दुबई में भी चलेगा भारत का ई-रूपी, क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit ने किया इंटीग्रेशन

दुबई के क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit ने बताया कि ई-रूपी के लिए सपोर्ट को लेकर उसे भारतीय मर्चेंट्स से निवेदन मिले थे

दुबई में भी चलेगा भारत का ई-रूपी, क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit ने किया इंटीग्रेशन

ByBit की P2P ट्रांजैक्शंस से मर्चेंट्स को रुपये में पेमेंट्स स्वीकार करने की सुविधा मिलेगी

ख़ास बातें
  • ByBit का दावा है कि वह दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज है
  • इस एक्सचेंज के यूजर्स की संख्या 3.7 करोड़ से अधिक की है
  • क्रिप्टो सेगमेंट पर टैक्स अधिक होने से ट्रेडिंग पर असर पड़ा है
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भारत के डिजिटल रुपये (ई-रूपी) को दुबई में भी स्वीकार किया जाएगा। दुबई के क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी ( CBDC) eRupee का अपनी पीयर-टु-पीयर (P2P) ट्रांजैक्शन सर्विस के लिए इंटीग्रेशन करने की घोषणा की है। ByBit ने बताया कि ई-रूपी के लिए सपोर्ट को लेकर उसे भारतीय मर्चेंट्स से निवेदन मिले थे। 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से जारी की गई इस डिजिटल करेंसी से रुपये में ट्रेड करने वाले मर्चेंट्स को डिजिटल ट्रांजैक्शंस की प्रोसेसिंग सुरक्षित होने का विश्वास है। ByBit की P2P ट्रांजैक्शंस से मर्चेंट्स को रुपये में पेमेंट्स स्वीकार करने की सुविधा मिलेगी। इससे उनके बैंक एकाउंट्स को सायबर अपराधियों के निशाना बनाने का जोखिम कम हो जाएगा। ByBit ने कहा, "हमारे INR यूजर्स के लिए डिजिटल रूपी में पेमेंट का विकल्प शुरू कर हम उत्साहित हैं। इससे प्रत्येक ट्रांजैक्शन में विश्वसनीयता बढ़ेगी। इससे बड़ी संख्या में मर्चेंट्स के इस प्लेटफॉर्म पर आने की उम्मीद है।" 

इस एक्सचेंज की शुरुआत 2018 में हुई थी। ByBit का दावा है कि वह ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज है। इसके यूजर्स की संख्या 3.7 करोड़ से अधिक की है। P2P पेमेंट्स में एक्सचेंज के वॉलेट में सेलर क्रिप्टोकरेंसी के तौर पर पेमेंट को जमा करता है। इसके बार सेलर एसेट का एक सेल प्राइस तय करता है। अगर बायर उस प्राइस को स्वीकार करता है तो एक्सचेंज पर डील हो जाती है। इसके बाद बायर सेलर के बैंक एकाउंट में सीधे पेमेंट भेजता है। इस प्रकार से P2P ट्रांजैक्शन पूरी हो जाती है। सेलर की ओर से एक्सचेंज को यह पुष्टि भी की जाती है कि उसे रकम प्राप्त हो गई है, जिसके बाद एक्सचेंज बायर को क्रिप्टोकरेंसी देता है। 

क्रिप्टो एक्सचेंज Giottus के को-फाउंडर, Arjun Vijay ने बताया कि 2018 में RBI ने सर्कुलर जारी कर क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बैंकों के साथ ट्रांजैक्शन करने को लेकर रोक लगाई थी। इसके बाद क्रिप्टो एक्सचेंजों ने इस P2P सिस्टम को शुरू किया था। देश में क्रिप्टो से जुड़ी सभी फर्मों के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) के पास रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ByBit ने यह रजिस्ट्रेशन कराया है या नहीं। पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। 
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