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Science News - ख़बरें

  • पृथ्वी से 5 गुना बड़े नए ग्रह पर मिलेगा जीवन? 48 प्रकाशवर्ष दूर नई दुनिया ने जगाई उम्मीद
    पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के हाथ एक बड़ी उपलब्धि लगी है। खगोलविदों ने एक बौने तारे के चारों तरफ घूमते हुए एक ग्रह को खोजा है जिस पर वायुमंडल हो सकता है।
  • ISRO के टॉप मिशनों को झटका? 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी, सरकार ने बदले नियम
    ISRO के महत्वपूर्ण मिशनों से वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे सामने आने के बाद Department of Space ने नई गाइडलाइन जारी की है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, Gaganyaan और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे या Voluntary Retirement अब पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, हाल के महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिक संगठन छोड़ चुके हैं। नए नियमों के तहत ऐसे सभी मामलों में अंतिम फैसला Department of Space करेगा, ताकि राष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजनाओं पर अचानक असर न पड़े।
  • दुनिया में पहली बार! न्यूक्लियर रिएक्टर की गर्मी से बनाई ग्रीन हाइड्रोजन, भारत ने रचा इतिहास
    भारत ने क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर रिएक्टर की गर्मी से ग्रीन हाइड्रोजन बनाने का सफल प्रदर्शन किया है। तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित IGCAR में विकसित इस तकनीक में BARC के Copper-Chlorine Thermochemical Process का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से बिना कार्बन एमिशन के ग्रीन हाइड्रोजन तैयार की जा सकती है। इस उपलब्धि के बाद न्यूक्लियर रिएक्टर सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन भी तैयार कर सकेंगे। इससे भारत के क्लीन एनर्जी मिशन और ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
  • समय पर नहीं बचाया, तो पृथ्वी पर गिर जाएगा NASA का 22 साल पुराना टेलीस्कोप, अब शुरू होगा रेस्क्यू मिशन
    NASA अपने 22 साल पुराने Swift Observatory को बचाने के लिए 30 जून को Swift Boost मिशन लॉन्च करने जा रहा है। Space.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सौर तूफानों की वजह से बढ़े वायुमंडलीय ड्रैग के कारण यह टेलीस्कोप धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर गिर रहा है। मिशन के तहत Katalyst Space का Link स्पेसक्राफ्ट Swift तक पहुंचेगा और उसे पकड़कर ऊंची कक्षा में ले जाने की कोशिश करेगा। अगर मिशन सफल रहता है तो Swift कम से कम पांच साल और वैज्ञानिक रिसर्च कर सकेगा। यह अंतरिक्ष इतिहास का पहला ऐसा मिशन होगा, जिसमें किसी पुराने स्पेस टेलीस्कोप को दोबारा ऊंची कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
  • न कंप्रेसर होगा, न गैस! चुंबक से चलेंगे फ्रिज और AC, जानें क्या है मैग्नेटिक कूलिंग तकनीक
    Magnetic Cooling या Magnetic Refrigeration एक उभरती हुई कूलिंग तकनीक है, जो Magnetocaloric Effect पर आधारित है। इसमें कुछ खास मैग्नेटिक मटेरियल चुंबकीय क्षेत्र मिलने पर गर्म और हटने पर ठंडे हो जाते हैं। इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल कूलिंग पैदा करने के लिए किया जाता है। पारंपरिक फ्रिज और AC की तरह इसमें रेफ्रिजरेंट गैस और बड़े कंप्रेसर की जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में ज्यादा एनर्जी-एफिशिएंट और पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। हालांकि फिलहाल इसकी लागत और तकनीकी चुनौतियों के कारण इसका इस्तेमाल सीमित स्तर पर ही हो रहा है।
  • 3.2 करोड़ मच्छरों की फौज तैयार कर रहा Google, खुले में छोड़ने के लिए मांगी मंजूरी
    Google अमेरिका में एक अनोखे प्रयोग की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया में अगले दो वर्षों के दौरान 3.2 करोड़ लैब में तैयार किए गए नर मच्छरों को छोड़ने की अनुमति मांगी है। यह प्रोजेक्ट Debug पहल का हिस्सा है, जिस पर Google 2014 से काम कर रहा है। योजना के तहत मच्छरों को Wolbachia pipientis नाम के बैक्टीरिया से संक्रमित किया जाएगा, जिससे उनके प्रजनन पर असर पड़ सकता है। कंपनी का मानना है कि इससे समय के साथ मच्छरों की आबादी कम करने और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
  • 6 मिनट 23 सेकंड तक गायब रहेगा सूरज, NASA ने बताया कहां दिखेगा सबसे सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण
    2 अगस्त 2027 को होने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण माना जा रहा है। NASA के अनुसार इस दौरान चांद करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक सूरज को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन जाएगा। यह सूर्यग्रहण स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रमा के पृथ्वी के बेहद करीब होने की वजह से यह ग्रहण सामान्य से ज्यादा लंबा रहेगा।
  • अंतरिक्ष से एकसाथ आ रहे 100 फीट तक बड़े 5 एस्टरॉयड, नासा ने दी चेतावनी
    NASA ने 5 एस्टरॉयड के धरती के पास होकर गुजरने की चेतावनी जारी की है। किसी एस्टरॉयड के लिए अलर्ट तब जारी किया जाता है जब वह पृथ्वी के बहुत अधिक करीब से होकर गुजरने वाला हो। आज पृथ्वी की ओर आने वाले एस्टरॉयड्स में से एक एस्टरॉयड तो इतनी पास से गुजरने वाला है, जितना कि चंद्रमा हमारी धरती के करीब है।
  • 4 चट्टानें आज धरती से टकराने वाली हैं? NASA ने दिया एस्टरॉयड अलर्ट
    NASA की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (JPL) की ओर से आज 4 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। ये एस्टरॉयड धरती के करीब आने वाले हैं। ये 150 फीट तक बड़े हैं। इस साइज का कोई एस्टरॉयड अगर पृथ्वी से टकरा जाता है तो भारी तबाही ला सकता है।
  • 5 एस्टरॉयड का पृथ्वी पर हमला, नासा की बड़े खतरे की घंटी!
