• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • देश में एलन मस्क की स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस शुरू होने से पहले जारी हुए सिक्योरिटी रूल

देश में एलन मस्क की स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस शुरू होने से पहले जारी हुए सिक्योरिटी रूल

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए स्टारलिंक को रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है। स्टारलिंक को स्पेक्ट्रम की प्राइसिंग पर रूल्स का इंतजार है

देश में एलन मस्क की स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस शुरू होने से पहले जारी हुए सिक्योरिटी रूल

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए स्टारलिंक को रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है

ख़ास बातें
  • दुनिया में इंटरनेट का भारत एक बड़ा मार्केट है
  • स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस कई देशों में मौजूद है
  • एलन मस्क की EV कंपनी टेस्ला भी जल्द भारत में बिजनेस शुरू कर सकती है
विज्ञापन
देश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए सिक्योरिटी से जुड़े रूल्स को टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने जारी कर दिया है। इन रूल्स के तहत, देश के बॉर्डर से बाहर मौजूद किसी टर्मिनल से यूजर्स के कनेक्शन को लिंक करने पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियां अपने डेटा की विदेश में प्रोसेसिंग भी नहीं कर सकेंगी। 

इन रूल्स में यह सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के लिए देश में बिजनेस शुरू करने के कुछ वर्षों के अंदर सैटेलाइट नेटवर्क के ग्राउंड सेगमेंट के लिए देश में बने कम से कम 20 प्रतिशत पार्ट्स का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है। यह सर्विस शुरू करने की दौड़ में बिलिनेयर Elon Musk की Starlink, Bharti Group के इनवेस्टमेंट वाली OneWeb और Jio Satellite Communications शामिल हैं। 

DoT की ओर से जारी किए गए रूल्स में कहा गया है कि सैटलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए लाइसेंस रखने वाली कंपनी को देश में विशेष गेटवे और हब लोकेशंस के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेनी होगी। हाल ही में स्टारलिंक ने देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों Reliance Jio और Bharti Airtel के साथ टाई-अप किया था। टेलीकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था, "देश में ऐसे कई दूरदराज के क्षेत्र हैं जहां फाइबर या मोबाइल कनेक्टिविटी को नहीं पहुंचाया जा सकता। आपके पास अगर सैटेलाइट इंटरनेट नहीं होगा तो आप 100 प्रतिशत कवरेज तक कैसे पहुंचेंगे?" इसके साथ ही उनका कहना था कि अगर प्राकृतिक आपदाओं से टावर्स और फाइबर नेटवर्क को नुकसान होता है तो सैटेलाइट कनेक्टिविटी ही एकमात्र तरीका है। 

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए स्टारलिंक को रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है। स्टारलिंक को स्पेक्ट्रम की प्राइसिंग पर रूल्स का इंतजार है। हालांकि, इस कंपनी के लिए रुकावटें हट रही हैं। हाल ही में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार Muhammad Yunus ने मस्क को स्टारलिंक की सर्विस शुरू करने का निमंत्रण दिया था। दुनिया में इंटरनेट का भारत दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है। देश में मोबाइल इंटरनेट के लिए प्रति गीगाबाइट चार्ज अन्य देशों की तुलना में काफी सस्ता है। सिंधिया ने बताया था कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनियां ही इसके लिए प्राइसिंग को तय करेंगी। DoT की ओर से इस सर्विस के लिए किसी विदेशी कंपनी को लाइसेंस नहीं दिया है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹5 की शुरुआती टिकट के साथ भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा से शुरू
  2. 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी के साथ Tecno Camon 50 Ultra 5G लॉन्च, जानें सबकुछ
  3. एल्युमिनियम फॉयल बना देगा घर के वाई-फाई का दमदार, जहां चाहेंगे वहां मिलेगा तेज नेटवर्क
  4. भारत में AI बना पहली पसंद, 60% यूजर्स AI चैटबॉट पर सर्च से करते हैं दिन की शुरुआत
  5. Realme बंद कर रहा दुनिया के सबसे बड़े आबादी वाले देश में अपना काम, जानें क्यों
  6. ₹2450 सस्ता मिल रहा 6000mAh बैटरी वाला Motorola स्मार्टफोन
  7. Lenovo Legion R9000P हुआ लॉन्च, IJP OLED डिस्प्ले वाला दुनिया पहला गेमिंग लैपटॉप, जानें क्या है इसमें खास
  8. Motorola Edge 70 Max vs Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R: ₹60 हजार में कौन सा है बेस्ट
  9. Kia ने पेश की Syros EV, जानें रेंज, फीचर्स
  10. Apple Back to School Sale: भारत में स्टूडेंट्स, टीचर्स के लिए Apple की खास सेल, iPad, MacBook मॉडल्स पर भारी छूट!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »