ऐसी सिर्फ तीन कैटेगरी की नौकरियां होंगी जो बचेगी, जहां इंसानी इमोशन, सोशल इंटेलिजेंस और नैतिक जिम्मेदारी की जरूरत होगी।
Photo Credit: Unsplash/ Shubham Dhage
कई देशों ने इस बदलाव को लेकर पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर मौजूदा नौकरियों का रूप बदल जाएगा, लेकिन सभी पूरी तरह खत्म नहीं होंगी।
AI के साथ मिलकर काम करने की स्किल यानी ‘ह्यूमन-AI कोलैबरेशन' सबसे जरूरी मानी जा रही है।
हां, राजनीति, कोचिंग और इमोशनल इंटेलिजेंस से जुड़ी नौकरियां जैसे कि थैरेपिस्ट या स्पिरिचुअल गाइड अभी भी बची रहेंगी।
रिट्रेनिंग, अपस्किलिंग और AI को अपनी जॉब में इंटिग्रेट करना ही इसका सबसे मजबूत जवाब है।
अभी नहीं पूरी तरह। भारत को पॉलिसी लेवल पर तेजी से रिट्रेनिंग और एजुकेशन मॉडल्स में बदलाव करने होंगे।
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