• होम
  • टेलीकॉम
  • ख़बरें
  • Vodafone को लगा झटका, दिल्ली हाई कोर्ट से नहीं मिली 1,050 करोड़ रुपये की पेनल्टी पर राहत

Vodafone को लगा झटका, दिल्ली हाई कोर्ट से नहीं मिली 1,050 करोड़ रुपये की पेनल्टी पर राहत

TRAI ने रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड को एक एग्रीमेंट के तहत इंटर-कनेक्टिविटी देने को लेकर कथित तौर पर मना करने के कारण वोडाफोन पर पेनल्टी लगाई थी

Vodafone को लगा झटका, दिल्ली हाई कोर्ट से नहीं मिली 1,050 करोड़ रुपये की पेनल्टी पर राहत

ये पेनल्टी वोडाफोन की दो कंपनियों पर लगाई गई थी

ख़ास बातें
  • कंपनी ने इस पेनल्टी को TDSAT में भी चुनौती दी है
  • हाई कोर्ट ने कहा कि TDSAT के पास इस तरह के मामलों में विशेषज्ञता है
  • यह पेनल्टी रिलायंस जियो को इंटरकनेक्टिविटी नहीं देने के कारण लगी थी
विज्ञापन
टेलीकॉम कंपनी Vodafone को 1,050 करोड़ रुपये की पेनल्टी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड को एक एग्रीमेंट के तहत इंटर-कनेक्टिविटी देने को लेकर कथित तौर पर मना करने के कारण वोडाफोन पर पेनल्टी लगाई थी। 

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि TRAI की इस सिफारिश को को हाई कोर्ट के अलावा टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्राइब्यूनल (TDSAT) में भी चुनौती दी गई है। कोर्ट का कहना था कि इस तरह के मामलों में फैसले के लिए ट्राइब्यूनल की विशेषज्ञता है। चीफ जस्टिस Satish Chandra Sharma और जस्टिस Subramonium Prasad की बेंच ने बताया कि TDSAT के पास TRAI एक्ट के तहत इस तरह के विवादों का निपटारा करने की शक्ति है। ये पेनल्टी वोडाफोन की दो कंपनियों पर लगाई गई थी। 

केंद्र सरकार ने एक ऑर्डर पारित कर लाइसेंस एग्रीमेंट और बेसिक टेलीफोन सर्विस के रेगुलेशंस और सेल्युलर मोबाइल टेलीफोन सर्विस रेगुलेशंस का उल्लंघन करने के कारण इन कंपनियों पर पेनल्टी लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि ट्राइब्यूनल के सरकार की ओर से पारित ऑर्डर को कानून के तहत उचित नहीं होने का निष्कर्ष देने के बाद TRAI की इससे पहले दी गई सिफारिश लागू नहीं होगी। 

Vodafone ने अगले तीन वर्षों में 11,000 वर्कर्स की छंटनी करने की योजना बनाई है। वोडाफोन का पिछले फाइनेंशियल ईयर में ग्रुप रेवेन्यू लगभग फ्लैट रहा है। इसने 45.7 अरब यूरो का रेवेन्यू हासिल किया। हालांकि, इसका नेट प्रॉफिट बढ़कर लगभग 11.8 अरब यूरो पर पहुंच गया। यह इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर में 2.2 अरब यूरो का था। प्रॉफिट में बढ़ोतरी का बड़ा कारण वोडाफोन का अपनी यूरोपियन टावर डिविजन Vantage Towers में हिस्सेदारी बेचना है। हाल ही में वोडाफोन की नई चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, Margherita Della Valle ने कहा, "हमारा प्रदर्शन ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। हम ऑर्गनाइजेशन में जटिलता समाप्त करेंगे जिससे प्रतिस्पर्धा की क्षमता को बढ़ाया जा सके।" कंपनी के पिछले CEO, Nick Read ने दिसंबर में इस्तीफा दिया था। उन्होंने कंपनी में चार वर्ष बिताए थे और इस दौरान वोडाफोन के शेयर प्राइस में भारी गिरावट हुई थी। Nick की अगुवाई में कंपनी की ब्रिटेन के कारोबार को प्रतिद्वंदी कंपनी Three UK के साथ मर्ज करने को लेकर बातचीत चल रही थी। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. BSNL का रेवेन्यू 10 प्रतिशत बढ़ा, एंटरप्राइज, मोबाइल सेगमेंट से मिली ग्रोथ
  2. Hero Motocorp ने लॉन्च किया इलेक्ट्रिक स्कूटर VIDA VX2 Plus 4.4kWh वेरिएंट, जानें प्राइस, रेंज
  3. Redmi Turbo 6 सीरीज में मिल सकती है 10,000mAh की पावरफुल बैटरी
  4. चीन का वो सीक्रेट प्रोजेक्ट, जिससे बढ़ सकती है अमेरिका की टेंशन, ऐसी मशीन जो बदल देगी चिप इंडस्ट्री!
  5. TRAI ने दिया फरमान, 1600 और 140 सीरीज के फोन नंबर्स को ब्लॉक नहीं कर सकते Truecaller जैसे ऐप्स
  6. OnePlus ने बढ़ा दी इन 2 टैबलेट्स की कीमत, अब खरीदने के लिए खर्चने होंगे ₹3 हजार ज्यादा
  7. Oppo Find X10 Pro Max में मिल सकते हैं ट्रिपल 200 मेगापिक्सल कैमरा 
  8. Samsung One UI 9: इन Galaxy फोन्स को मिलेगा Android 17 अपडेट, चेक करें पूरी लिस्ट
  9. Redmi Note 17 सीरीज में मिल सकती है 9,000mAh तक की बैटरी
  10. iQOO Z11 Lite हो रहा 24 जुलाई को लॉन्च, लुक और फीचर्स आए सामने, खासतौर पर हुआ स्टूडेंट्स के लिए डिजाइन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »