पिछले कुछ महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटर्स की ओर से डिमांड तेजी से बढ़ने के कारण मेमोरी पार्ट्स की शॉर्टेज हो रही है
AI से जुड़े डेटा सेंटर्स की ओर से डिमांड बढ़ने के कारण मेमोरी पार्ट्स की शॉर्टेज हो रही है
बड़ी डिवाइसेज कंपनियों में शामिल Apple के iPhone और अन्य प्रोडक्ट्स के प्राइसेज को जल्द बढ़ाया जा सकता है। इसके पीछे मेमोरी कंपोनेंट्स की कॉस्ट में बढ़ोतरी एक बड़ा कारण है। पिछले कुछ महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटर्स की ओर से डिमांड बढ़ने के कारण मेमोरी पार्ट्स की शॉर्टेज हो रही है।
हाल ही में एपल के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, Tim Cook ने बतयाा था कि मेमोरी और स्टोरेज पार्ट्स की कॉस्ट बढ़ने की वजह से कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स के प्राइसेज बढ़ाने पड़ सकते हैं। Bloomberg के पत्रकार Mark Gurman ने भी एपल के प्रोडक्ट्स जल्द महंगे होने का पूर्वानुमान दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में Mark ने कहा कि एपल की योजना प्राइसेज बढ़ाने के लिए iPhone 18 सीरीज के लॉन्च तक इंतजार करने की नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से कंपनी ने कस्टमर्स को प्रोडक्ट्स के जल्द महंगा होने का संकेत दिया है।
हाल ही में Wall Street Journal ने एक रिपोर्ट में कुक के हवाले से बताया था कि कंपोनेंट्स की बढ़ती कॉस्ट का भार कस्टमर्स पर नहीं डालने की कोशिश की जा रही है लेकिन प्रोडक्ट्स के प्राइसेज में जल्द बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। कुक ने कहा था, "प्राइसेज में बढ़ोतरी को टाला नहीं जा सकता। कंपनी पर कॉस्ट का बड़ा भार है और हम कस्टमर्स को इससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन स्थिति बहुत मुश्किल हो गई है।" उन्होंने बताया था कि DRAM और स्टोरेज कंपोनेंट्स के प्राइसेज में काफी बढ़ोतरी हुई है।
पिछले कुछ महीनों में इन कंपोनेंट्स के मैन्युफैक्चरर्स ने AI सर्वर्स में इस्तेमाल होने वाले हाई-बैंडविद्थ मेमोरी (HBM) कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग को कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स की तुलना में प्रायरिटी दी है। इस वजह से सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है और इन कंपोनेंट्स के प्राइसेज में बढ़ोतरी हुई है। कुक ने कहा था कि एपल ने मेमोरी चिप की सप्लाई बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने बताया था कि एपल की मेमोरी चिप्स की मैन्युफैक्चरिंग करने की कोई योजना नहीं है। मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में इंटरनेशनल लेवल पर स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग में 1.7 प्रतिशत की कमी हुई है। पहली तिमाही में स्मार्टफोन्स की लगभग 28.4 करोड़ यूनिट्स की मैन्युफैक्चरिंग की गई है। मेमोरी पार्ट्स के महंगे होने का स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग पर भी असर पड़ा है।
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