टेलीकॉम फ्रॉड से बचाने के लिए लॉन्च हुआ Sanchar Saathi ऐप

इससे यूजर्स को टेलीकॉम फ्रॉड से निपटने और मोबाइल पर अपनी इनफॉर्मेशन की सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए टूल्स उपलब्ध होंगे

टेलीकॉम फ्रॉड से बचाने के लिए लॉन्च हुआ Sanchar Saathi ऐप

इसके जरिए चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक भी किया जा सकेगा

ख़ास बातें
  • यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए उपलब्ध है
  • इसके जरिए चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक भी किया जा सकेगा
  • संचार साथी ऐप का उद्देश्य टेलीकॉम सिक्योरिटी को बढ़ाना है
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल के जरिए फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कुछ उपाय भी किए गए हैं। इसी कड़ी में टेलीकॉम सिक्योरिटी को बढ़ाने और फ्रॉड से बचाने के लिए 'Sanchar Saathi' ऐप लॉन्च किया गया है। इसके जरिए चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक भी किया जा सकेगा। 

कम्युनिकेशंस मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने बताया कि संचार साथी मोबाइल ऐप का उद्देश्य टेलीकॉम सिक्योरिटी को बढ़ाना और नागरिकों को सशक्त बनाना है। यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए उपलब्ध है। इससे यूजर्स को टेलीकॉम फ्रॉड से निपटने और मोबाइल पर अपनी इनफॉर्मेशन की सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए टूल्स उपलब्ध होंगे। 

इस ऐप के चक्षु फीचर के जरिए संदिग्ध या फ्रॉड कॉल्स और SMS की रिपोर्ट सीधे मोबाइल लॉग से दी जा सकेगी। इस ऐप पर यह भी पता लगाया जा सकेगा कि यूजर के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शंस जारी किए गए हैं। इसके जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक, ट्रेस और रिकवर किया जा सकेगा। संचार साथी ऐप पर हैंडसेट के असली होने की भी पुष्टि की जा सकती है। हाल ही में टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने 85 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शंस काट दिए थे। इनमें 78 लाख से अधिक ऐसे मोबाइल कनेक्शंस थे जो जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लिए गए थे। इसके अलावा छह लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शंस सायबरक्राइम से जुड़े थे। 

इससे पहले DoT ने टेलीकॉम सेक्टर में सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बेस्ड एक टूल को लागू किया था। इस टूल पर किए गए एनालिसिस के बाद ये मोबाइल कनेक्शंस काटे गए थे। मोबाइल कनेक्शंस जारी करने के लिए नो युअर कस्टमर (KYC) फ्रेमवर्क को भी DoT ने मजबूत किया है और टेलीकॉम कंपनियों के लिए इस बारे में नई गाइडलाइंस पेश की गई हैं। इन गाइडलाइंस के तहत, टेलीकॉम कंपनियों को सभी प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) का कड़ा वेरिफिकेशन करना होगा। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का मैसेज ट्रेसेबिलिटी कहा जाने वाला नया रूल भी लागू हो गया है। इस रूल से स्पैम मैसेज को घटाने में सहायता मिलेगी। नए सिस्टम में मैसेज भेजने वाले व्यक्ति से लेकर इसकी डिलीवरी तक को ट्रैक किया जा सकेगा। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Hyundai की Creta Electric की बढ़ी चार्जिंग स्पीड, 100Kw फास्ट चार्जिंग को करेगी सपोर्ट
  2. Samsung Galaxy A57 में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, 6.6 इंच डिस्प्ले
  3. Redmi Note 15 Pro सीरीज कल होगी भारत में लॉन्च, तीन कलर्स के मिलेंगे ऑप्शन
  4. IIT जाने की तैयारी मुफ्त में कराएगा Google Gemini AI, ऐसे शुरू करें JEE एग्जाम प्रेप
  5. Samsung Galaxy S26 सीरीज में मिल सकती है सैटेलाइट कनेक्टिविटी, US FCC पर हुई लिस्टिंग
  6. आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
  7. धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
  8. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
  9. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  10. 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »