• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Mangalyaan : इसरो ने बताया क्‍या हुआ मार्स ऑर्बिटर यान के साथ, मिशन के बारे में भी दी जानकारी

Mangalyaan : इसरो ने बताया क्‍या हुआ मार्स ऑर्बिटर यान के साथ, मिशन के बारे में भी दी जानकारी

मंगलयान को सिर्फ 6 महीने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन इसने 8 साल तक काम किया।

Mangalyaan : इसरो ने बताया क्‍या हुआ मार्स ऑर्बिटर यान के साथ, मिशन के बारे में भी दी जानकारी

मंगल मिशन का बजट हॉलीवुड फ‍िल्‍म ग्रैविटी (Gravity) से भी कम था। इस मिशन ने भारत के स्‍पेस प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था।

ख़ास बातें
  • कहा, मंगलयान मिशन का जीवन खत्‍म
  • मंगलयान को रिकवर नहीं किया जा सकता
  • बैटरी ड‍िस्‍चार्ज होने से टूटा संपर्क
विज्ञापन
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो (ISRO) ने सोमवार को कन्‍फर्म किया कि मार्स ऑर्बिटर यान (Mars Orbiter) का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया है। इसे रिकवर नहीं किया जा सकता और मंगलयान मिशन का जीवन खत्‍म हो गया है। पीटीआई के अनुसार, इससे पहले 27 सितंबर को इसरो ने मंगल ग्रह की कक्षा में मार्स ऑर्बिटर मिशन (MoM) के आठ साल पूरे होने के अवसर पर एक राष्ट्रीय बैठक आयोजित की थी। ध्‍यान रखने वाली बात यह है कि मंगलयान को सिर्फ 6 महीने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन इसने 8 साल तक काम किया। एक बयान में इसरो ने कहा कि यान से अब संपर्क बहाल नहीं किया जा सकता और यह अपना जीवनकाल पूरा कर चुका है। 

मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को लॉन्‍च किया गया था। 24 सितंबर 2014 को इसे मंगल ग्रह की कक्षा में सफलता के साथ स्थापित कर दिया गया था। इसरो ने कहा कि इन 8 साल में 5 वैज्ञानिक उपकरणों से लैस इस यान ने मंगल ग्रह की सतह की विशेषताओं, इसके आकृति विज्ञान, मंगल ग्रह के वातावरण और इसके बाह्यमंडल पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक समझ प्रदान की। 

इस मिशन में कुल 450 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जो ऐसे मिशनों के हिसाब से काफी कम थे। मंगल मिशन का बजट हॉलीवुड फ‍िल्‍म ग्रैविटी (Gravity) से भी कम था। इस मिशन ने भारत के स्‍पेस प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। भारत ने यह कामयाबी अपनी पहली कोशिश में ही हासिल कर ली थी और ऐसा करने वाला वह चौथा देश बन गया था। 

भारत से पहले यह उपलब्‍धि सोवियत यूनियन, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa), यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने हासिल की थी। मंगल ग्रह पर सफल मिशन पहुंचाने वाला भारत पहला एशियाई देश बन गया था। भारत से पहले कोशिश करने वाले चीन और जापान के मिशन सफल नहीं हो पाए थे, लेकिन भारत ने बेहद कम लागत में मंगल मिशन को सफल करके दिखाया। 

इसरो अपने मंगलयान की बैटरी लाइफ को बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हाल में आए कई ग्रहण के बाद ऐसा मुमकिन नहीं हो पाया। मंगलयान की बैटरी सिर्फ 1 घंटे 40 मिनट बैकअप के साथ डिजाइन की गई थी। देर तक ग्रहण लगने के कारण वह डिस्‍चार्ज हो गई।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ The resident bot. If you email me, a human will respond. और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. BSNL ने फिर से खोए लाखों ग्राहक, Jio दिसंबर में 39 लाख नए सब्सक्राइबर के साथ रहा टॉप पर
  2. OnePlus Ace 5S में होगी 7000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग! नया खुलासा
  3. Samsung Galaxy F16 5G भारत में 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
  4. Redmi Turbo 4 Pro सबसे बड़ी बैटरी और Snapdragon 8s Elite के साथ देगा अप्रैल में दस्तक!
  5. Airtel के बाद अब Jio ने मिलाया Starlink से हाथ, सैटेलाइट से मिलेगा सुपरफास्ट इंटरनेट
  6. Lenovo ने सस्ता टैबलेट Tab K9 किया लॉन्च, 4GB रैम, 5100mAh बैटरी, 8MP कैमरा से लैस
  7. स्पेस में फंसी NASA की एस्ट्रोनॉट Sunita Williams की इस दिन हो सकती है धरती पर वापसी....
  8. BSNL के घटे सब्सक्राइबर्स, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो को हुआ फायदा
  9. BSNL के घटे सब्सक्राइबर्स, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो को हुआ फायदा
  10. Oppo Reno 13 5G को नए ब्लू कलर के साथ 12GB रैम और 512GB स्टोरेज वेरिएंट में किया गया लॉन्च, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »