बिटकॉइन का प्राइस घटकर 90,000 डॉलर से कम हो गया। यह सात महीनों का इसका सबसे कम प्राइस है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कटौती की कम संभावना और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) की ओर से बिकवाली इस गिरावट के पीछे बड़े कारण हैं। Ethereum और XRP जैसी कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस भी काफी घटे हैं।
Ripple, USD Coin, Chainlink, Tron, Wrapped Bitcoin और Litecoin में तेजी थी। पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन 0.25 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.64 लाख करोड़ डॉलर पर था
स्पॉट क्रिप्टो ETF में इससे जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट प्राइस को ट्रैक किया जाएगा और इनवेस्टर्स को उस क्रिप्टोकरेंसी को खरीदे बिना उसमें रकम लगाने का अवसर मिलेगा
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में 5.92 प्रतिशत का नुकसान था। इसका प्राइस लगभग 2,227 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। पिछले एक दिन में Ether का प्राइस 139 डॉलर गिरा है
Tether वॉल्यूम के लिहाज से सबसे बड़ा स्टेबलकॉइन है और इसने कई क्रिप्टो निवेशकों का ध्यान खींचा है। स्टेबलकॉइन असल में काफी हद तक स्टेबल रहता है और इसे निवेश के लिए इसे अच्छा माना जाता है
फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी मास्टरकार्ड की ओर से हाल ही में 40 देशों में लगभग 35,000 लोगों के एक सर्वे में पता चला था कि इनमें से लगभग 45 प्रतिशत लोगों ने NFT खरीदे हैं या खरीदने पर विचार कर सकते हैं
क्रिप्टो से जुड़ी कम्युनिटी ने इस अतिरिक्त वित्तीय भार को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने हाल ही में कहा था कि क्रिप्टो से जुड़े कानून को लेकर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा
हाल के महीनों में क्रिप्टो सेगमेंट में फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं। इस वजह से भी बहुत से इनवेस्टर्स ऐसे एक्सचेंजों के साथ कारोबार करना चाहते हैं जिनके प्रोसेस मजबूत हैं
SHIB को एक अज्ञात क्रिएटर Ryoshi ने लगभग दो वर्ष पहले बनाया था। इसे Dogecoin को बर्बाद करने वाले टोकन के तौर पर पेश किया गया था। SHIB की ट्रेडिंग बढ़ाने की कोशिश का बड़ा कारण हाल के दिनों में इसके प्राइस में गिरावट है
बिटकॉइन की ग्लोबल ट्रेडिंग की कुल वॉल्यूम में रूस की हिस्सेदारी बहुत कम है। बिटकॉइन की प्रति दिन की एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 अरब से 40 अरब डॉलर के बीच रहती है
इसका मतलब है कि 2021 में NFT पर खर्च किया गया पैसा मोटे तौर पर वर्ल्ड बैंक द्वारा COVID-19 वैक्सीन को खरीदने और डिप्लॉय करने के लिए उपलब्ध कराई गई रकम के बराबर है।