• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • 10 सालों में 30 लाख से ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं खत्म, इन रोल्स पर पड़ेगा AI का असर!

10 सालों में 30 लाख से ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं खत्म, इन रोल्स पर पड़ेगा AI का असर!

NFER की नई रिपोर्ट चेतावनी देती है कि 2035 तक यूके में करीब 30 लाख लो-स्किल्ड नौकरियां ऑटोमेशन और AI की वजह से खत्म हो सकती हैं।

10 सालों में 30 लाख से ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं खत्म, इन रोल्स पर पड़ेगा AI का असर!

Photo Credit: Pexels

ख़ास बातें
  • 2035 तक यूके में 30 लाख लो-स्किल्ड नौकरियां खत्म हो सकती हैं
  • ट्रेड्स और मशीन ऑपरेशन रोल्स AI ऑटोमेशन से सबसे प्रभावित होंगे
  • हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स की डिमांड आने वाले सालों में बढ़ेगी
विज्ञापन

यूके के लेबर मार्केट पर ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के असर को लेकर एक नई रिपोर्ट ने बड़ा अनुमान पेश किया है। National Foundation for Educational Research (NFER) के मुताबिक, देश में 2035 तक करीब 30 लाख लो-स्किल्ड नौकरियां खत्म हो सकती हैं। रिपोर्ट बताती है कि सबसे ज्यादा खतरा ट्रेड्स, मशीन ऑपरेशन्स और बेसिक एडमिनिस्ट्रेशन जैसी भूमिकाओं पर मंडरा रहा है, जहां रुटीन टास्क को AI और ऑटोमेटेड सिस्टम आसानी से संभाल सकते हैं।

रिपोर्ट का दूसरा पहलू उतना ही दिलचस्प है। इसके अनुसार, जहां एक तरफ एंट्री-लेवल और कम स्किल्स वाली नौकरियां घटेंगी, वहीं हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ सकती है, कम से कम आने वाले कुछ वर्षों में। कुल रूप से यूके की इकोनॉमी 2035 तक लगभग 23 लाख नई नौकरियां जोड़ने की क्षमता रखती है, लेकिन ये ग्रोथ सभी सेक्टर्स में समान नहीं होगी।

NFER के निष्कर्ष हाल ही में आई उन रिसर्च रिपोर्ट्स से अलग हैं, जिनमें कहा गया था कि AI सबसे ज्यादा खतरा हाई-स्किल्ड टेक्निकल नौकरियों, जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कंसल्टिंग और मैनेजमेंट को पहुंचाएगा। King's College की एक स्टडी के अनुसार, 2021-2025 के बीच हाई-पेइंग कंपनियों में लगभग 9.4% तक जॉब लॉस दिखा है, जिसमें ChatGPT लॉन्च के बाद का समय भी शामिल है।

यूके सरकार की अपनी लिस्ट भी बताती है कि “मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स”, “साइकोलॉजिस्ट्स” और “लीगल प्रोफेशनल्स” जैसे रोल AI से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, जबकि “स्पोर्ट्स प्लेयर्स”, “रूफर्स” और “ब्रिकलेयर्स” पर खतरा कम है।

NFER की रिपोर्ट की राइटर जूड हिलरी का कहना है कि अभी AI के कारण बड़े पैमाने पर होने वाली नौकरी की हानि को लेकर जल्दबाजी में फैसला निकालना गलत हो सकता है। उनके अनुसार, कई कंपनियां इस समय धीमी अर्थव्यवस्था, बढ़ते कॉस्ट प्रेशर और अस्थिरता की वजह से भर्ती रोकने को मजबूर हैं और AI को एक आसान स्पष्टीकरण के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “अभी ज्यादातर कंपनियां वेट-एंड-वॉच मोड में हैं।”

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NFER, Jobs, Layoffs, AI
नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत के लग्जरी इलेक्ट्रिक कार मार्केट में BMW की बढ़ी हिस्सेदारी, पहली तिमाही में 1,185 यूनिट्स की बिक्री
  2. YouTube में आए दो कमाल के फीचर्स, अब वीडियो में टाइम भी बचेगा, और मिलेगा ज्यादा कंट्रोल, जानें कैसे
  3. Mac में छिपा ‘टाइम बॉम्ब’! 49 दिन बाद ऐप्स करना बंद कर सकते हैं काम, जानें बचने का तरीका
  4. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकती है 4,700mAh की बैटरी, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  5. एक मैसेज और PF की पूरी जानकारी आपके हाथ में! इतना आसान तरीका शायद नहीं जानते होंगे
  6. Infinix Hot 70 में मिल सकता है MediaTek Helio G99 चिपसेट, गूगल प्ले कंसोल पर लिस्टिंग
  7. AI+ ने भारत में लॉन्च किया 8000mAh बैटरी, 10.95 इंच डिस्प्ले वाला बजट टैबलेट, जानें कीमत
  8. OnePlus Nord 6 की सेल शुरू, 9000mAh बैटरी वाले फोन को Rs 2,000 सस्ता खरीदने का मौका!
  9. LG, Samsung, Xiaomi स्मार्ट TV पर फ्री नहीं देख पाएंगे टीवी चैनल! बदलने जा रहे नियम
  10. नए घरेलू PNG कनेक्शन के लिए ऑनलाइन कैसे करें आवेदन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »