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आपके पास दुर्लभ हरे धूमकेतु को पाषाण काल के बाद इस सप्ताह देखने का है मौका

इस धूमकेतु को C/2022 E3 कहा जा रहा है। यह पृथ्वी और मार्स के ऑर्बिट्स के बीच से गुजरते हुए एक धुंधले, पंखे के आकार के धब्बे के जैसा दिखेगा

आपके पास दुर्लभ हरे धूमकेतु को पाषाण काल के बाद इस सप्ताह देखने का है मौका

इसे शुक्रवार (10 फरवरी) और शनिवार (11 फरवरी) की शाम को देखा जा सकेगा

ख़ास बातें
  • इस धूमकेतु को C/2022 E3 कहा जा रहा है
  • यह एक धुंधले, पंखे के आकार के धब्बे के जैसा दिखेगा
  • इस हरे धूमकेतु की खोज पिछले वर्ष मार्च में हुई थी
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एक दुर्लभ हरा धूमकेतु पाषाण काल के बाद पहली बार धरती के निकट से गुजरने जा रहा है। यह इस सप्ताह मार्स के साथ से गुजरेगा और इसे साधारण दूरबीन के जरिए भी देखा जा सकेगा। इस धूमकेतु को C/2022 E3 कहा जा रहा है। यह पृथ्वी और मार्स के ऑर्बिट्स के बीच से गुजरते हुए एक धुंधले, पंखे के आकार के धब्बे के जैसा दिखेगा। 

EarthSky.org के अनुसार, इसे शुक्रवार (10 फरवरी) और शनिवार (11 फरवरी) की शाम को देखा जा सकेगा। यह पृथ्वी से इसे देखने का अंतिम मौका होगा क्योंकि इसके बाद यह लगभग 1,28,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दूर चला जाएगा और सूर्य के आसपास लगभग 50,000 वर्ष का चक्कर लगाएगा। इस प्रकार के धूमकेतु की दो पूंछ होती हैं। इनमें से एक धूल और दूसरी गैस से बनी होती है। इस हरे धूमकेतु की खोज पिछले वर्ष मार्च में अमेरिका में कैलिफोर्निया की Zwicky Transient Facility में एस्ट्रोनॉमर्स ने की थी। इसके मार्स के करीब से गुजरने पर उत्तरी गोलार्द्ध के लोगों को इसे देखने के लिए सूर्य के ढलने के बाद पश्चिम की ओर रहना चाहिए। इसे एक साधारण दूरबीन या इसके बहुत हल्का होने पर एक स्मॉल टेलीस्कोप से देखा जा सकेगा। 

लाइवसाइंस की रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर यह धूमकेतु नहीं दिखता है तो आपको स्काइवॉचिंग वेबसाइट या स्टारगेजिंग ऐप्स के जरिए इसकी लोकेशन पर फोकस करना चाहिए। अगर आप दक्षिणी गोलार्द्ध में रहते हैं और आपको इसकी लोकेशन नहीं मिलती, तो भी आप इसे  Virtual Telescope Project की लाइवस्ट्रीम से देख सकेंगे। यह 11 फरवरी को 6pm EST पर शुरू होगी।  

हाल ही में एस्ट्रोनॉमर्स की एक टीम ने पृथ्वी के आकार के एक एक्सोप्लैनेट को खोजा है। इसे K2-415b कहा जा रहा है और यह एक M डर्वार्फ स्टार के आसपास घूम रहा है। इसकी पृथ्वी से दूरी केवल 72 लाइट ईयर की है। Astronomical Journal में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान में Astrobiology Center के Teruyuki Hirano की अगुवाई में एस्ट्रोनॉमर्स की एक इंटरनेशनल टीम ने यह खोज की है। Hirano ने बताया है, " M डवार्फ के आसपास कुछ स्मॉल प्लैनेट्स चट्टानों वाले प्लैनेट्स और रहने लायक परिस्थितियों वाले किसी प्लैनेट की खोज के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह पृथ्वी के लगभग समान आकार वाला प्लैनेट है। यह आगे के निष्कर्षों के लिए एक दिलचस्प टारगेट होगा।" एस्ट्रोनॉमर्स ने इस ग्रह की खोज Kepler टेलीस्कोप से डेटा का विश्लेषण करने के दौरान की थी। 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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