    आज एक बार फिर से एस्टरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले हैं। ये खगोलीय पिंड लगातार अंतरिक्ष में परिक्रमा करते रहते हैं और ग्रहों के करीब से होकर गुजरते हैं। किसी एस्टरॉयड के लिए अलर्ट तब जारी किया जाता है जब वह पृथ्वी के बहुत अधिक करीब से होकर गुजरने वाला हो। NASA ने 5 एस्टरॉयड के धरती के पास होकर गुजरने की चेतावनी जारी की है।
  • अंतरिक्ष से धरती का ऐसा नजारा पहले नहीं देखा होगा! NASA ने जारी कीं Artemis 2 मिशन की 12 हजार तस्वीरें
    NASA ने Artemis 2 मिशन की 12 हजार से ज्यादा तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों को मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने Orion स्पेस कैप्सूल से कैप्चर किया था। फोटोज में अंतरिक्ष से दिखाई देने वाली धरती, चांद की सतह और उसके पीछे वाले हिस्से के शानदार दृश्य शामिल हैं। खास बात यह है कि ये पिछले 50 सालों में धरती की निचली कक्षा से बाहर गए इंसानों द्वारा ली गई पहली तस्वीरें हैं। Artemis 2 मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च हुआ था और इसमें NASA व Canadian Space Agency के चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे। अब NASA ने इन तस्वीरों को ऑनलाइन सार्वजनिक कर दिया है।
  • सैटेलाइट से धरती के नक्शे पर दिखेगा आपका नाम! नासा की अनोखी पहल
    अगर आप अपना नाम दुनिया के नक्शे पर देखना चाहते हैं और सबको दिखाना चाहते हैं तो NASA ने यह मौका आपको दिया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी एक ऐसा टूल लेकर आई है जो पूरी धरती से विभिन्न आकारों को इकट्ठा कर आपका नाम बनाता है।
  • लॉन्च सही, लेकिन सैटेलाइट पहुंचा कहीं और! जानें क्या हुआ Blue Origin के मिशन में
    Blue Origin के New Glenn रॉकेट की हालिया लॉन्चिंग फेल हो गई, जिससे सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के मुताबिक, अपर स्टेज के एक इंजन ने पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दिया, जिसके चलते मिशन प्रभावित हुआ। यह लॉन्च फ्लोरिडा से किया गया था और फर्स्ट स्टेज बूस्टर सफलतापूर्वक लैंड भी कर गया था। घटना के बाद रॉकेट की आगे की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है और जांच जारी है। यह सैटेलाइट AST SpaceMobile के नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला था, जो डायरेक्ट सैटेलाइट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है।
  • Asteroid Alert: 54 फीट तक बड़े 2 एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
    NASA के मुताबिक, दो बड़े एस्टरॉयड आज पृथ्वी से महज कुछ लाख किलोमीटर की दूरी से होकर गुजरने वाले हैं। इनमें से एक एस्टरॉयड को 2026 HJ नाम दिया गया है। इसका साइज 10 फीट बताया गया है। अगर कोई बड़ा एस्टरॉयड धरती से टकरा जाता है तो यह पृथ्वी को तबाह भी कर सकता है।
  • Pluto को फिर मिलेगा ग्रह का दर्जा? 10 साल की बच्ची की अपील ने मचाई हलचल
    एक 10 साल की बच्ची द्वारा NASA को लिखा गया खत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने Pluto को फिर से ग्रह बनाने की अपील की है। बच्ची ने अपने लेटर में Pluto से जुड़े कई फैक्ट्स भी बताए और इसे दोबारा Planet बनाने की मांग की। इस पर NASA के एडमिन Jared Isaacman ने जवाब देते हुए कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं। इस घटना के बाद Pluto को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।

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