Reliance की Jio Platforms जल्द लॉन्च कर सकती है सैटलाइट इंटरनेट सर्विस

इस सर्विस को उपलब्ध कराने के लिए Jio Platforms ने लग्जमबर्ग की SES के साथ ज्वाइंट वेंचर Orbit Connect बनाया है

Reliance की Jio Platforms जल्द लॉन्च कर सकती है सैटलाइट इंटरनेट सर्विस

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम देने में लाइसेंसिंग का प्रोसेस हो सकता है

ख़ास बातें
  • सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए Inmarsat को भी अप्रूवल मिला है
  • Starlink और एमेजॉन की Kuiper ने भी इसके लिए आवेदन किया है
  • एमेजॉन की योजना Kuiper में लगभग 10 अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की है
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टेलीकॉम से लेकर पेट्रोलियम तक के बिजनेस से जुड़ी Reliance Industries की Jio Platforms जल्द देश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लॉन्च कर सकती है। इसके लिए Jio Platforms ने लग्जमबर्ग की SES के साथ ज्वाइंट वेंचर  Orbit Connect बनाया है। 

बिलिनेयर Elon Musk की Starlink और ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon की एक यूनिट ने भी देश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लॉन्च करने के लिए अप्रूवल मांगा है। Orbit Connect को इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) से इसके लिए अप्रूवल मिला है। इससे Orbit Connect देश के आसमान में सैटेलाइट्स को ऑपरेट कर सकेगी। हालांकि, यह सर्विस शुरू करने के लिए कंपनी को टेलीकॉम डिपार्टमेंट से अप्रूवल हासिल करना होगा। IN-SPACe के चेयरमैन, Pawan Goenka ने Reuters को बताया कि हाई-स्पीड सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस के लिए एक अन्य कंपनी Inmarsat को भी अप्रूवल दिया गया है। 

Starlink और एमेजॉन की Kuiper ने भी इसके लिए आवेदन किया है। पिछले वर्ष Bharti Enterprises से जुड़ी Eutelsat को इस सर्विस के लिए अप्रूवल मिल गए थे। देश का सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस मार्केट अगले पांच वर्षों में 36 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़कर लगभग 1.9 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है। एमेजॉन की योजना Kuiper में लगभग 10 अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की है। 

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज शुरू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेने के साथ ही कई मिनिस्ट्रीज से अप्रूवल लेने होते हैं। पिछले वर्ष इंडिया मोबाइल कांग्रेस में रिलायंस जियो ने बताया था कि उसने दूरदराज के चार क्षेत्रों को अपनी JioSpaceFiber सर्विस से कनेक्ट किया है। ये क्षेत्र गुजरात में गिर, छत्तीसगढ़ में कोरबा, ओडिशा में नबरंगपुर और असम में जोरहाट, ONGC हैं।  सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम देने में लाइसेंसिंग का प्रोसेस हो सकता है। इससे ये सर्विस देने वाली कंपनियों को स्पेक्ट्रम के लिए बिड नहीं देनी होगी। यह Starlink के लिए फायदेमंद हो सकता है। विदेशी इंटरनेट सर्विस कंपनियों ने इस स्पेक्ट्रम के लिए लाइसेंस देने की डिमांड की थी। इन कंपनियों का मानना है कि अगर भारत में इसके लिए नीलामी होती है तो अन्य देशों में भी इस प्रोसेस को लागू किया जा सकता है। इससे इन कंपनियों की कॉस्ट में बढ़ोतरी हो सकती है। 


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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