• होम
  • गेमिंग
  • ख़बरें
  • बैन के बाद ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनियों की सरकार के साथ हुई मीटिंग

बैन के बाद ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनियों की सरकार के साथ हुई मीटिंग

ऑनलाइन मनी गेमिंग से जुड़ी कंपनियों ने सरकारी अधिकारियों को बताया है कि वे इस बिजनेस को बंद कर रही हैं और नए कानून के लिए कम्प्लायंस को सुनिश्चित किया जा रहा है

बैन के बाद ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनियों की सरकार के साथ हुई मीटिंग

देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग बिजनेस का वार्षिक रेवेन्यू 31,000 करोड़ रुपये से अधिक का है

ख़ास बातें
  • पिछले महीने ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था
  • इस बैन के बाद कुछ गेम डिवेलपर्स और पब्लिशर्स ने एक एसोशिशन बनाई है
  • सरकार को इस बिजनेस से लगभग 20,000 करोड़ रुपये का टैक्स मिलता है
विज्ञापन

देश में हाल ही में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया था। पिछले महीने के अंत में केंद्र सरकार की ओर से लाए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था। इस बैन के बाद इस सेगमेंट से जुड़ी कंपनियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, Ashwini Vaishnaw सहित सरकारी अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस सेगमेंट से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों और अश्विनी के बीच हुई मीटिंग में नए गेमिंग रेगुलेशंस के दायरे से बाहर ऑनलाइन और सोशल गेम्स के साथ ही ईस्पोर्ट्स को बढ़ावा देना एक प्रमुख मुद्दा था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग जाएगी। इससे गेमिंग कंपनियों को अपना बिजनेस बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा या इन कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना होगा। देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग बिजनेस का वार्षिक रेवेन्यू 31,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। इस बिजनेस से लगभग 20,000 करोड़ रुपये का टैक्स मिलता है। 

ऑनलाइन मनी गेमिंग से जुड़ी कंपनियों ने सरकारी अधिकारियों को बताया है कि वे इस बिजनेस को बंद कर रही हैं और नए कानून के लिए कम्प्लायंस को सुनिश्चित किया जा रहा है। हालांकि, इस सेगमेंट की सभी कंपनियां बैन का पालन करने को तैयार नहीं हैं। रमी और पोकर जैसी गेम्स की पेशकश करने वाली फर्म A23 ने कर्नाटक हाई कोर्ट में दाखिल एक याचिका में इस बैन को चुनौती दी है। इस याचिका में कहा गया है कि यह कानून स्किल की ऑनलाइन गेम्स खेलने के वैध बिजनेस को 'अपराध' बनाता है। इससे विभिन्न गेमिंग फर्मों को बंद करना होगा। इस याचिका में नए कानून को रमी और पोकर जैसी स्किल की गेम्स पर लागू करने को लेकर असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। 

इस बैन के बाद कुछ गेम डिवेलपर्स और पब्लिशर्स ने एक एसोशिशन भी बनाई है। इंडियन गेम पब्लिशर्स एंड डिवेलपर्स एसोसिएशन (IGPDA) में SuperGaming, Reliance Games, Dot9 Games, Nazara Technologies, Gametion, nCore Games और कुछ अन्य कंपनियां शामिल हैं। देश में गेमिंग सेगमेंट का बड़ा हिस्सा मोबाइल से जुड़ा है और 90 प्रतिशत से अधिक गेमर्स स्मार्टफोन्स या टैबलेट्स पर गेम्स को खेलते हैं। 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Best Selfie Camera Phone: 2 फ्रंट कैमरा के साथ ये हैं टॉप सेल्फी स्मार्टफोन! Vivo V23 Pro, Honor 200 Pro समेत पूरी लिस्ट
  2. ₹16 हजार सस्ता मिल रहा 50MP तीन कैमरा वाला Samsung 5G फोन! IP67 रेटिंग
  3. क्रिप्टो एक्सचेंज Bitget हुआ हैकिंग का शिकार, 35 करोड़ डॉलर से ज्यादा का नुकसान
  4. भारत में Tesla ने किया एक्सपैंशन, चेन्नई में खोला एक्सपीरिएंस सेंटर
  5. Oppo F35 सीरीज जल्द होगी भारत में लॉन्च, 10,000mAh तक हो सकती है बैटरी 
  6. Oppo K14 Plus 5G की प्राइस रेंज लॉन्च से पहले आई सामने, भारत में अगले हफ्ते होगा गजब फीचर्स के साथ पेश
  7. Flipkart Big Billion Days Sale: iPhone 17, Samsung Galaxy S25 पर डील्स आईं सामने, इतनी कम होगी कीमत
  8. Xiaomi 18 Pro जल्द होगा भारत में लॉन्च, सेकेंडरी रियर डिस्प्ले का फीचर
  9. Redmi 17C 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 3 कलर्स के ऑप्शन
  10. ₹68000 सस्ता मिल रहा Samsung का फोल्डेबल स्मार्टफोन, गजब ऑफर से हजारों की बचत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »