Gaming Ban

Gaming Ban - ख़बरें

  • गेमर्स के लिए बड़ा अपडेट, सरकार ने लागू किए नए नियम - जानें कौन से गेम चलेंगे, कौन से होंगे बंद
    केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होंगे। इन नियमों के तहत Online Gaming Authority of India का गठन किया गया है, जो इस सेक्टर की निगरानी करेगा। सरकार ने “regulation-light” अप्रोच अपनाई है, जिससे ज्यादातर सोशल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होगा। हालांकि, मनी गेम्स पर सख्ती रहेगी और ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। इसके अलावा यूजर्स की सुरक्षा के लिए age verification, parental controls और grievance सिस्टम जैसे फीचर्स जरूरी किए गए हैं।
  • IPL की शुरुआत से पहले विदेशी गैर कानूनी गेमिंग ऐप्स का फैला नेटवर्क
    पिछले वर्ष 1 अक्टूबर से प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को लागू किया गया था। इसके बाद Dream11 और MPL जैसी बहुत सी ऑनलाइन गेमिंग फर्मों को अपना बिजनेस समेटना पड़ा था। ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगने के बाद गैर कानूनी फैंटेसी और बेटिंग ऐप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। IPL पर सट्टा लगाने वालों को विदेश से ऑपरेट होने वाली गैर कानूनी फैंटेसी और बेटिंग ऐप्स के जरिए दांव लगाने का मौका मिल रहा है।
  • गेमिंग फर्म Winzo पर ED ने कसा शिकंजा, अटैच किए 470 करोड़ रुपये
    Winzo ने अपने ऐप पर वास्तविक प्लेयर्स और बॉट्स के बीच खेले गए मैचों से मिले 'रेक कमीशन' के तौर पर अपराध की रकम हासिल की थी। ED ने बताया, "BOTs के इस्तेमाल और फंड के विड्रॉल पर रोक लगाकर यूजर्स को अधिक मैच खेलने के लिए उकसाया जाता था।" इस तरीके से Winzo को पिछले कुछ वर्षों में अपराध से जुड़ी लगभग 3,522 करोड़ रुपये की रकम मिली थी
  • सरकार ने ब्लॉक की 242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स
    पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया था। इस बैन के खिलाफ कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने सरकार को कोर्ट में खींचा था। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया था कि अनरेगुलेटेड ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के आतंकवादियों को फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से लिंक हैं।
  • ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म WinZO पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, ED ने फाउंडर्स को किया गिरफ्तार
    प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के लागू होने के बाद ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन लग गया था। ED ने बताया था कि बैन लगाने के बावजूद WinZo के पास कस्टमर्स/गेमर्स से जुड़े 43 करोड़ रुपये पड़े हैं। WinZO Games के पास कथित तौर पर अपराध से मिली लगभग 505 करोड़ रुपये की रकम को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत फ्रीज किया गया है।
  • ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का आतंकवादियों को फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग से लिंक, सरकार ने दी सुप्रीम कोर्ट को जानकारी
    सरकार ने बताया है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की सेलेब्रिटीज और इंफ्लुएंसर्स के जरिए आक्रामक तरीके से मार्केटिंग की गई है। इससे ऑनलाइन गेमिंग की पहुंच और असर बढ़ा है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को लागू किया गया है। हाल ही में एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ( ED) ने कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लगभग 523 करोड़ रुपये को फ्रीज किया है।
  • ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर ED ने कसा शिकंजा, 520 करोड़ रुपये से ज्यादा हुए फ्रीज
    केंद्र सरकार की ओर से अगस्त में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाने के बावजूद WinZo के पास कस्टमर्स/गेमर्स से जुड़े 43 करोड़ रुपये पड़े हैं। ED ने बताया है कि WinZO Games के पास कथित तौर पर अपराध से मिली लगभग 505 करोड़ रुपये की रकम को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत फ्रीज किया गया है। WinZO के कस्टमर्स को एल्गोरिद्म्स के साथ खिलाया जाता था।
  • ऑनलाइन गेमिंग पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
    इस बैन के खिलाफ दायर एक याचिका में कहा गया था कि यह कानून स्किल की ऑनलाइन गेम्स खेलने के वैध बिजनेस को 'अपराध' बनाता है। इससे विभिन्न गेमिंग फर्मों को बंद करना होगा। इस याचिका में इस बैन को रमी और पोकर जैसी स्किल की गेम्स पर लागू करने को लेकर असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद Zupee ने की 30 प्रतिशत वर्कर्स की छंटनी
    इस सेगमेंट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Zupee ने अपने 30 प्रतिशत स्टाफ की छंटनी की है। Zupee ने बताया है कि वह अपने बिजनेस में बदलाव करेगी और उसकी योजना संस्कृति से जुड़ी गेम्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट को पेश करने की है। हालांकि, Zupee ने छंटनी के दायरे में आए वर्कर्स के लिए रिलीफ पैकेज भी देने की जानकारी दी है। इसमें वर्कर्स को नोटिस पीरियड के अलावा वित्तीय सहायता देना शामिल है।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के खिलाफ याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
    ये याचिकाएं दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। जस्टिस J B Pardiwala और K V Viswanathan की बेंच ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन लगाने वाले नए कानून के खिलाफ हाई कोर्ट्स में लंबित सभी याचिकाओं की सुनवाई केवल सुप्रीम कोर्ट की ओर से की जाएगी। इस बार में किसी याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई नहीं करेंगे।
  • ऑनलाइन गेमिंग ने कई लोगों को बर्बाद कियाः प्रधानमंत्री मोदी  
    ऑनलाइन मनी गेमिंग के कारण कर्ज और आत्महत्या के मामलों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट एक बड़ा फैसला है। उनका कहना था, "ऑनलाइन गेम्स से हमारे छात्रों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग इससे कर्ज में फंस रहे हैं और कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है।" उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम्स से जुड़ी वित्तीय मुश्किलों की वजह से कई परिवार तबाह हुए हैं।
  • टीम इंडिया की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए बिड नहीं दे सकेंगी क्रिप्टो, रियल मनी गेमिंग फर्में, BCCI ने दी जानकारी
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को बताया है कि टीम इंडिया के लीड स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए क्रिप्टो और रियल मनी गेमिंग से जुड़ी कंपनियों को बिड करने की अनुमति नहीं होगी।पिछले महीने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग जाएगी।
  • बैन के बाद ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनियों की सरकार के साथ हुई मीटिंग
    इस सेगमेंट से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों और अश्विनी के बीच हुई मीटिंग में नए गेमिंग रेगुलेशंस के दायरे से बाहर ऑनलाइन और सोशल गेम्स के साथ ही ईस्पोर्ट्स को बढ़ावा देना एक प्रमुख मुद्दा था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग जाएगी। इससे गेमिंग कंपनियों को अपना बिजनेस बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा या इन कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना होगा।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर सरकार के बैन को मिली पहली कानूनी चुनौती
    पिछले सप्ताह ऑनलाइन गेमिंग को चलाने और इनके विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा बिल संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। यह कानून इस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है। इस बैन को गेमिंग फर्म A23 ने अदालत में चुनौती दी है। इस सप्ताह की शुरुआत में देश के चुनिंदा गेम डिवेलपर्स और पब्लिशर्स ने एक एसोसिएशन बनाने की जानकारी दी थी।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद गेमिंग फर्मों ने बनाई एसोसिएशन
    इंडियन गेम पब्लिशर्स एंड डिवेलपर्स एसोसिएशन (IGPDA) में SuperGaming, Reliance Games, Dot9 Games, Nazara Technologies, Gametion, nCore Games और कुछ अन्य कंपनियां शामिल हैं। IGPDA ने महाराष्ट्र सरकार के साथ भी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप करने का प्रपोजल दिया है। इसके तहत, मुंबई में गेमिंग फर्मों और इनवेस्टर्स को लाने के लिए पॉलिसी की मांग की गई है।

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