• होम
  • गेमिंग
  • ख़बरें
  • ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर ED ने कसा शिकंजा, 520 करोड़ रुपये से ज्यादा हुए फ्रीज

ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर ED ने कसा शिकंजा, 520 करोड़ रुपये से ज्यादा हुए फ्रीज

ED ने दिल्ली, गुरूग्राम और बेंगलुरु में 18 से 22 नवंबर के बीच इन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की पेरेंट कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एक जांच के हिस्से के तौर पर छापे मारे थे

ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर ED ने कसा शिकंजा, 520 करोड़ रुपये से ज्यादा हुए फ्रीज

हाल ही में केंद्र सरकार ने ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन लगाया था

ख़ास बातें
  • ED ने दिल्ली, गुरूग्राम और बेंगलुरु में 18-22 नवंबर के बीच छापे मारे थे
  • ये प्लेटफॉर्म्स प्लेयर्स को रियल मनी गेमिंग सर्विसेज की पेशकश करते थे
  • ED ने इन कंपनियों पर गलत कारोबारी तरीके अपनाने का आरोप लगाया है
विज्ञापन

देश में हाल ही में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया था। एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ( ED) ने कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लगभग 523 करोड़ रुपये को फ्रीज किया है। इनमें WinZO और Gameskraft शामिल हैं। ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगने के बावजूद इन कंपनियों पर प्लेयर्स के करोड़ों रुपये का रिफंड नहीं देने का आरोप है। 

ED ने दिल्ली, गुरूग्राम और बेंगलुरु में 18 से 22 नवंबर के बीच इन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की पेरेंट कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एक जांच के हिस्से के तौर पर छापे मारे थे। ये प्लेटफॉर्म्स प्लेयर्स को रियल मनी गेमिंग सर्विसेज की पेशकश करते थे। ED ने WinZO पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और गलत तरीकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। ED ने बताया है कि WinZO के कस्टमर्स को एल्गोरिद्म्स के साथ खिलाया जाता था। इस गेमिंग प्लेटफॉर्म के कस्टमर्स को यह जानकारी नहीं होती थी कि वे रियल मनी गेम्स में लोगों के साथ नहीं, ब्लकि सॉफ्टवेयर के साथ खेल रहे हैं। ED की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि भारत से यह कंपनी अमेरिका, ब्राजील और जर्मनी जैसे देशों में रियल मनी गेम्स को ऑपरेट कर रही थी। 

केंद्र सरकार की ओर से अगस्त में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाने के बावजूद WinZo के पास कस्टमर्स/गेमर्स से जुड़े 43 करोड़ रुपये पड़े हैं। ED ने बताया है कि WinZO Games के पास कथित तौर पर अपराध से मिली लगभग 505 करोड़ रुपये की रकम को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत फ्रीज किया गया है। कंपनी ने इस रकम को बैंक एकाउंट्स में बॉन्ड्स, फिक्स्ड डिपॉजिट्स और म्यूचुअल फंड्स के तौर पर रखा था। 

इसके अलावा Pocket52.com के तहत ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विसेज देने वाली Gameskraft पर भी इसी तरह का आरोप है। ED ने बताया है कि प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के जरिए बैन लगाए जाने के बावजूद Gameskraft ने 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम का कस्टमर्स/गेमर्स को रिफंड नहीं दिया है। Gameskraft के खिलाफ जांच में आठ बैंक एकाउंट्स को फ्रीज किया गया है। इन एकाउंट्स में 18.57 करोड़ रुपये की रकम है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन से जुड़े कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Lyne Startup 35 दमदार पावर बैंक लॉन्च, 10000mAh बैटरी और 20000mAh बैटरी के साथ दमदार फीचर्स
  2. लैपटॉप-फोन के लिए आया Portronics का 8-in-1 हब, HDMI और SSD दोनों सपोर्ट के साथ, जानें कीमत
  3. AI टैलेंट रखने वालों को Reliance Jio का खुला निमंत्रण, बिना किसी झंझट के मिलेगी जॉब!
  4. दुनिया की 10000mAh बैटरी वाली टॉर्च, 2500 लुमेन तक फ्लैशलाइट के साथ भयंकर सर्दी में करेगी काम
  5. बिना इंटरनेट चलेगा AI! भारत के Sarvam AI ने लॉन्च किया Sarvam Edge, फोन-लैपटॉप पर ऑफलाइन करेगा काम
  6. Oppo K14x 5G vs Samsung Galaxy F70e 5G vs Realme P3 Lite 5G: देखें कौन सा फोन है बेस्ट
  7. Aadhaar PVC क्या है? जानें कैसे मिलेगा आपको, क्या हैं खासियतें
  8. Airbnb में इंसानों की जगह AI एजेंट करेंगे कस्टमर सर्विस, पीक सीजन में भी नहीं होगी दिक्कत
  9. इंसानों की जरूरत खत्म? 15 AI एजेंट्स से पूरी कंपनी चला रहा है यह फाउंडर
  10. India AI Impact Summit 2026: आज से शुरू, जानें कैसे लें हिस्सा, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »