेयर्स सात प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक टूटे हैं। भारत में भी IT कंपनियों के शेयर्स पर इसका बड़ा असर पड़ा है। TCS का शेयर लगभग सात प्रतिशत, Infosys का लगभग आठ प्रतिशत और HCL का पांच प्रतिशत से अधिक गिरा है।
  • सस्ते मोबाइल भूल जाओ! नए स्मार्टफोन की औसत कीमत Rs 37 हजार के पार
    स्मार्टफोन की कीमतों में बड़ी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। 2025 के अंत में स्मार्टफोन मार्केट ने कीमतों के मामले में नई ऊंचाई को छू लिया है। अब एक नए स्मार्टफोन की कीमत 400 डॉलर के औसत प्राइस को पार कर गई है। यानी एक नए स्मार्टफोन की औसत कीमत अब लगभग 37 हजार रुपये पहुंच गई है।
  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »