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बम की झूठी धमकियों को लेकर सख्त हुई सरकार, सोशल मीडिया कंपनियों को जारी की एडवाइजरी

इन झूठी बम की धमकियों का स्तर बहुत अधिक बढ़ा है। इसमें फॉरवर्डिंग, री-शेयरिंग, री-पोस्टिंग और री-ट्वीटिंग जैसे सोशल मीडिया के फंक्शंस से मदद मिली है

बम की झूठी धमकियों को लेकर सख्त हुई सरकार, सोशल मीडिया कंपनियों को जारी की एडवाइजरी

यह गलत जानकारी एयरलाइंस के कामकाज और हवाई यात्रियों एक बड़ी रुकावट है

ख़ास बातें
  • इन झूठी बम की धमकियों का स्तर बहुत अधिक बढ़ा है
  • ये धमकियां अक्सर सोशल मीडिया के जरिए दी जाती हैं
  • इससे एयरलाइंस के कामकाज पर असर पड़ता है
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देश में पिछले कुछ दिनों में विमानों में बम रखने की झूठी धमकियां दी जा रही हैं। इसे लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने एडवाइजरी जारी कर विभिन्न एयरलाइंस को मिल रही बम की झूठी धमकियों पर लगाम लगाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों सहित इंटरमीडियरीज की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया है। 

इस एडवाइजरी में कहा गया है कि सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को IT एक्ट,  IT (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 का पालन करना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर को बरकरार रखने के लिए अवैध कंटेंट को तुरंत हटाने की जरूरत है। एयरलाइंस को बम की झूठी धमकियां जैसे दुर्भावना वाले कार्य सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर के लिए खतरा हैं। इस तरह के खतरे बड़ी संख्या में नागरिकों को प्रभावित करने के साथ ही देश की आर्थिक सुरक्षा को भी अस्थिर करते हैं। 

इन झूठी बम की धमकियों का स्तर बहुत अधिक बढ़ा है। इसमें फॉरवर्डिंग, री-शेयरिंग, री-पोस्टिंग और री-ट्वीटिंग जैसे सोशल मीडिया के फंक्शंस से मदद मिली है। यह गलत जानकारी एयरलाइंस के कामकाज, हवाई यात्रियों और पब्लिक ऑर्डर के लिए बड़ी रुकावट है। इसके मद्देनजर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सहित इंटरमीडियरीज की इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के तहत सतर्कता बरतने और सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर को प्रभावित करने वाली गलत जानकारी को तुरंत हटाने की जवाबदेही है। 

इस बारे में मिनिस्ट्री का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सहित इंटरमीडियरीज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इन इंटरमीडियरीज को गलत जानकारी को तुरंत हटाना चाहिए और बम की धमकियों अवैध कंटेंट तक पहुंच को निर्धारित समयसीमा में बंद करना चाहिए। इसके साथ ही इंटरमीडियरीज को ऐसी गतिविधियों की रिपोर्ट देनी चाहिए जिससे देश की एकता, संप्रभुता, सुरक्षा या आर्थिक स्थिरता को जोखिम हो सकता है। इन इंटरमीडियरीज को सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए। इसके साथ ही जांच या सायबर सिक्योरिटी के प्रयासों के लिए जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। इन इंटरमीडियरीज को यह सुनिश्चित करना होगा कि ये तुरंत और 72 घंटे की समयसीमा में किया जाए। बम की झूठी धमकियों की जांच में कुछ गिरफ्तारियां भी की गई हैं। 


 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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