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Science News - ख़बरें

  • 100 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड धरती से टकराने वाले हैं? जानें NASA का अलर्ट
    जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (JPL) की ओर से आज 4 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। ये एस्टरॉयड धरती के करीब आने वाले हैं। ये 100 फीट तक बड़े हैं। इस साइज का कोई एस्टरॉयड अगर पृथ्वी से टकरा जाता है तो भारी तबाही ला सकता है।
  • 2032 में चांद से टकराएगा एस्टरॉयड! पृथ्वी पर मचेगी तबाही?
    Asteroid 2024 YR4 को लेकर कहा गया है कि 22 दिसंबर 2032 को यह चंद्रमा से टकरा सकता है। शोधकर्ता कह रहे हैं कि इसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल सकता है। Tsinghua यूनिवर्सिटी के Yifan He द्वारा रिलीज किए गए एक पेपर में कहा गया है कि इस टक्कर से एक मध्यम आकार के थर्मोन्यूक्लियर विस्फोट के बराबर ऊर्जा निकलेगी।
  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
  • Asteroid Alert: बिजली सी स्पीड वाले 2 बड़े एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
    अंतरिक्ष एजेंसी NASA एस्टरॉयड्स लगातार ट्रैक करती है क्योंकि कई बार ये पृथ्वी के बहुत नजदीक से गुजरते हैं। नासा ने आज फिर से 2 बड़े एस्ट्रॉयड के पृथ्वी के करीब आने का अलर्ट जारी किया है। इनमें से एक एस्टरॉयड किसी घर के जितना बड़ा बताया गया है जबकि दूसरा एस्टरॉयड हवाई जहाज जितना बड़ा बताया गया है।
  • आसमान से आफत! 74 फीट बड़ा चट्टानी टुकड़ा आ रहा पृथ्वी के पास
    नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी ने कुछ ही घंटे में पृथ्वी के नजदीक आने वाले एक एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। इसका नाम 2026 BG2 एस्टरॉयड है। Asteroid 2026 BG2 के बारे में JPL ने बताया है कि यह 74 फीट बड़ा है। यानि कि करीबन 100 फीट का ये चट्टानी टुकड़ा अब धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
  • 3 चट्टानों की होगी पृथ्वी से टक्कर? एस्टरॉयड को लेकर नासा अलर्ट
    नासा ने आज 3 बड़े एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। ये चट्टानें आज धरती के करीब आने वाली हैं। पहले एस्टरॉयड का नाम एस्टरॉयड 2026 BT है जो कि 19 फीट चौड़ा है। इसके अलावा दो और एस्टरॉयड आज पृथ्वी की तरफ आ रहे हैं। दूसरे एस्टरॉयड का नाम एस्टरॉयड 2026 BH1 है जो कि 36 फीट बड़ा है। यह एक बस जितना बड़ा है। तीसरा एस्टरॉयड 2026 BL है। इसका साइज 12 फीट है।
  • झील में डूबी थी 5200 साल पुरानी नाव, जो मिला उसने सबको कर दिया हैरान!
    उत्तरी अमरीका में वैज्ञानिकों को पानी के नीचे प्राचीन लकड़ियों की नौकाएं मिली हैं। ये नौकाएं मेंडोटा झील की तलहटी में पड़ी थीं। 5200 साल पुरानी नाव डूबी मिली हैं। नाव इतनी पुरानी हैं जिसके आगे मिस्र के पिरामिड भी नए हैं। हैरान करने वाली बात यह थी कि इस नाव को ऐसी लकड़ी से बनाया गया था जो पानी को बहुत जल्दी सोखने लगती है। ऐसे में नाव कैसे तैरी होगी, इस बात ने वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
  • 2026 का पहला ISRO मिशन फेल! PSLV-C62 के साथ कहां, कब और कैसे हुई गड़बड़? यहां पढ़ें पूरी कहानी
    ISRO ने 12 जनवरी 2026 को साल का पहला स्पेस मिशन PSLV-C62 लॉन्च किया था, लेकिन यह मिशन सफल नहीं हो सका। लॉन्च के शुरुआती मिनटों में सब कुछ सामान्य रहा, हालांकि तीसरे स्टेज के अंत में रॉकेट में अस्थिरता आ गई। इसके चलते रॉकेट जरूरी ऑर्बिटल स्पीड और दिशा हासिल नहीं कर पाया और सैटेलाइट्स पृथ्वी की ओर लौट गए। PSLV-C62 में EOS-N1 समेत कई पेलोड्स शामिल थे। ISRO ने फेल्योर के कारणों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • मंगल ग्रह पर चीनी वैज्ञानिकों को यह क्या मिला! लाल ग्रह की गुफाओं में छुपे जीवन के राज
    मंगल ग्रह पर वैज्ञानिकों को पानी की मौजूदगी के नए सबूत मिले हैं। चीन से वैज्ञानिकों ने मंगल के हेबरस वेल्स क्षेत्र में नई गुफाओं के बारे में पता लगाया है जो एक अभूतपूर्व खोज है। यहां पर 8 गुफाएं खोजी गई हैं जिनके बनने का कारण पानी हो सकता है। Daily Galaxy की रिपोर्ट के अनुसार, ये नई संरचनाएं घुलनशील चट्टानों के रासायनिक विघटन के परिणामस्वरूप बनी हुई प्रतीत होती हैं।
  • पृथ्वी से टकराएंगी 5 चट्टानें? नासा ने दिया एस्टरॉयड अलर्ट
    नासा ने 5 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया है। आज यानी 4 जनवरी को 5 एस्‍टरॉयड हमारे ग्रह के लिए आफत बनकर आ रहे हैं। पहला एस्टरॉयड 2025 YN7 है जो 58 फीट बड़ा है। यह 25.30 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा। अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह दूरी तो लाखों किलोमीटर की है और बहुत ज्यादा है तो ऐसा नहीं है। सौरमंडल की विशालता के आगे यह दूरी बहुत ही कम कही जाती है।
  • शनि के चंद्रमा पर जीवन की बड़ी संभावना! इस खोज ने जगाई उम्मीद
    पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज की जब बात आती है तो वैज्ञानिक सबसे पहले शनि ग्रह के चंद्रमा एन्सिलाडस (Enceladus) का नाम लेते हैं। यह बर्फीला चंद्रमा जीवन को पनाह देने के लिए सबसे काबिल सौर स्थानों में माना जाता है। अब इसी कड़ी में एक और नई खोज हुई है जो इस थ्योरी को और भी पुख्ता करती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि Enceladus की सतह के नीचे मौजूद सागर में जटिल कार्बनिक अणु मौजूद हैं। 
  • ISRO बना ग्लोबल हीरो! 'बाहुबली' रॉकेट से स्पेस में पहुंचाई सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट, सेट किया रिकॉर्ड
    ISRO के हेवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3-M6 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरते हुए अमेरिका के BlueBird-6 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित किया है। यह अब तक किसी भारतीय लॉन्च व्हीकल द्वारा ले जाया गया सबसे भारी पेलोड है। यह मिशन आम स्मार्टफोन्स तक सीधे स्पेस से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य से जुड़ा है। करीब 15 मिनट की उड़ान के बाद सैटेलाइट 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने तय ऑर्बिट में पहुंचा। यह भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करता है।
  • आज NASA ऑफिस में रहेगी हलचल! धरती की तरफ आ रहे हैं 3 बड़े एस्टेरॉयड
    NASA ने 23 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले तीन एस्टेरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन एस्टेरॉयड्स में एयरप्लेन और बिल्डिंग के आकार के खगोलीय पिंड शामिल हैं, जो तय सुरक्षित दूरी से धरती के पास से गुजरेंगे। नासा की Jet Propulsion Laboratory के मुताबिक, ये एस्टेरॉयड 75 लाख किलोमीटर के दायरे में आने के कारण ट्रैक किए जा रहे हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी भी एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की आशंका नहीं है।
  • एस्टरॉयड अलर्ट! नासा ने बताया, 220 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड बढ़ रहे पृथ्वी की तरफ
    नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (JPL) की ओर से आज 4 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। ये एस्टरॉयड धरती के करीब आने वाले हैं। 2010 WR7 इनमें सबसे बड़ा एस्टरॉयड है जिसका साइज 220 फीट का है। नासा आमतौर पर उन एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी करती है जो पृथ्वी के करीब 75 लाख किलोमीटर के दायरे में प्रवेश करते हैं।

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