TCS में वर्क फ्रॉम होम वाले वर्कर्स को नहीं मिलेगी वेरिएबल पे!

कंपनी के तिमाही नतीजे की घोषणा के बाद इस पॉलिसी को लागू किया गया है। इसमें वर्कर्स की वेरिएबल पे को तय करने के लिए चार अटेंडेंस स्लैब बनाए गए हैं

TCS में वर्क फ्रॉम होम वाले वर्कर्स को नहीं मिलेगी वेरिएबल पे!

एक तिमाही में 60 प्रतिशत से कम ऑफिस आने वालों को कोई वेरिएबल पे नहीं मिलेगी

ख़ास बातें
  • कंपनी के तिमाही नतीजे की घोषणा के बाद इस पॉलिसी को लागू किया गया है
  • इसमें वर्कर्स की वेरिएबल पे को तय करने के लिए चार अटेंडेंस स्लैब हैं
  • कंपनी ने वर्कर्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी है
विज्ञापन
बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वेरिएबल पे से जुड़ी पॉलिसी को अपडेट कर इसमें ऑफिस से वर्क को महत्वपूर्ण बनाया है। कंपनी के तिमाही नतीजे की घोषणा के बाद इस पॉलिसी को लागू किया गया है। इसमें वर्कर्स की वेरिएबल पे को तय करने के लिए चार अटेंडेंस स्लैब बनाए गए हैं। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि नई पॉलिसी के तहत, एक तिमाही में 60 प्रतिशत से कम ऑफिस आने वालों को उस तिमाही के लिए कोई वेरिएबल पे नहीं मिलेगी। TCS के ऑफिस में 60-75 प्रतिशत अटेंडेंस वाले वर्कर्स को वेरिएबल पे का 50 प्रतिशत, और 75-85 प्रतिशत अटेंडेंस वालों को 75 प्रतिशत मिलेगा। ऑफिस में 85 प्रतिशत से अधिक अटेंडेंस वाले वर्कर्स को ही उस तिमाही के लिए पूरी वेरिएबल पे दी जाएगी। इस पॉलिसी में चेतावनी दी गई है ऑफिस से वर्क के 85 प्रतिशत के नियम का लगातार उल्लंघन करने वाले वर्कर्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजे की घोषणा के बाद वर्कर्स को भेजी एक ईमेल में TCS के CEO, K Krithivasan ने ऑफिस लौटने को महत्वपूर्ण बताया था। हाल ही में TCS पर अमेरिका में कुछ वर्कर्स ने एंप्लॉयमेंट में भेदभाव का आरोप लगाया था। इन वर्कर्स का कहना था कि कंपनी ने उन्हें कम अवधि का नोटिस देकर टर्मिनेट कर दिया और इसके बाद खाली हुई कई पोजिशंस पर भारत से H-1B वीजा पर आए वर्कर्स को रखा था। Wall Street Journal की एक रिपोर्ट के अनुसार, 20 से अधिक वर्कर्स ने इक्वल एंप्लॉयमेंट ऑपर्च्युनिटी कमीशन (EEOC) के पास शिकायत दर्ज कराई है। अमेरिका की यह कानून प्रवर्तन एजेंसी वर्कप्लेस पर भेदभाव को गैर कानूनी करार देती है। 

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी के इन अमेरिकी वर्कर्स का दावा है कि उन्हें आयु और जाति जैसे गुणों के आधार पर निशाना बनाकर कानूनों का उल्लंघन किया गया है। इनका कहना है कि कंपनी की ओर से की गई कार्रवाई से अमेरिका में H-1B वीजा पर आए भारत के वर्कर्स को प्राथमिकता दी गई थी। इस बारे में कंपनी के प्रवक्ता ने कहा था, "TCS के गैर कानूनी तरीके से भेदभाव करने के आरोप गलत और भ्रामक हैं। कंपनी का अमेरिका में समान अवसर देने वाले एंप्लॉयर के तौर पर मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है।" 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Software, Demand, TCS, Workers, Market, Results, Office, Visa, Policy, CEO, Variable Pay, America
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में अगले सप्ताह नया प्रोडक्ट लॉन्च कर सकती है Tesla
  2. Oppo F33 Pro में मिलेगी 7,000mAh की बैटरी, Google Play Console पर हुई लिस्टिंग
  3. पॉपुलर ट्रैवल बुकिंग ऐप पर साइबर अटैक, WhatsApp पर टारगेट हो रहे हैं यूजर्स!
  4. VinFast की VF MPV 7 में मिलेगी 60.1 kWh की बैटरी, 15 अप्रैल को लॉन्च
  5. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकती है 5,000mAh की बैटरी
  6. 120 इंच स्क्रीन साइज से घर बनेगा मिनी थिएटर! Portronics Beem 570 प्रोजेक्टर भारत में लॉन्च
  7. Apple के फोल्डेबल स्मार्टफोन में क्रीज-फ्री डिस्प्ले के लिए हो सकता है स्पेशल एडहेसिव का इस्तेमाल
  8. 6000mAh से बड़ी बैटरी के साथ आ रहे हैं Redmi के 2 नए फोन, फुल स्पेसिफिकेशन्स कन्फर्म!
  9. Ai+ Nova 2 की सेल शुरू, 6000mAh बैटरी वाले बजट 5G फोन को यहां से खरीदें
  10. Samsung Galaxy M47 में मिल सकता है सुपर AMOLED डिस्प्ले, जल्द हो सकता है लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »