Samsung ने CES 2026 में AI पावर्ड स्मार्ट और पावरफुल हार्डवेयर वाले नए होम लिविंग प्रोडक्ट्स लाने की घोषणा कर दी है। कंपनी का कहना है कि वह Bespoke AI लिविंग में कई नए प्रोडक्ट्स पेश करेगी जो यूजर की रोजमर्रा की जिंदगी को पहले से तेज और आसान बना देंगे। इनमें Bespoke AI AirDresser, Bespoke AI Laundry Combo, Bespoke AI WindFree Pro Air Conditioner और Bespoke AI Jet Bot Steam Ultra वैक्यूम क्लीनर जैसे प्रोडक्ट्स शामिल होंगे।
अगर आप ये सोच रहे थे कि Two Factor Authentication ऑन करके और स्पैम कॉल्स को ब्लॉक करके आप डिजिटल दुनिया में सेफ हैं, तो आपको एक बार फिर सोचना चाहिए। एक रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है कि एक Telegram बॉट, मात्र 99 रुपये में लोगों का पर्सनल डेटा बेच रहा है, वो भी आधार नंबर, पता, पिता का नाम, वोटर ID और PAN जैसी सेंसिटिव जानकारी।
आजकल हमारा ज्यादातर पर्सनल और प्रोफेशनल डेटा फोन में ही होता है, जिनमें बैंकिंग ऐप, पर्सनल चैट्स, डॉक्युमेंट्स और यहां तक कि बायोमेट्रिक डिटेल्स भी शामिल है। ऐसे में अगर आपके फोन में कोई स्पायवेयर चुपचाप बैठा है, तो आपकी प्राइवेसी पूरी तरह खतरे में हो सकती है। चिंता की बात ये है कि ऐसे स्पायवेयर अक्सर बिना किसी नोटिफिकेशन या अलर्ट के फोन में घुस जाते हैं और लंबे समय तक एक्टिव रहते हैं।
अपने रेडिट पोस्ट में एक यूजर ने अपने एक अनूठे एक्सपीरिएंस को शेयर किया। यूजर ने बताया कि उसने एक ऐसा AI बॉट डेवलप किया, जिसने उसके लिए खुद से नौकरी के लिए आवेदन दिए। बॉट ने वैकेंसी की जांच की और उसके हिसाब से खुद शख्स के लिए CV और कवर लेटर तैयार किया। भर्तीकर्ता द्वारा पूछे गए कुछ शुरुआती प्रश्नों के उत्तर भी दिए और एप्लिकेशन को खुद से सबमिट भी किया।
गुस्साए कस्टमर्स से निपटने के लिए अब AI का सहारा लिया जा रहा है। AI रोबोट के माध्यम से गुस्साए कस्टमर की नकल करके अब कस्टमर सर्विस प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी जा ही है कि वो ऐसे कस्टमर्स को कैसे शांत करें। वैज्ञानिकों ने एक चार-मुंह वाला रोबोट तैयार किया है जो गुस्सा कर सकता है, गाली दे सकता है और किसी भी तरीके के एक्सप्रेशन के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है।
यह प्रोटोटाइप मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है, जिसके जरिए खुद के भविष्य वाले वर्जन की कल्पना करके वर्तमान व्यवहार और फैसलों को प्रभावित किया जा सकता है।
मैलवेयर या बॉट एक तरह के सॉफ्टवेयर या मोबाइल ऐप्लिकेशन होते हैं, जिन्हें किसी कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस पर इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर या इनके यूजर्स को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया जाता है।
हाल ही में मैसेजिंग सर्विस WhatsApp के करोड़ों यूजर्स के डेटा को हैकर्स ने चुरा लिया था। इनमें भारत अमेरिका, सऊदी अरब और मिस्र सहित 84 देशों के यूजर्स शामिल थे
MakeMyTrip का दावा है कि वह इन एनएफटी की सेल से होने वाली आय को देश में स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देने पर केंद्रित प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने के लिए में इस्तेमाल करेगी।
बहुत से रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट्स ने Tesla के Bot प्रोजेक्ट को लेकर आशंका जताई है। इसका बड़ा कारण Boston Dynamics जैसी रोबोटिक्स सेगमेंट की बड़ी कंपनियों का अपनी टेक्नोलॉजी को कमर्शियल तौर पर सफल करने में नाकाम होना है
एलन मस्क लंबे अर्से से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग पर काम करने वाले रोबोट को इंसानियत के लिए खतरा बताते आए हैं, लेकिन Musk का कहना है कि टेस्ला का यह रोबोट फ्रेंडली होगा और इंसानों के ऊपर हावी नहीं होगा।
असुरक्षित सर्वर पर स्टोर डेटा में यूज़र्स के पूरे नाम, फोन नंबर, घर का पता, ई-मेल आई, टिकट बुकिंग डिटेल्स और यहां तक कि क्रेडिट व डेबिट कार्ड्स नंबर आदि शामिल थे। इस खामी की जानकारी सबसे पहले साइबर-सिक्योरिटी रीसर्चर टीम ने 10 अगस्त को दी।
Reliance Jio: India Mobile Congress (IMC) 2019 के पहले ही दिन रिलायंस जियो ने अपने जियो वीडियो कॉल असिस्टेंट से पर्दा उठा दिया था। जानें क्या है इसकी खासियत।