TCS को लगा झटका, ट्रेड सीक्रेट से जुड़े मामले में देना होगा 19 करोड़ डॉलर से ज्यादा का हर्जाना

यह मामला छह वर्ष पहले कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन (CSC) ने दायर किया था, जिसका बाद में DXC Technology के साथ मर्जर हो गया था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 23 नवंबर 2025 20:11 IST
ख़ास बातें
  • TCS को अमेरिका में एक मामले में 19.4 करोड़ डॉलर का हर्जाना देना होगा
  • यह मामला ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है
  • TCS ने बताया है कि वह इस फैसले को लेकर अपने विकल्पों पर विचार कर रही है

अमेरिका में कंपनी को ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल के लिए दोषी पाया था

देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर मेकर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को अमेरिका में एक मामले में लगभग 19.4 करोड़ डॉलर का हर्जाना देना होगा। यह मामला ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स ने कंपनी के खिलाफ यह फैसला दिया है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वर्ष अमेरिका के एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने TCS को ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल के लिए दोषी पाया था। इसके लिए कंपनी को 19.4 करोड़ डॉलर का हर्जाना चुकाने का ऑर्डर दिया गया था। TCS ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है, "हम यह सूचना देना चाहते हैं कि यूनाइडेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स ने इस मामले में एक प्रतिकूल फैसला दिया है और हर्जाने पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश की पुष्टि की है।" 

यह मामला छह वर्ष पहले कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन (CSC) ने दायर किया था, जिसका बाद में DXC Technology के साथ मर्जर हो गया था। CSC ने आरोप लगाया था कि TCS ने उसके सॉफ्टवेयर का लाइसेंस Transamerica की एक सब्सिडियरी को दिए जाने के बाद उसका गलत इस्तेमाल किया है। इस मामले में कहा गया था कि दो अरब डॉलर की डील के हिस्से के तौर पर TCS में गए Transamerica के वर्कर्स को मिले सॉफ्टवेयर एक्सेस का कंपनी ने गलत इस्तेमाल किया था। इससे TCS को CSC के कॉम्पिटिशन में एक इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म बनाने में मदद मिली थी। 

TCS ने बताया है कि वह इस फैसले को लेकर विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। इनमें उपयुक्त कोर्ट के सामने रिव्यू और अपील का निवेदन शामिल है। कंपनी का कहना है कि वह अपने पक्ष को मजबूत तरीके से रखना चाहती है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में TCS का नेट प्रॉफिट 5.4 प्रतिशत घटा है। इसका कारण असाधारण रिस्ट्रक्चरिंग खर्च है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट घटकर लगभग 12,075 करोड़ रुपये रहा है। इससे पिछली तिमाही में यह 12,760 करोड़ रुपये था। दूसरी तिमाही में कंपनी ने लगभग 1,135 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च किया है। यह खर्च रिस्ट्रक्चरिंग से जुड़ा है। पिछली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 3.7 प्रतिशत बढ़कर 65,799 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दूसरी तिमाही में TCS की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 10 अरब डॉलर की है। 
 

 

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