प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी बनाने के लिए सेमीकंडक्टर को रणनीतिक क्षेत्र के तौर पर स्थान दिया है
इस वर्ष इस प्लाट में सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली और टेस्टिंग शुरू होने का अनुमान है
भारत में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। गुजरात में विशेषतौर पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को प्रायरिटी दी जा रही है। इसी कड़ी में Micron Technology के गुजरात में साणंद के प्लांट में 12 घंटे की वर्क शिफ्ट की अनुमति दी गई है। हालांकि, इसमें वर्कर्स के लिए एक सप्ताह में कुल वर्किंग आवर 48 घंटे से अधिक नहीं होंगे।
गुजरात सरकार ने ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OHS) कोड के प्रावधानों के तहत यह अनुमति दी है। यह कोड राज्य सरकारों को आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों के साथ कुछ परिस्थितियों में फैक्ट्रियों को तय प्रावधानों से छूट देने का अधिकार देता है। हालांकि, इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि कर्मचारियों के साप्ताहिक कार्य के घंटे तय लिमिट से अधिक न हों। गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने कहा, 'ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड का मुख्य उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ कम्प्लायंस को प्रोत्साहन देना है। इस कोड में सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे के वर्क का प्रावधान है। इसके साथ ही राज्य सरकार को फैक्ट्रियों के संदर्भ में छूट देने का अधिकार भी दिया गया है। गुजरात सरकार ने राज्य के व्यापक सार्वजनिक हित, आर्थिक विकास और रोजगार की संभावना को ध्यान में रखते हुए इस प्रावधान का उपयोग किया है।' उन्होंने बताया कि किसी इंडस्ट्रियल यूनिट को वर्कर्स के लिए 12 घंटे की शिफ्ट रखने के लिए सरकार से पूर्वानुमति लेना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी बनाने के लिए सेमीकंडक्टर को रणनीतिक क्षेत्र के तौर पर स्थान दिया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश में सबसे आकर्षक निवेश का केन्द्र बन रहा है जहां फैब्रिकेशन, असेंबली, पैकेजिंग, टेस्टिंग और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में लगातार निवेश हो रहा है। सेमीकंडक्टर्स का इस्तेमाल स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी बहुत सी इंडस्ट्रीज में होता है।
माइक्रोन टेक्नोलॉजी का साणंद प्लांट कंपनी के इंटरनेशनल मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में पांच लाख स्क्वेयर फीट से अधिक का क्लीनरूम क्षेत्र शामिल होगा। इस वर्ष इस प्लाट में सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली और टेस्टिंग शुरू होने का अनुमान है। अगले वर्ष से इस प्लांट की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी करोड़ों सेमीकंडक्टर चिप्स तक पहुंच सकती है।
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