• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • एलियंस का पता लगाने के लिए Nasa बना रही तैरने वाले रोबोट, इस मिशन पर भेजे जाएंगे

एलियंस का पता लगाने के लिए Nasa बना रही तैरने वाले रोबोट, इस मिशन पर भेजे जाएंगे

इस इनोवेटिव आइडिया के पीछे नासा की जेट प्रोपल्‍शन लेबोरेटरी के इंजीनियर एथन शालर का द‍िमाग है।

एलियंस का पता लगाने के लिए Nasa बना रही तैरने वाले रोबोट, इस मिशन पर भेजे जाएंगे

मिनी रोबोट दूसरे कॉन्‍सेप्‍ट की तुलना में बहुत छोटे होंगे। इनकी खूबी यह होगी कि एक ही प्रोब में कई रोबोट को पैक किया जा सकेगा।

ख़ास बातें
  • बर्फ के नीचे मौजूद संभावित जीवन का पता लगाएंगे रोबोट
  • बृहस्‍पति और शनि ग्रह के चंद्रमा पर भेजे जाएंगे रोबोट
  • साल 2024 तक इस मिशन को लॉन्‍च किया जा सकता है
विज्ञापन
एलियंस का वजूद है या नहीं, यह बहस वर्षों से कायम है। वैज्ञानिक भी अपनी खोजों में लगे हुए हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) 'सेलफोन के आकार के रोबोट' के झुंड का निर्माण कर रही है। माना जा रहा है कि ये रोबोट बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा और शनि के चंद्रमा एन्सेलेडस पर मोटी बर्फीली परत के नीचे पानी में एलियंस की मौजूदगी की तलाश करने में काबिल होंगे। कहा जाता है कि इन छोटे रोबोट्स को बर्फ पिघलाने में सक्षम एक प्रोब के अंदर फि‍ट किया जाएगा। प्रोब बर्फ को काटकर अपने लिए रास्‍ता बनाएगा। इसके बाद रोबोट्स को पानी में छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद रोबोट तैरकर वहां एलियंस लाइफ को टटोलेंगे। इस इनोवेटिव आइडिया के पीछे नासा की जेट प्रोपल्‍शन लेबोरेटरी के इंजीनियर एथन शालर का द‍िमाग है।

सेंसिंग विद इंडिपेंडेंट माइक्रो-स्विमर्स (SWIM) नाम के इस कॉन्‍सेप्‍ट को हाल ही में 600,000 डॉलर की फंडिंग मिली है। शालर और उनकी टीम को अगले दो साल में इस कॉन्‍सेप्‍ट का 3D-प्रिंटेड प्रोटोटाइप तैयार और टेस्‍ट करना है। 

रिपोर्ट के मुताबिक एथन शालर के मिनी रोबोट दूसरे कॉन्‍सेप्‍ट की तुलना में बहुत छोटे होंगे। इनकी खूबी यह होगी कि एक ही प्रोब में कई रोबोट को पैक किया जा सकेगा। अगर यह प्रोजेक्‍ट सफल होता है कि पृथ्‍वी से लाखों मील दूर हमारे साथी ग्रहों के उपग्रहों में जीवन की संभावना को तलाशा जा सकेगा और यह काम काफी तेजी से होगा। 

जिस रोबोट की कल्‍पना अभी की गई है, उनमें से हरेक लगभग 12 सेंटीमीटर लंबा होगा। हरेक रोबोट का अपना प्रोपल्‍शन सिस्‍टम, ऑनबोर्ड कंप्यूटर और अल्ट्रासाउंड कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम होंगे। इसके अलावा तापमान, एसिडिटी और प्रेशर नापने वाले सेंसर भी लगे होंगे। स्‍टडी के दूसरे फेज में बायोमार्कर को मॉनिटर करने के लिए केमिकल सेंसर भी जोड़े जाएंगे।

नासा का यूरोपा क्लिपर मिशन साल 2024 में लॉन्च करने की योजना है। बृहस्‍पति के इस उपग्रह की जांच के लिए वैज्ञानिक तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि तैरने वाले रोबोट कब तक लॉन्‍च किए जाएंगे। एक अनुमान यह भी है कि इसी मिशन के साथ इन रोबोट्स को भी लॉन्‍च किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मिशन से जुड़ीं कई और जानकारियां सामने आने की उम्‍मीद है। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. RAM की कमी ने बिगाड़ा खेल! 13 साल में सबसे नीचे स्मार्टफोन सेल्स, Samsung फिर बना नंबर-1 ब्रांड
  2. Moto G77 Power vs OnePlus Nord CE 6 Lite vs iQOO Z10R 5G: ₹25 हजार में कौन बेहतर?
  3. महंगे हो रहे स्मार्टफोन्स के बीच ₹6,000 सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy A56 5G, यहां मिलेगी डील
  4. Google Photos का स्टोरेज फुल हो गया? जरूरी फोटो डिलीट किए बिना ऐसे बनाएं जगह
  5. अब घर बैठे प्रिंट करें फोटो! Xiaomi का नया ब्लूटूथ प्रिंटर हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  6. BSNL का रेवेन्यू 10 प्रतिशत बढ़ा, एंटरप्राइज, मोबाइल सेगमेंट से मिली ग्रोथ
  7. Hero Motocorp ने लॉन्च किया इलेक्ट्रिक स्कूटर VIDA VX2 Plus 4.4kWh वेरिएंट, जानें प्राइस, रेंज
  8. Redmi Turbo 6 सीरीज में मिल सकती है 10,000mAh की पावरफुल बैटरी
  9. चीन का वो सीक्रेट प्रोजेक्ट, जिससे बढ़ सकती है अमेरिका की टेंशन, ऐसी मशीन जो बदल देगी चिप इंडस्ट्री!
  10. TRAI ने दिया फरमान, 1600 और 140 सीरीज के फोन नंबर्स को ब्लॉक नहीं कर सकते Truecaller जैसे ऐप्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »