• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • भारत का पहला Mars Mission खत्‍म! 6 महीने के लिए डिजाइन मंगलयान ने 8 साल काम किया, अब ISRO से टूटा संपर्क

भारत का पहला Mars Mission खत्‍म! 6 महीने के लिए डिजाइन मंगलयान ने 8 साल काम किया, अब ISRO से टूटा संपर्क

Mars Mission : इस मिशन ने भारत के स्‍पेस प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। भारत ने यह कामयाबी अपनी पहली कोशिश में ही हासिल कर ली थी और ऐसा करने वाला वह चौथा देश बन गया था।

भारत का पहला Mars Mission खत्‍म! 6 महीने के लिए डिजाइन मंगलयान ने 8 साल काम किया, अब ISRO से टूटा संपर्क

इसरो अपने मंगलयान की बैटरी लाइफ को बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हाल में आए कई ग्रहण के बाद ऐसा मुमकिन नहीं हो पाया।

ख़ास बातें
  • मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को लॉन्‍च किया गया था
  • यान को सिर्फ 6 महीनों की क्षमता के साथ तैयार किया गया था
  • बैटरी खत्‍म होने की वजह से इसरो का संपर्क टूटा
विज्ञापन
भारत और हमारी अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला मंगलयान (Mars Mission) एक सुखद अंत की ओर बढ़ चुका है। मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करने के करीब 8 साल बाद मार्स ऑर्बिटर मिशन (MoM) की बैटरी और ईंधन खत्म होने की जानकारी मिल रही है। दिलचस्‍प बात यह है कि मंगलयान को सिर्फ 6 महीनों के लिए भेजा गया था, लेकिन इसने 8 साल तक काम किया। इसरो का मंगलयान से संपर्क टूट गया है और इसके बहाल होने की उम्‍मीद ना के बराबर है। हालांकि इस बारे में इसरो की तरफ से आधिकारिक बयान आना बाकी है। 

मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को लॉन्‍च किया गया था। इस मिशन में कुल 450 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जो ऐसे मिशनों के हिसाब से काफी कम थे। मंगल मिशन का बजट हॉलीवुड फ‍िल्‍म ग्रैविटी (Gravity) से भी कम था। इस मिशन ने भारत के स्‍पेस प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। भारत ने यह कामयाबी अपनी पहली कोशिश में ही हासिल कर ली थी और ऐसा करने वाला वह चौथा देश बन गया था। 

भारत से पहले यह उपलब्‍धि सोवियत यूनियन, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa), यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने हासिल की थी। मंगल ग्रह पर सफल मिशन पहुंचाने वाला भारत पहला एशियाई देश बन गया था। भारत से पहले कोशिश करने वाले चीन और जापान के मिशन सफल नहीं हो पाए थे, लेकिन भारत ने बेहद कम लागत में मंगल मिशन को सफल करके दिखाया। 

इसरो सूत्रों द्वारा मीडिया में दी गई जानकारी के अनुसार, इसरो अपने मंगलयान की बैटरी लाइफ को बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हाल में आए कई ग्रहण के बाद ऐसा मुमकिन नहीं हो पाया। मंगलयान की बैटरी सिर्फ 1 घंटे 40 मिनट बैकअप के साथ डिजाइन की गई थी। देर तक ग्रहण लगने के कारण वह डिस्‍चार्ज हो गई। हालांकि बड़ी कामयाबी यह है कि मार्स ऑर्बिटर यान को सिर्फ 6 महीनों की क्षमता के साथ तैयार किया गया था और इसने 8 साल तक काम किया। 

जब मार्स ऑर्बिटर यान ने अपने 6 महीनों का सफर पूरा किया, तब इसरो ने कहा था कि यह 6 महीने और काम करेगा, लेकिन मिशन 8 साल तक चलता रहा। इसने इसरो के लिए कई बेहतरीन जानकारियां जुटाईं। मंगल ग्रह से सूर्य के बारे में भी जानकारी जुटाई और उसके चंद्रमा फोबोस की तस्‍वीर दुनिया को दिखाई थी। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple के iPhone और iPad जल्द हो सकते हैं महंगे
  2. Pebble ने लॉन्च किया Qore View फिटनेस बैंड, 30 दिन बैटरी चलने का दावा
  3. OnePlus 16T में हो सकता है नया चिपसेट, 6.3 इंच डिस्प्ले
  4. 11,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Honor X80 Pro Max, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Infinix Note 60 Pro Pininfarina Edition जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  6. न कंप्रेसर होगा, न गैस! चुंबक से चलेंगे फ्रिज और AC, जानें क्या है मैग्नेटिक कूलिंग तकनीक
  7. Oppo Find N7 हो सकता है कंपनी का पहला वाइड फोल्डिंग स्मार्टफोन
  8. Tecno Camon Slim हुआ 50 मेगापिक्सल कैमरा, 5600mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें फीचर्स
  9. Coolpad Cool 80 हुआ लॉन्च: जानें 90Hz डिस्प्ले, 128GB स्टोरेज वाले बजट फोन की कीमत
  10. Xiaomi 18 Pro में प्राइवेसी प्रोटेक्शन फीचर के साथ मिल सकता है 2K डिस्प्ले
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »